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कर्क राशि पर गुरू के घर परिवर्तन का प्रभाव (Impact of Jupiter’s Transit Into Aquarius on Cancer Sign)

गुरू के घर परिवर्तन को ज्योतिषशास्त्र में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह सभी ग्रहों का गुरू होने के साथ ही साथ शुभ ग्रह भी है. इनके घर परिवर्तन से विवाह, संतान, ज्ञान, विद्या, आजीविका, स्वास्थ्य सहित धार्मिक विषय प्रभावित होते हैं. इस तरह जीवन के हर पहलू को गुरू प्रभावित करता है.

जातक को शारीरिक रुप से कुछ बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं उसके शरीर में चर्बी की अधिकता भी हो सकती हैं. खान पान को लेकर स्वाद में भी थोड़े बदलाव अनुभव किए जा सकते हैं. इस समय व्यक्ति खुद को ओरों से बेहतर भी समझ सकता है. इस समय व्यक्ति का धार्मिक पक्ष अधिक मजबूत होता है. उसे ऐसे स्थानों पर जाने को मिलता है जहां का माहौल कुछ आध्यात्मिकता से जुड़ा हुआ होता है.

पिता और वरिष्ठ लोगों की ओर से सहायता प्राप्त होगी. कुछ मामलों में आप आलस्य की स्थिति को दिखाने वाले रह सकते हैं, अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके प्रयास पूर्ण रूप से सफल नहीं हो पाएंगे. भाग्य की मदद से आपके जीवन में किसी भी तरह का बदलाव दिखाई दे सकता है.


पंचम भाव पर प्रभाव

गुरु की पंचम भाव पर दृष्टि होने पर जातक अपनी शिक्षा से संबंधित बदलाव देख सकता है. जो छात्र अपनी उच्च शिक्षा के लिए प्रयास कर रहे होते हैं उन्हें इस समय के दौरान अवसर मिल सकते हैं. वह अपनी उच्च शिक्षा के लिए अगर अपनी ओर से भी थोड़ी मेहनत करता है, तो उसके लिए सफलता की सीढ़ी तय करना सरल हो जाता है. गुरु का ज्ञान का कारक है और पंचम भाव इसी ज्ञान को आगे विस्तार देने में सहयोग देता है. पढ़ाई, बौद्धिक क्षमता का प्रभाव इस समय और प्रखर होता है.

गुरु की दृष्टि का प्रभाव संतान क्षेत्र पर भी आता है. जो दंपति संतान की इच्छा रखे हुए होती है, उसे इस समय पर संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है. इसी के साथ जिन लोगों की संतान है उन्हें भी अपनी संतान की ओर से कोई अच्छी खबर और सहयोग की प्राप्ति भी होती है.

गुरु कि दृष्टि इस स्थान पर पड़ने पर प्रेम की प्राप्ति का आधार भी मिलता है. पंचम भाव प्रेम का भाव भी कहा जाता है. रोमांस लव अफेयर्स को इसी भाव से समझा जाता है. ऐसे में इसके एक्टिव होने पर जातक के जीवन में प्रेम का आरंभ हो सकता है, जातक का झुकाव किसी की ओर बहुत अधिक प्रभावशाली रुप में बढ़ सकता है. अत: गुरु का ये गोचर जातक के जीवन में प्रेम संबंधों को लाने वाला भी कहा जा सकता है.

यह भाव जातक के धार्मिक रुप को भी उजागर करता है. इस समय पर मंत्र साधना एवं भक्ति उपासना के क्षेत्र में भी व्यक्ति को सहायता प्राप्त होती है.


सातवें भाव पर गुरु की दृष्टि प्रभाव

सातवें भाव पर दृष्टि के प्रभाव जातक के वैवाहिक संबंधों पर असर डालता है. जिन लोगों के विवाह के संबंधित विचार चल रहा होता है, वह इस समय में विवाह संबंधों में बंध कर सकते हैं. दांपत्य जीवन और वैवाहिक संबंधों के आरंभ की स्थिति को बृहस्पति का प्रभाव मिलता है. प्रेम संबंधों की परिणीति भी विवाह में हो सकती है.

इस भाव का संबंध कारोबार से भी होता है, ऐसे में अगर कोई व्यक्ति काम में अपने बदलाव को करने का सोच रहा होता है तो इस समय पर वह उस बदलाव की शुरुआत देखता है. यहां व्यक्ति पार्टनर्शिप के कामों में भी हाथ आजमाने की कोशिश करता है.


आजीविका पर प्रभाव (Jupiter’s Transit and Business for Cancer )

आजीविका के क्षेत्र में आपके लिए उचित होगा कि सहकर्मियों से मधुर सम्बन्ध बनाये रखें तथा मेहनत व ईमानदारी से अपने कार्य पर ध्यान दें. आपके लिए यह भी जरूरी होगा कि अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें व किसी से अप्रिय न बोलें. कोई आपकी छवि को धूमिल करने की भी कोशिश कर सकता है अत: सावधान रहना हितकर होगा. किसी महत्वपूर्ण कार्य में अचानक से बाधाओं का भी सामना करना पड़ सकता है. अगर आप व्यापार करते हैं तो इस समय आपको अपने व्यवसाय पर अधिक व्यय नहीं करना चाहिए.


आर्थिक विषयों पर प्रभाव (Jupiter’s Transit and Finance for Cancer )

आर्थिक विषयों में भी आपको उतार-चढ़ाव की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. प्रोपर्टी से आपको लाभ मिल सकता है. पैतृक सम्पत्ति से भी सुख प्राप्त होगा. घर में नई वस्तुओं की ख़रीददारी हो सकती है कोई नया वाहन एवं कुछ निर्माण इत्यादि बदलाव भी देखने को मिल सकता है.


परिवार पर प्रभाव (Jupiter’s Transit and Family for Cancer )

इस समय पारिवारिक विषयों को प्रेम व समझदारी से हल करना चाहिए. बातचीत में नम्रता व आत्मिय भाव प्रकट करना चाहिए इससे पारिवारिक सुख शांति बनी रहेगी तथा सगे-सम्बन्धियों से भी मधुर सम्बन्ध बने रह सकते हैं साथ ही परिवार में वृद्धि के संकेत भी दिखाई देते हैं. इस समय के दौरान व्यक्ति को अपनी ओर से जो भी प्रयास किए जाएं उनमें दूसरों की सहमती को साथ लेकर चलने से शुभ फलों की प्राप्ति संभव हो पाती है.


स्वास्थ्य एवं अन्य विषयों में गुरू के घर परिवर्तन का प्रभाव (Jupiter’s Transit and Health for Gemini)

इस समय आपको अनावश्यक रूप से काफी भाग-दौड़ करनी पड़ सकती है. आप आशा-निराशा के भंवर में फंस सकते हैं जिससे आपको स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. सेहत पर असर देखने को मिलता है. मानसिक रुप से विचारों में भी बदलाव आ सकता है, मोटापा या मधुमेह जैसे रोग प्रभाव डाल सकते हैं. इसके अलावा अगर गुरु जन्म कुण्डली में शुभ है और गोचर में भी शुभ स्थिति में किसी पाप ग्रह के प्रभाव से मुक्त होगा तो व्यक्ति को अपने रोग से मुक्ति भी मिल सकती है.


उपाय

गुरु के गोचर का प्रभाव मिले जुले परिणाम देने वाला होता है. यह गोचर कैसा प्रभाव अधिक रुप से देगा, यह कहना कठिन है क्योंकि जन्म कुण्डली में ग्रहों की स्थिति ओर दशा किस प्रकार की है उन सभी बातों पर गुरु का पल निर्धारित करता है.

गुरु की शुभता पाने एवं नकारात्मक प्रभावों को कम करने. जीवन में आने वाली परेशानियों में कमी लाने के लिए गुरूवार के दिन नवग्रह सूक्त का पाठ करना चाहिए. गुरूवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा घी का दीपक जलकर करना बहुत उत्तम होता है. इसके साथ ही गुरु के मंत्र जाप द्वारा भी शुभ फलों की प्राप्ति संभव हो पाती है.

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