आज हम अंको के सिंक्रनाईजेशन के बारे में बात करेगें. अंक किस तरह से एक - दूसरे के साथ तालमेल बिठा सकते हैं और किस तरह से नहीं, सभी नौ अंको को तीन मुख्य समूहो में बांटा गया है. पहले समूह में 1,2,4,7 अंक आते हैं. दूसरे समूह में 3,6,9 अंक आते
आज हम अंक 22 के बारे में बात करेगें. आपके नाम की स्पेलिंग अथवा आपके जन्म तारीख का कुल जोड़ अगर 22 आता है तब आपको इसे दुबारा नहीं जोड़ना है. इसे 22 के रुप में ही लेना है. 2+2=4 नहीं करना है. इस अंक का संबंध आध्यात्मिक शक्तियो से माना गया
आज हम कार्मिक नंबर 11 की बात करेगें. आपके नाम की स्पेलिंग कि हिज्जो का जोड़ यदि 11 आए या आपकी जन्म दिन 11 को पड़े अथवा आपके जन्म तारीख की सभी संख्याओ का जोड़ 11 आता है तब आप इस अंक को ऎसे ही लेगें. इसे 1+1 = 2 नहीं करेगें. यह बहुत ही शुभ
हम अंको के वर्गीकरण के बारे में चर्चा करेगें. वैसे तो अंकशास्त्र में कई प्रकार से अंको का विभाजन किया गया है लेकिन यहाँ आज हम केवल दो ही प्रकार के वर्गीकरण के बारे में बात करेगें. विषम राशि और सम राशि. विषम राशियों और सम राशियों की
1 से 8 तक के अंकों की चर्चा अब तक हम पिछली वेबकास्ट में कर चुके हैं आज हम अंक नौ की बात करेगें. अंक नौ में सभी अंको का समावेश माना जाता है. यह सभी अंको में सबसे बड़ा और शक्तिशाली माना जाता है. इसमें तीन का गुणांक तीन बार आता है अर्थात
आपका जन्मदिन अगर 11 तारीख को आता है तब आपके भीतर अंक 11 की विशेषताएँ तो आएंगी ही साथ ही आपके अंदर अंक एक और अंक दो की विशेषताएँ भी देखने को मिलेगी क्योंकि अंक 11 में एक भी आता है और 11 को 1+1 करने पर अंक दो मिलता है. इस प्रकार आपका जन्मदिन
जिस दिन व्यक्ति का जन्म होता है तब उस दिन के अंक की विशेषता उसके व्यक्तित्व में दिखाई देती है. अंक शास्त्र में 1 से 9 अंको तक की ही गणना की जाती है लेकिन आज हम 9 से आगे बढ़कर 10 तारीख के दिन पैदा हुए जातको की विशेषताओं के बारे में बात
अंक शास्त्र में बहुत सी बातों का आंकलन किया जाता है. यदि हम सूक्ष्मता से इस विद्या का उपयोग करें तब हमें बहुत सी बातों का सही फलकथन कर सकते हैं. इस विद्या में बहुत सी बातों को स्पष्ट रुप से देखा जा सकता है. जिस तरह से जन्म कुण्डली के
आज हम अंक आठ की बात करेगें. इस अंक का स्वामी ग्रह शनि है. शनि के बारे में बहुत सी भ्रांतियां लोगो के बीच फैली हुई हैं लेकिन ये सच नहीं हैं. शनि को न्याय का ग्रह कहा जाता है इसलिए इस ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता है.
अंकशास्त्र में बहुत सी बातों का अधय्यन किया जाता है. इस विद्या का एक सीधा सा नियम है, जिसके अनुसार आपके नाम के अंको का कुल जोड़ या आपकी जन्म तारीख के अंको का कुल जोड़ आपकी किसी भी महत्वपूर्ण बात या घटना से अच्छा तालमेल बनाता है तब वह आपके
अब तक हम आपके सामने अंक एक, दो, तीन, चार, पांच और छ: के बारे में चर्चा कर चुके हैं. इन अंको से संबंधित व्यक्तियो के अच्छे व बुरे दोनो ही पहलुओ के बारे में हमने बताने का प्रयास किया है. आज इसी श्रृंखला में हम अंक सात के बारे में चर्चा
अंकशास्त्र में हर अंक एक विशेष ऊर्जा का प्रवाह करता है. हर अंक के अपने कुछ सकारात्मक और नकारात्मक पहलू होते हैं. जन्म के समय हर बच्चे के साथ कुछ खास ऊर्जा आती हैं. जिनके आधार पर वह जीवन में सफलता अथवा विफलता पाता है. इसके अलावा जन बच्चे का
अंक पांच का स्वामी ग्रह बुध को माना गया है और बुध को ग्रहो का राजकुमार माना जाता है. हर समय यह बली रहता है. बहुत से गुणो तथा अवगुणो से भरा होता है लेकिन फिर भी अंक पांच के जातको की कुछ अपनी विशेषताएँ होती है जो इसे बाकी अंको के जातको से
अंक शास्त्र का अगर सूक्ष्मता से अध्ययन किया जाए तब व्यक्ति विशेष के बारे में बहुत सी बाते उजागर होती हैं. हर अंक का अपना महत्व माना गया है. आज हम दिल के नंबर के बारे में बात करेगें. हर व्यक्ति का अपना हर्ट नंबर होता है. हर नंबर के व्यक्ति
हम अंक 4 के जीवन से संबंधित सभी पहलुओ पर बात करने का प्रयास करेगें. अंक चार के व्यक्ति की क्या विशेषताएँ होती है, उसकी कमियाँ क्या है और किन क्षेत्रो में वह सफलता हासिल कर सकता है आदि बातो का वर्णन आज हम आप सभी के सामने प्रस्तुत करेगें.
अंक शास्त्र में को गूढ़ विद्याओ में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है. हर अंक के पीछे एक रहस्य छिपा है जिसका सीधा संबंध अलौकिकता से है. हरेक अंक की अपनी स्वतंत्र और विशेष ऊर्जा होती है. सभी नौ अंको की ऊर्जा एक - दूसरे से टकराती है. अंको के समूह
सदियो पहले से मनुष्य अंको के महत्व को समझता आ रहा है. जब बच्चे का नामकरण किया जाता है तब उसके नाम का प्रभाव उसके व्यक्तित्व तथा चरित्र पर और जीवन में होने वाली घटनाओ पर स्पष्ट झलकता है. अंक 3 की विशेषताएँ | Characteristics of Life Number 3
जब माता-पिता अपने बच्चे का नामकरण करते हैं तब उम्र भर के लिए वही नाम उसकी सबसे बड़ी विशेषता बन जाता है. नाम होगा या बदनाम होगा, दोनो ही सूरतो में नाम का महत्व होगा. व्यक्ति का नाम उसके जीवन के भूत, वर्तमान तथा भविष्य की कहानी सुनाता है.
अंक शास्त्र में सभी अंकों का अपना - अपना महत्व माना गया है. आपके नाम की स्पैलिंग के सभी हिज्जो के जोड़ से अंत में जो अंक मिलता है वह आपका नामांक कहा जाता है. अंक दो के सकारात्मक पहलू | Positive Traits of Life Number 2 आपके नाम के हिज्जो के
सभी अंको का अपना विशिष्ट महत्व माना गया है. हर एक अंक का संबंध शरीर के एक विशेष भाग और बीमारी से बनता है. आइए जाने कि किस अंक का संबंध किस विकार से है और उससे कैसे बचा जा सकता है. अंक छ : और आपका स्वास्थ्य | Life number 6 and Health अंक