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कुम्भ राशि में गुरू के गोचर का सिंह राशि पर प्रभाव (Impact of Jupiter’s Transit Into Aquarius on Leo Sign)

सिंह राशि के जातक के लिए गुरु का कुम्भ राशि में गोचर जातक को बहुत से बदलावों को देने वाला होता है. जब गुरु कुम्भ राशि में प्रवेश करेगा तो सिंह राशि से सातवें घर में गोचर करेगा. गुरू का यह गोचर लगभग 1 वर्ष तक प्रभाव देने वाला होगा. इस राशि में होगा. इस दौरान गुरू की स्वर्ण स्थिति रहेगी जो आपके लिए बहुत शुभ फलदायी होगा.

गोचर की अवधि में यह समय में धार्मिक पक्ष को मजबूती देगा, सामाजिक स्तर पर नए लोगों के साथ मुलाकातें होंगी. इस दौरान जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में आपको सुखद अनुभूति होगी जैसे आपके जीवन में होने वाले घटनाक्रम तेजी से बदलते हैं. किसी न किसी रुप में जीवन में होने बदलाव आपको प्रभावित करेगा.

सिंह राशि वालों के गुरु एक मित्र स्वरुप है ऎसे में गुरु का प्रभाव सिंह के लिए शुभता को भी बढाते हुए दिखा सकता है. नए स्थानों और नए लोगों के साथ मेल-जोल के अवसर मिलते हैं. सिंह राशि के जातकों के लिए यह गोचर मुख्य रुप से विवाह और लोगों के साथ संबंधों को लेकर अधिक प्रभावशाली होगा.


आजीविका (Jupiter’s Transit and Business for Leo)

रोजगार के विषय में जातक के लिए बहुत ही अच्छा समय रह सकता है. अब-तक नौकरी अथवा व्यवसाय में जिन परेशानियों से गुजरना पड़ा है अब वे परेशानियां खत्म होंगी और कामयाबी की नई राहें खुलेंगी. इस समय जातक को अपनी योग्यता साबित करने का अच्छा अवसर प्राप्त होगा. इस बात की भी संभावना है कि आप कोई महत्वपूर्ण निर्णय अथवा समझौता कर सकते हैं. मान-सम्मान एवं पद प्रतिष्ठा में वृद्धि की भी संभावना रहेगी. गुरू के शुभ गोचरीय प्रभाव के कारण आप आशा और आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे.

विदेशी संस्थानों की ओर से भी जातक को प्रस्ताव मिल सकते हैं. कला या साहित्य, फिल्मों इत्यादि से जुड़े क्षेत्र में भी हाथ आजमाने के अवसर मिल सकते हैं. इन स्थानों से जुड़े लोगों के साथ मेल मिलाप भी होगा. काम के क्षेत्र में कोई बड़ा सम्मान भी मिलने की संभावना प्रबल बनी हुई है. विदेश यात्राओं के भी योग बनने से आपको ट्रैवल का अच्छा अवसर मिल सकेगा. काम-काज के क्षेत्र में जबर्दस्त रुप से बदलाव दिखाई देगा.

कोई नया मौका या नई गतिविधि में अपने को ढालने में आपको थोड़ा समय लग सकता है लेकिन उसमें तरक्की की उम्मीद भी दिखाई देगी. पर ध्यान रखें की कोई भी निवेश ज्यादा में न करें, कम स्तर पर ही होगी. जो लोग किसी नए काम या कोई नौकरी पाने के लिए इंतजार कर रहे होंगे उन्हें कुछ बेहतर मौके मिल सकेंगे. इस समय अगर गुरु वक्री नहीं होगा तो स्थायी रुप से काम कर पाएंगे. जॉब और बिजनेस के लिए आपके द्वारा बनाई गई नीतियों को लागू भी कर पाएंगे.


आर्थिक विषय (Jupiter’s Transit and Finance for Leo)

यह समय आर्थिक दृष्टि से आपके लिए काफी फायदेमंद रह सकता है. आपकी आय में वृद्धि होने के साथ ही लाभ के कई सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे. पिछले कुछ समय में अगर आप आर्थिक कठिनाईयों का सामन कर रहे थे तो आपकी यह कठिनाई दूर होगी. आपने लोन लिया है तो उसे चुकाने में भी सक्षम होंगे. पैतृक सम्पत्ति से सम्बन्धित मुद्दों का भी आपके अनुकूल हल निकलेगा जिससे आपको लाभ मिलेगा.

इस समय के दौरान इस राशि वाले इस साल अपने स्वयं के नए और बड़े मकान में प्रवेश करेंगे. कृषि से जुड़े हुए काम हो या कोई बड़ी संपत्ति जैसे कि फार्म हाउस इत्यादि को खरीदने के संकेत भी दिखाई देते हैं. कोई नया वाहन भी इस समय पर ले सकते हैं. इस समय पर आपकी सामाजिक कामों में भागीदारी भी बढ़ सकती है अभी जो कुछ समय से अलगाव बना हुआ चीजों को लेकर वो अब कुछ समाप्त हो सकता है. आपकी प्रतिष्ठा और सम्मान आपके काम से ही बनेंगे.

कुछ मामलों में जातक अपने मित्र इत्यादि से भी आर्थिक लाभ पा सकता है. इस समय जातक का सहभागिता में किया गया काम भी बेहतर मौके देने वाला होता है. यह गोचर सामाजिक स्तर पर लोगों को जोड़ने का काम करने वाला होता है.


पारिवारिक (Jupiter’s Transit and Family for Leo)

गुरू को विवाह का कारक ग्रह माना जाता है. इस समय यह आपकी जन्म राशि से सातवें घर में गोचर कर रहें हैं जिसे विवाह का घर कहा जाता है. गुरू की यह स्थिति वैवाहिक जीवन के विषय में अत्यंत शुभ रह सकती है. अगर जातक विवाह के इच्छुक है और शादी की बात चल रही है तो इस अवधि में शादी संभव है.

अगर आप पहले से विवाहित हैं और किसी कारण वश आप दोनों के बीच मतभेद के कारण दूरियाँ बढ़ गयी हैं तो इन दिनों आपके बीच सुलह हो सकता है तथा आप दोनों फिर से प्रेम पूर्ण वैवाहिक जीवन का आनंद ले सकते हैं. सगे-सम्बन्धी से भी इन दिनों आपको सहयोग मिलेगा जिससे आपकी कई मुश्किलें आसान होंगी. गुरू के प्रभाव से जातक को अपने संबंधों को सुधारने का मौका भी मिलेगा.

जब तक गुरु वक्री नही होता है तब तक स्थिति में सामंजस्यता दिखाई देगी पर वक्री होने की स्थिति में रिश्तों को सुधारने में समय लग सकते हैं. फिर भी स्थिति बेहतर और सकारात्मक रहेगी.


उपाय (Remedies)

आपके लिए गुरू का गोचर हर तरह से शुभ फलदायी है अत: आपको उपाय की विशेष आवश्यकता नहीं है फिर भी गुरू की शुभता का पूरा लाभ उठाने के लिए गायत्री मंत्र का जप करें, भगवान शिव की पूजा के साथ ही साथ सूर्य नमस्कार करें. गुरू ग्रह की पूजा एवं उपासना से भी फायदा होगा. कुण्डली में शनि और गुरु का गोचर जातक के लिए उसको जीवन में मिलने वाले फलों की पुष्टि करने वाला होता है. गुरु के उपायों से मिलने वाले शुभ फलों की वृद्धि बढ़ जाती है.

इस ग्रह गोचर के दौरान जातक को चाहिए कि परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान करें. माता-पिता से नियमित आशीर्वाद प्राप्त करें.

हल्दी की माला से गुरु के मंत्र का जाप करना भी शुभफल दायक होता है.

आदित्यहृदय स्त्रोत का पाठ करना उत्तम होता है.

नियमित रुप से नारायण कवच का पाठ भी काम काज में शुभ फल देने वाला होता है.

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