सूर्य का मिथुन राशि गोचर 15 जून से 16 जुलाई

सूर्य का मिथुन राशि गोचर 15 जून से 2023 में शुरु होगा, सूर्य का गोचर मिथुन राशि में अनुकूल स्थिति का माना गया है. मिथुन राशि बुध के स्वामित्व की राशि है ऎसे में सुर्य के लिए ये स्थान मित्रवत स्थिति को दर्शाता है. बुद्धज्ञान एवं कुशलता में निखार देखने को मिलता है. कला से संबंधित मामलों में अच्छे प्रदर्शन करने की क्षमता विकसित होती है तथा मान सम्मान प्राप्ति के योग भी निर्मित होते हैं. गोचर के प्रभाव स्वरुप मौसम में भी बदलाव की स्थिति दिखाई देती है. इस समय के दौरान प्राकृतिक रुप से स्थिति में काफी बदलाव होते हैं. 

सूर्य का मिथुन राशि में गोचर नए लोगों से मिलने, नए विचारों को बांटने, नई चीजें सीखने का समय हो सकता है. वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा और बुध को बुद्धि  कहा गया है. ऎसे में इन का साथ आत्मा की बौद्धिकता का उत्तम स्तर भी दिखाई देता है. राशियों के लिए ये समय विशेष होता है. सुर्य और बुध में मित्रता का भाव देखने को  मिलता है. सूर्य के मिथुन राशि में गोचर के दौरान मौसम में बदलाव दिखाई देने लगता है  शुरू हो जाता है. इस दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है क्योंकि संक्रमण तेजी से फैल सकता है. दुनिया की अर्थव्यवस्था में भी उतार-चढ़ाव होता है. कुछ स्थानों पर संचार बाधित हो जाता है, मिथुन राशि में सूर्य नेटवर्किंग बनाने, अपने लेखन, मीडिया या संचार को शुरू करने, छोटी यात्राओं पर जाने और नए स्थानों और रुचियों की खोज करने का एक अच्छा समय बनता है.

सूर्य के मिथुन राशि में गोचर का सभी राशि पर प्रभाव 

मेष राशि

मेष राशि के लिए सूर्य पराक्रम एवं भाई-बहनों के तीसरे भाव में गोचरस्थ होगा. इस समय पर छोटी दूरी की यात्रा और संचार के काम अच्छे रह सकते हैं. सूर्य का मिथुन राशि में गोचर संतान को लेकर थोड़ा चिंता दे सकता है. निजी जीवन में आपका समय खुशनुमा और मजेदार बीतेगा. व्यापार और मार्कटिंग से जुड़े काम बेहतर मुनाफा दिला सकते हैं. यात्रा उत्साहजनक रहने वाली होगी. छात्रों को शिक्षा को लेकर अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे. इस अवधि के दौरान रचनात्मक पक्ष का जागेगा, बिक्री, विपणन, मीडिया या पत्रकारिता से संबंधित व्यवसायों में लाभ का समय होगा. कुछ मस्ती ओर साहसिक कार्य भी कर सकते हैं. भाई बंधुओं के साथ मिलाजुला असर आप को प्रभावित करने वाला होगा. संचार एवं नेतृत्व क्षमता अच्छी होगी, जो लोग खेल इत्यादि के क्षेत्र में हैं उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा. 

वृषभ राशि 

सूर्य चतुर्थ भाव का स्वामी होने के कारण धन, परिवार और संचार के दूसरे भाव में गोचरस्थ होंगे. सूर्य का गोचर आपके कुटुम्ब और परिवार में मुख्य रुप से असर डालने वाला होगा. घर पर कुछ बदलाव कर सकते हैं. निर्माण के काम में कुछ पैसा खर्च हो सकता है. संपत्तियों या अचल संपत्तियों में निवेश करने में भी सोच विचार कर सकते हैं. धन आपको प्राप्त हो सकता इसके अलावा परिवार में किसी के सहयोग से धन लाभ मिल सकता है. अपने परिवार और प्रियजनों के साथ समय बिताने की ओर अधिक झुकाव रह सकता है.  वाणी में अधिकार और सख्त लहजा देखने को मिल सकता है इसलिए अपनी बोलचल में मिठास को शामिल करें ओर बहुत अधिक दबाव बनाने से बचना चाहिए. आपको दूसरों के साथ व्यवहार करते समय बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए अपनी व्यवहार कुशलता को नियंत्रण रखने की आवश्यकता होगी. कार्यक्षेत्र में आप नेतृत्व कर सकते हैं. अधिकारियों से सहयोग मिल सकता है, व्यापार से जुड़े लोगों को सौदों और बातचीत से लाभ मिलेगा. सेहत के लिहाज से चेहरे, आंखों से जुड़ी समस्याओं को लेकर सावधान रहने की जरूरत है. संक्रमण से बचने के लिए खान-पान में ध्यान रखें.

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लिए सूर्य तीसरे भाव का स्वामी होते हैं और इस समय मिथुन राशि में ही गोचरस्थ होंगे. लग्नस्थ स्थान पर सूर्य का गोचर आपके व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाला होगा. आप खुद के पहनावे, सोच विचार तथा व्यवहारकुशलता को बेहतर कर पाने में सफल भी होंगे. इस गोचर के दौरान, अपनी संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए नए कदम उठाने के इच्छुक होंगे. छात्रों के लिए बेहतर समय होगा. अपने शोद्ध कार्यों को बेहतर तरीके से कर पाने में सक्षम हो सकते हैं. आप अपने मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत कर पाएंगे. कुछ यात्राएं पर अभी होंगी. अचानक से धन खर्च की स्थिति एवं यात्रा पर भी अधिक पैसा खर्च कर सकते हैं. जहां तक ​​करियर का सवाल है, काम और जिम्मेदारियों का बोझ अधिक हो सकता है. व्यापार पर चीजें आपके लिए संतोषजनक रह सकती हैं. जीवन साथी के साथ आपके वैचारिक मतभेद हो सकते हैं. प्रेम संबंधों में विश्वास को बल प्राप्त होगा. जीवन शक्ति का आनंद लेंगे इसलिए अपने शरीर की उचित देखभाल कर पाने में भी सक्षम होंगे. इस समय मनमर्जी को लेकर सजग रहने की जरुरत होगी. अहंकार को नियंत्रण में रखने की सलाह दी जाती है, अन्यथा, संबंधों में उतार-चढ़ाव पैदा होने में देर नहीं लगेगी. 

कर्क राशि 

कर्क राशि के लिए सूर्य द्वितीय भाव का स्वामी सूर्य होकर इस समय पर बारहवें भाव में गोचर करने वाले हैं. यह भाव व्यय, मोक्ष और हानि का भाव है ऎसे में स्थिति परेशानी और चिंता को दे सकती है. कर्क राशि के लिए ये समय सेहत के साथ साथ अपने कार्यों में संभल कर आगे बढ़ने की आवश्यकता होगी. सेहत के लिहाज से सिरदर्द, बुखार, स्वास्थ्य और आंखों की समस्याओं से संबंधित कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.आपको विदेशी लाभ भी इस समय पर मिल सकता है. बहुराष्ट्रिय कंपनियों में कार्यरत लोगों के लिए समय बेहतर हो सकता है. इस समय नए लोगों के साथ मेल जोल भी होगा. लम्बी यात्राएं भी कर सकते हैं.कुछ बड़ा निवेश करना अभी अधिक अनुकूल न रह पाए इसलिए अधिक इनवेस्टमेंट करने से बचने की सलाह दी जाती है. निवेश करने से पहले उचित प्रकार से चीजों की जांच कर लेना अधिक बेहतर होगा. दूसरों पर अधिक भरोसा न करना ही उचित होगा. कुछ चीजें आपको निराश कर सकती हैं. किसी भी गलतफहमी से बचने के लिए आपको अपने जीवनसाथी के साथ उचित संवाद बनाए रखने की आवश्यकता है. अपने खाने की आदतों पर नियंत्रण रखें और एक उचित आहार बनाए रखें स्वास्थ्य जांच के लिए जाना बुद्धिमानी होगी. मध्यम आयु वर्ग और उससे अधिक उम्र के पुराने स्वास्थ्य मुद्दों से परेशान हैं और उन्हें विविधताओं के बारे में जागरूक होने के लिए नियमित जांच की आवश्यकता है.

सिंह राशि 

सिंह राशि के के लिए सूर्य इन्ही के स्वामी भी हैं अर्थात पहले घर के स्वामी हैं. इस गोचर के दौरान सूर्य का गोचर एकादश भाव में होगा. सिंह राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर मित्र राशि में होने पर बौद्धिकता एवं आर्थिक स्थिति में अलग स्थिति देखने को मिल सकता है. इस समय यह स्थिति आर्थिक जीवन में विभिन्न स्रोतों से लाभ प्राप्त करने की संभावना को बढ़ाने वाला होगा. भाई बंधुओं के साथ आपके संपर्क बढ़ सकते हैं. आप के मेल जोल का समय होगा ओर उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी. सामाजिक रुप से भी आप कुछ मामलों में आगे रह सकते हैं आपकी दक्षता और योग्यता को विस्तार का अवसर भी मिलेगा. इस समय आप अपनी आय को कुछ निवेश भी करने का विचार कर सकते हैं. आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, साथ ही समाज में आपका मान-सम्मान भी बढ़ेगा. प्रेम संबंधों के लिए ये समय थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है. रिश्ते में दूरी या गलतफहमी की स्थिति को भी देख सकते हैं. स्वभाव में जिद्दीपन भी देखने को मिल सकता है. शिक्षा में आप एकाग्रता के साथ अच्छा प्रदर्शन हो सकता है. पारिवारिक जीवन में मित्रों और प्रियजनों के साथ कुछ सहयोग मिल सकता है. कार्यक्षेत्र में प्रमोशन इत्यादि से संबंधित समाचार भी सुनने को मिल सकते हैं. 

कन्या राशि 

कन्या राशि के लिए सूर्य बारहवें भाव का स्वामी होता है. इस समय सुर्य का गोचर दशम भाव को प्रभावित करेगा. सूर्य का यह गोचर आपके कार्यक्षेत्र में अवसर लाने वाला होगा. इस समय बाहरी संपर्क द्वारा आपके काम आगे बढ़ सकते हैं. विदेशी कंपनियों के साथ आप का काम जुड़ सकता है. इस समय आपके करियर में आगे बढ़ने के लिए परिश्रम अधिक करना होगा. नौकरी में  कार्यस्थल पर भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए आपको भागदौड़ भी करनी होगी यात्राओं का समय भी होगा जो काम से संबंधित हो सकती हैं.अधिकारियों के साथ आप के संबंधों का कुछ लाभ मिल सकता है. पारिवारिक जीवन में यह समय आपके माता-पिता के स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है. वाहन इत्यादि का सभंल कर उपयोग करना उचित होगा. इस समय काम और व्यवहार में विशेष ध्यान रखने की जरुरत होगी. काम को पूरा करने के लिए अधिक प्रयास करने की भी आवश्यकता होगी, अपना समय अनावश्यक चीजों पर बर्बाद नही करना ही उचित होगा. 

तुला राशि 

तुला राशि के लिए सूर्य एकादश भाव का स्वामी होता है. इस समय सूर्य नवम भाव को प्रभवैत करने वाला होगा. गोचर का प्रभाव इनकम में वृद्धि देने में सहायक होगा. भाग्य का कुछ सहयोग भी मिलेगा. पारिवारिक जीवन में अपने वरिष्ठ लोगों या पिता का सहयोग आपके लिए लाभदायक होगा. कार्यस्थल पर आपको किसी काम से जुड़ी लंबी यात्रा पर जाना पड़ सकता है. यात्राओं से लाभ पाने की बेहतर संभावनाएं दिखाई दे सकती हैं. धार्मिक कार्यों के प्रति भी झुकाव बढ़ा सकता है जिसके कारण धार्मिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं. भाई-बंधुओं के साथ कुछ बातों को लेकर तर्क अधिक हो सकता है. रिश्ते कुछ प्रभावित भी हो सकते हैं सरकार एवं अधिकारियों से सहयोग और लाभ मिलने की संभावना दिखाई देंगी. 

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि के लिए दशम भाव का स्वामी सूर्य इस समय गोचर में अष्टम भाव पर होगा. सूर्य का यह गोचर वृश्चिक राशि के लिए अनुकूलता में कमी को अधिक दिखा सकता है. स्वास्थ्य की दृष्टि से सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी. बाहर का खाना और ज्यादा मसालेदार खाने से बचना चाहिए. आर्थिक पक्ष कमजोर रह सकता है. किसी भी जोखिम भर निवेश से बचना ही उचित होगा. पैसों का लेन-देन करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरुरत होगी. व्यर्थ के वाद-विवाद से खुद को दूर ही रखें. कार्यस्थल पर अतिरिक्त मेहनत करने से ही फायदा होगा क्योंकि इस समय आपको हर कार्य में मेहनत के बाद ही सफलता मिलेगी इसलिए शुरू से ही अपनी मेहनत और प्रयास जारी रखें.

धनुराशि

धनु राशि के लिए नवम भाव का स्वामी सूर्य होता है. इस गोचर के दौरान सूर्य का सप्तम भाव में असर होगा. सूर्य का प्रभाव इस राशि के विवाहित लोगों, उनके जीवनसाथी और पार्टनरशिप में व्यापार करने वाले लोगों को अधिक प्रभावित करने वाला होगा.  जीवन साथी के साथ कुछ दुरी या अनबन अधिक देखने को मिल सकती है, लेकिन कुछ मामलों में साथी आपके सामाजिक क्षेत्र में विकास के लिए एक अच्छा सहयोगी भी बन सकता है. इस समय संबंधों में अहंकार अधिक देखने को मिल सकता है जिसके परिणामस्वरूप इसका नकारात्मक प्रभाव आपके रिश्ते पर सीधा प्रभाव डालने वाला है. ऐसे में आपको अपने पार्टनर के साथ सही बातचीत के जरिए अपने रिश्ते को बेहतर बनाने की जरूरत होगी. जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर भी कुछ चिंता हो सकती है. साझेदारी से जुड़े व्यापार के लिए अच्छे लाभ प्राप्त हो सकते हैं. कार्यक्षेत्र में प्रगति कर सकते हैं.

मकर राशि

मकर राशि के लिए सूर्य अष्टम भाव का स्वामी होता है और अब यह गोचर के दौरान छठे भाव में होगा. इसलिए इस गोचर के दौरान आपको हर कार्य को पूरा करने के लिए अधिक प्रयास करने की आवश्यकता होगी.  काम में अधिक ऊर्जा की आवश्यकता पड़ने वाली है. विरोधियों के प्रति भी आपको अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होगी. अपने विरोधियों पर विजय पाने में भी पूरी तरह सक्षम होंगे.कार्यक्षेत्र में व्यस्तता रहेगी ओर अपने काम में आप काफी सजग ऊर्जावान दिखाई दे सकते हैं. सहकर्मी आपसे कुछ नाराज हो सकते हैं. ऐसे में आपको विशेष रूप से सलाह दी जाती है कि कार्यक्षेत्र में अपने साहस और आत्मविश्वास को बनाए रखें और किसी भी तरह के नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर हावी न होने दें. लोन या किसी प्रकार के कर्ज का भुगतान कर सकते हैं. कोर्ट केस जैसे मामलों में सफलता मिल सकती है. 

कुंभ राशि

कुम्भ राशि के लिए सूर्य सप्तम भाव के स्वामी होते हैं. इस समय इनके लिए सूर्य का पंचम भाव में गोचर होगा. ऐसे में सूर्य के इस गोचर के प्रभाव से संतान, शिक्षा, प्रेम संबंध, मित्रता इत्यादि पर इसका असर देखने को मिल सकता है. शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं. रिश्तों के मामले में थोड़ी चिंता होगी. संतान को लेकर भी माता-पिता का ध्यान धिक बना रहने वाला है. कुछ मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है. प्रेमी से वाद-विवाद हो सकता है जिसके परिणामस्वरूप प्रेम जीवन में दूरियां देखने को मिल सकती हैं.  स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां परेशान कर सकती हैं.  

मीन राशि

मीन राशि के लिए सूर्य छठे भाव का स्वामी होता है और इस समय गोचर में सूर्य चतुर्थ भाव को प्रभावित करेगा. सूर्य के इस प्रभाव से घर-परिवार में कुछ विवाद की संभावना देखने को मिल सकती है. स्त्री पक्ष के स्वास्थ्य में कुछ गिरावट भी लाएगा. इस दौरान काम काज की अधिकता होगी तथा काम के चलते थकान भी रहेगी. उच्च रक्तचाप एवं हृदय संबंधी परेशानियां अधिक हो सकती हैं इसलिए स्वास्थ्य की उचित देखभाल करनी होगी. कार्यक्षेत्र में कुछ समस्याओं से जूझना पड़ सकता है. मेहनत और सूझबूझ से आप समस्याओं का सामना करने में भी सफल होने वाले होंगे. इस समय जल्दबाजी में कोई निर्णय लिए बिना, आपको किसी भी निर्णय पर उचित विचार-विमर्श के बाद ही पहुंचने की आवश्यकता होगी. भूमि, भवन आदि से लाभ प्राप्त करने का मौका मिल सकता है. व्यवसाय अथवा नौकरी में बदलाव भी देखने को मिलेगा. 

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