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रत्नों का परिक्षण Analysis of Gemstones


सामान्यत: रत्नों की सही परख करना आम व्यक्ति के लिये बेहद कठिन कार्य है. रत्नों की परख करने के लिये सामान्य दिशा निर्देशों का पालन करने पर इस मुश्किल कार्य को सरल बनाया जा सकता है. फिर भी रत्नों पर कुछ प्रयोग करके हम असली व नकली में अन्तर कर सकते है (Differentiation between real and fake Gemstone).

कुछ रत्न बिजली के प्रकाश में पहचाने जाते है. तो कुछ को कृ्त्रिम प्रकाश में नहीं पहचाना जा सकता है. असली - नकली में भेद करने के लिये सामान्य प्रयोगों के साथ-साथ रसायन शाला (analysis of real and fake gemstones through chemistry lab) की सहायता भी ली जा सकती है. सामान्य रुप से रत्नों के असली या नकली में अन्तर करने के निम्न तरीके है

रत्नों में हवा के बुलबुले (Air Bubbles in the Fake Gemstones)

नकली रत्नो में हवा के बहुत छोटे बुलबुले होते है. (real gemstones does not contain air bubbles) ये बुलबुले सामान्य रुप से असली रत्नों में नहीं पाये जाते है. ये बुलबुले गोल व टेढे-मेढे आकार के हो सकते है. रत्नों को जब प्रकाश में देखा जाता है. तो उनके अन्दर के ये बुलबुले सामान्य रुप से नजर आ जाते है. इस गुण के आधार पर दोनों में भिन्नता की जा सकती है.

  • माणिक्य, नीलम, पुखराज ये रत्न नकळी होने पर असली रत्न से वजन में हल्के होते है (fake Ruby, Blue Sapphire and Yellow Sapphire are low in weight than real gemstones). रसायन शाला में इनका परिक्षण करने पर नकली रत्न "ब्रामोफार्म" द्रव्य में तैरते रहते है(fake gemstone floats in the Bramoforma and real place on the bottom). तथा असली रत्न तलह्टी मे बैठ जाते है.

  • असली माणिक्य या नीलम रत्नों में रेशम जैसा मुलायम प्रभाव रहता है. नकली में यह प्रभाव नहीं पाया जाता है.

  • असली रत्न में लाईन आने पर वह चमकदार नहीं होती व टेढी-मेढी भी नहीं होती है (brightness in the real and fake gemstones). इसके विपरीत वह सदैव रहती है. जबकि नकली रत्नों में चमकदार, टेढी-मेढी हो सकती है.

  • असली माणिक्य को देखने पर आंखों को ठंडक देता है. जबकि नकली माणिक्य को देखने पर आंखों को गर्मी का अहसास होता है.

  • (Examine real and fake Coral) असली मूंगे पर हायड्रेक्लोरिक एसेड डालने पर उस पर झाग नजर आता है. पर नकली मूंगे पर यह रसायन डालने पर इस प्रकार का कोई झाग नहीं आता है. इस प्रकार यह प्रयोग असली मूंगे व नकली मूंगे में भेद करने में सहायक होता है.

  • रत्नों के बाजार में कुछ रत्नों का रंग, नकली होता है. इस प्रकार के रत्नों के लिये रंग पद्वति का प्रयोग किया जाता है. इस प्रकार के सभी रत्नों पर अल्कोहल या स्प्रिट डालकर इसका परिक्षण किया जा सकता है (analysis of gemstone by spirit and alcohol). इस परिक्षण में रत्न के नकली होने पर यह कैमिकल डालने पर रत्न का रंग उड जाता है. इस प्रकार असली व नकली में अन्तर स्पष्ट हो जाता है.

  • रत्नों के भीतरी हिस्सों को देखने के लिये बिजली के कृ्त्रिम रंगों का प्रयोग किया जाता है. जैसे अंबर रत्न पर किरण डालने पर वे पारदर्शक (transparency in gemstones) नजर आते है. इन बिजली के रंगों में जब असली माणिक्य को देखा जाता है. तो उसका रंग काला सा दिखाइ देता है. जबकि नकली माणिक्य इन रंगों में अंगारे जैसा प्रतीत होता है.


रत्नों की जांच के अन्य तरीके (Other ways to test Real Gemstones)

  • 1. माणिक्य की जांच (Assessment of Real Ruby)

  • 1. असली माणिक्य को गाय के कच्चे दूध में रखने पर दूध गुलाबी रंग का दिखाई देता है. जबकि नकली माणिक्य इस रंग का नहीं दिखाई देगा.

  • 2. चांदी की थाली में असली माणिक्य को रखकर सूर्य की रोशनी में देखने पर इसमें से चांदी की थाली लाल रंग की दिखाय़ी देखी (place Ruby in the silver plate and keep it in the sun light).

  • 3. कांच के बरतन में माणिक्य रत्न रखने पर कांच का बर्तन भी लाल दिखाई देता है.

  • 4. असली माणिक्य को जब कमल की कली पर रखा जाता है. तो माणिक्य के प्रभाव से कली खीळ जाती है (real Ruby can blossom a lotus flower).


मोती की जांच (Inspection of Real and Fake Pearl)

  • 1. कांच के गिलास में पानी डाल कर उसमें मोती रखा जाता है. अगर इस पानी से किरण निकल रही हों तो मोती को असली समझा जाता है.

  • 2. मिट्टी के बरतन में गौमूत्र डालकर उसमें मोती रखा जाता है. रातभर मोती को इसी बरतन में रखा जाता है. सुबह मोती को देखा जाता है. मोती पर इस उपाय का कोई प्रभाव नहीं पडा हों और मोती अंखड हों तो मोती को असली समझा जाता है.

  • 3. मोती को अनाज के भूसे से जोर से रगडा जाता है. मोती के नकली होने पर उसका चूरा हो जाता है. मोती पर कोई प्रभाव नहीं पड रहा हों तो यह मोती असली होता है (analysis of real Pearl through wheat fodder).

  • 4. इस उपाय के अन्तर्गत मोती को शुद्ध गाडे घी में कुछ देर के लिये रखा जाता है. अगर मोती असली होने पर घी के पिघलने की संभावनाएं बनती है (real pearl can melt the Ghee).


मूंगे की जांच (Assessment of Coral)

  • 1. दूध में असली मूंगे को रखने पर लाल रंग का प्रकाश निकलता है.

  • 2. जब असली मूंगा धूप में कागज पर या कपास पर रखा जाता है. तो उसमें अग्नि उत्पन्न हो जाती है.

  • 3. असली मूंगे को जब खून में रखा जाता है. तो खूंन के जमने की संभावनाएं रहती है.

  • 4. पन्ना की जांच (Analysis of Emerald)

  • 1. पन्ने को जब पानी से भरे गिलास में रखने पर पन्ना के असली होने पर उससे हरे रंग की किरणें निकलती दिखाई देती है.

  • 2. जब पन्ने को साफ कपडे में बांध कर उंचाई पर लटकाकर रखा जाता है. तो कपडा हरा दिखाई देने पर पन्ना असली होता है (Emeral can change the white color cloth into green color).

  • 3. असली पन्ने हाथ में लेने पर हल्का महसूस होता है.


पुखराज (Yellow Sapphire)

  • 1. सफेद कपडें पर पुखराज रख कर इसे धूप में रख्नने पर असली पुखराज होने पर वह पीला दिखाई देगा.

  • 2. पुखराज को दूध में 24 घंटे रखने पर भी पुखराज की चमक बनी रहे तो पुखराज को असली समझना चाहिए.

  • 3. सांप या जहरीले प्राणी के काटने पर काटे गये स्थान पर असली पुखराज लगाने पर जहर कम हो जाता है (rel Yellow Sapphire can reduce poison of the snake or any poisonous animal from body).


हीरे की जांच (Test of the real Diamond)

  • 1. हीरे को जब गरम दूध में रखा जाता है. हीरे को रखने पर अगर दूध शीघ्र ठण्डा हो जाये तो हीरे को असली समझना चाहिए.

  • 2. असली हीरे को गरम पिघले हुए घी में रखने पर अगर कुछ देर में घी ठण्डा हो जाये तो व्यक्ति को इस हीरे को असली समझना चाहिए.

  • 3. हीरे को धूप में रखने पर हीरे से अगर इंद्रधनुष के रंग दिखाई दे तो हीरे को असली समझना चाहिए.

  • 4. हीरे को धारण करने के बाद विपरींत लिंग के शीघ्र आकृ्षित होंने कि संभावनाएं बनती है.


नीलम की जांच (Test of Real and Fake Blue Sapphire)

  • 1. असली नीलम को जब धूप में रखा जाता है. उसमें से तेज किरणें निकलनी आरम्भ हो जाती है.

  • 2. नीलम को जब ग्लास में रखा जाता है. तो उससे नीली किरणें निकलती है.

  • 3. इसी प्रकार जब असली नीलम को दूध में रखा जाता है. तो दूध का रंग नीला दिखाई देता है.


गोमेद (Agate)

  • 1. गोमेद को गोमूत्र में रखने पर गौमूत्र का रंग बदलने लगता है.

  • 2. लकडी के भूस्से में गोमेद को रगडने पर अगर गोमेद की चमक पर कोई प्रभाव न पडे तो गोमेद को असली समझना चाहिए.


लहसूनियां (Cat's Eye)

  • 1. लहसुनियां को सफेद कपडे से रगडने पर लहसूनियां की चमक में वृ्द्धि होती है. तो इसे असली समझना चाहिए.

  • 2. अंधेरे स्थान पर जब लहसूनियां को रखा जाता है. तो उससे प्रकाश की किरण नजर आती है.


उपरोक्त प्रयोग केवल मान्यताओं पर आधारित है. इनके व्यवहारिक होने के विषय में संशय का भाव है.
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