हनुमान जयंती(दक्षिण भारत)। चैत्र माह हनुमान जयंती 2017 । Hanuman Jayanti

इस वर्ष 11 अप्रैल 2017 को मंगलवार के दिन मनाई जाएगी. चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान और दान इत्यादि करने का विधान बताया गया है. चैत्र पूर्णिमा और जयंती के अवसर पर रामायण का पाठ, भजन-किर्तन संध्या जैसे धार्मिक कृत किए जाते हैं. हनुमान जयंती पर प्रचलित दो मत हनुमान जयंती तिथि के विषय में दो मत बहुत प्रचलित हैं. प्रथम यह कि चैत्र शुक्ल पूर्णमा के दिन यह जयंती मनाई जाती है, इस मत का संबंध दक्षिण भारत से रहा है चैत्र पूर्णिमा के...

नव सम्वत्सर 2014 | हिन्दु नववर्ष | प्लवंग सम्वत

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नया सम्वत आरंभ हो रहा है जो प्लवंग नामक विक्रमी सम्वत होगा. नव संवत का प्रवेश काल 30 मार्च रविवार की अर्द्धरात्रि को 12 बजकर 15 मिनट पर उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के समय ब्रह्म योग कालीन वृश्चिक लग्न में आरंभ होगा. लेकिन 31 मार्च सोमवार के दिन रेवती नक्षत्र, ऎन्द्र योग और मीनस्थ चंद्रमा युक्त प्लवंग नामक सम्वत का प्रारंभ होगा. इसलिए आगामी समय के मध्य में व्रत, दान, अनुष्ठान, होमादि शुभ कार्यों के संकल्प में इसी का उपयोग होगा. इस नव सम्वत में राजा और मंत्री दोनों...

दीवाली का त्यौहार 2017 | Diwali Festival 2017 | Deepavali Celebration 2017

धनतेरस | Dhanteras धनतेरस का पर्व 17 अक्तूबर 2017 के दिन मनाया जाएगा. हिंदुओं के महत्वपूर्ण त्यौहार दीवाली का आरंभ धनतेरस के शुभ दिन से हो जाता है. धनतेरस से आरंभ होते हुए नरक चतुर्दशी, दीवाली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज तक यह त्यौहार उत्साह के साथ मनाया जाता है. धनत्रयोदशी या धनतेरस के दिन संध्या समय घर के मुख्य...

दीवाली मुहूर्त 2017 | Diwali Muhurat 2017 | Deepawali Muhurat 2017

हर वर्ष भारतवर्ष में दिवाली का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. प्रतिवर्ष यह कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है. रावण से दस दिन के युद्ध के बाद श्रीराम जी जब अयोध्या वापिस आते हैं तब उस दिन कार्तिक माह की अमावस्या थी, उस दिन घर-घर में दिए जलाए गए थे तब से इस त्योहार को दीवाली के रुप में मनाया जाने लगा और समय के...

शारदीय नवरात्र तिथि 2017 | Sharad Navratri Dates 2017 | Navratri Dates in 2017

शारदीय नवरात्रों का विशेष महत्व रहता है, यह भक्तों की आस्था और विश्वास का प्रतीक है. देवी दुर्गा जी की पूजा प्राचीन काल से ही चली आ रही है, भगवान श्री राम जी ने भी विजय की प्राप्ति के लिए माँ दुर्गा जी की उपासना कि थी. ऐसे अनेक पौराणिक कथाओं में शक्ति की अराधना का महत्व व्यक्त किया गया है. इसी आधार पर आज भी माँ दुर्गा जी की पूजा संपूर्ण भारत वर्ष में बहुत हर्षोउल्लास के साथ की जाती है. नौ दिनों तक चलने नवरात्र पर्व में माँ दुर्गा के नौ रूपों क्रमशः शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा,...

आश्विन कृष्ण पक्ष श्राद्ध 2017 | Ashwin Krishna Paksha Shraddha 2017 | Pitru Paksha Dates 2017

हिन्दू धर्म अनुसार आश्विन माह के कृष्ण पक्ष को श्राद्ध पक्ष के रूप में मनाया जाता है. श्राद्ध संस्कार का वर्णन हिंदु धर्म के अनेक धार्मिक ग्रंथों में किया गया है. श्राद्ध पक्ष को महालय और पितृ पक्ष के नाम से भी जाना जाता है. श्राद्ध का अर्थ अपने देवताओं, पितरों, परिवार, वंश के प्रति श्रद्धा प्रकट करना होता है. प्रतिवर्ष श्राद्ध को भाद्रपद माह की पूर्णिमा से लेकर आश्विन माह की अमावस्या तक मनाया जाता है. पूर्णिमा का श्राद्ध पहला और अमावस्या का श्राद्ध अंतिम होता है. जिस हिन्दु माह की तिथि के...

ओम का महत्व | Importance of Om

ॐ की सार्थकता को व्यक्त करने से पूर्व इसके अर्थ का बोध होना अत्यंत आवश्यक है. ॐ की ध्वनि संपूर्ण ब्रह्माण्ड में व्याप्त है जो जीवन की शक्ति है जिसके होने से शब्द को शक्ति प्राप्त होती है यही 'ॐ का रूप है. ॐ का उच्चारण तीन ध्वनियों से मिलकर बना यह है इन ध्वनियों का अर्थ वेदों में व्यक्त किया गया है जिसके अनुसार इसका उच्चारण किया जाता है. ध्यान साधना करने के लिए इस शब्द को उपयोग में लाया जाता है. सर्वत्र व्याप्त इस ध्वनि को ईश्वर के समानार्थ माना गया है यही उस निराकार...

वरूथिनी एकादशी 2017| Varuthini Ekadashi | Varuthini Ekadashi Vrat 2017

इस वर्ष 22 अप्रैल 2017 के दिन वरूथिनी एकादशी व्रत किया जाएगा. यह व्रत वैशाख कृष्ण पक्ष की एकादशी को किया जाता है. पद्मपुराण में वरूथिनी एकादशी के विषय में तथ्य प्राप्त होते हैं जिसके अनुसार भगवान श्रीकृष्ण युधिष्ठिर के पूछने पर की वैशाख माह के कृष्णपक्ष की एकादशी का फल एवं महात्मय क्या है तो उनके इस कथन पर भगवान उन्हें कहते हैं कि हे धर्मराज लोक और परलोक में सौभाग्य प्रदान करने वाली है वरूथिनी एकादशी के व्रत करने से साधक को लाभ की प्राप्ति होती है तथा उसके पापों का नाश संभव हो जाता...

कामदा एकदशी | Kamada Ekadashi | Kamada Ekadashi Vrat 2017

कामदा एकदशी व्रत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है. वर्ष 2017 में 7 अप्रैल को यह व्रत किया जायेगा. यह एकादशी कामनाओं की पूर्ति को दर्शाती है. इस व्रत को करने से पापों का नाश होता है तथा साधक की इच्छा एवं कामना पूर्ण होती है. इस एकादशी के फलों के विषय में कहा जाता है, कि यह एकादशी व्यक्ति के पापों को समाप्त कर देती है. कामदा एकादशी के प्रभाव से पापों का शमन होता है और संतान की प्राप्ति होती है. इस व्रत को करने से परलोक में स्वर्ग की प्राप्ति होती...

महागौरी अष्टमी पूजन | Mahagauri Ashtami Puja | 8th Chaitra Navratri

दुर्गापूजा के आठवें दिन महागौरी की पूजा अर्चना की जाती है. इस वर्ष 4 अप्रैल 2017 को अष्टमी तिथि रहेगी. महागौरी आदी शक्ति हैं इनके तेज से संपूर्ण सृष्टि प्रकाश-मान है इनकी शक्ति अमोघ फलदायिनी है. महागौरी की चार भुजाएं हैं उनकी दायीं भुजा अभय मुद्रा में हैं और नीचे वाली भुजा में त्रिशूल शोभता है. बायीं भुजा में डमरू डम डम बज रही है और नीचे वाली भुजा से देवी गौरी भक्तों की प्रार्थना सुनकर वरदान देती हैं. या देवी सर्वभू‍तेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै...

कालरात्रि सातवां नवरात्रा | Kalratri 7th Navratri | Chaitra Navratri 2017

दुर्गा-पूजा के सातवें दिन माँ काल रात्रि की उपासना का विधान है. इस वर्ष 3 अप्रैल 2017 को माँ कालरात्री जी की पूजा की जाएगी. माँ कालरात्रि अपने भक्तों को सदैव शुभ फल प्रदान करने वाली होती हैं इस कारण इन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है. मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है, इनका वर्ण अंधकार की भाँति काला है, केश बिखरे हुए हैं, कंठ में विद्युत की चमक वाली माला है, माँ कालरात्रि के तीन नेत्र ब्रह्माण्ड की तरह विशाल व गोल हैं, जिनमें से बिजली की भाँति किरणें निकलती रहती...

कात्यायनी छठा नवरात्रा | Katyayani Sixth Navratri | Chaitra Navratri 2017

नवरात्रा के छठे दिन माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है. इस वर्ष 2 अप्रैल 2017 को कात्यायनी पूजा की जाएगी. इस उपलक्ष्य पर माता की आराधना एवं भंडारों का आयोजन किया जाता है. देवी कात्यायनी शत्रुओं का नाश करने वाली होती है. देवी कात्यायनी अमोद्य फलदायिनी हैं इनकी पूजा अर्चना द्वारा सभी संकटों का नाश होता है, माँ कात्यायनी दानवों तथा पापियों का नाश करने वाली हैं. महर्षि कात्यायन की संतान के रूप में जन्म लेने के करण इन्हें कात्यायनी नाम प्राप्त हुआ. महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न...

स्कंदमाता पांचवां नवरात्रा | Skandmata Fifth Navratri | Chaitra Navratri 2017

दुर्गा जी के इस पांचवे स्वरूप को स्कंद माता नाम प्राप्त हुआ है. माँ दुर्गा का पंचम रूप स्कन्दमाता के रूप में जाना जाता है. इस वर्ष 1 अप्रैल 2017 को पांचवां नवरात्रा संपन्न होगा. स्कंद माता का रूप सौंदर्य अद्वितिय आभा लिए शुभ्र वर्ण का होता है. वात्सल्य की मूर्ति हैं स्कंद माता. संतान प्राप्ति हेतु इनकी पूजा फलदायी होती है. स्कंद माता सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं. इनकी उपासना करने से साधक अलौकिक तेज पाता है. यह अलौकिक प्रभामंडल प्रतिक्षण उसके योगक्षेम का निर्वहन करता है....

कूष्माण्डा चौथा नवरात्रा | Kushmanda Fourth Navratri | Chaitra Navratri 2017

दुर्गा पूजा के चौथे दिन देवी कूष्माण्डा जी की पूजा का विधान है. इस वर्ष 31 मार्च 2017 को यह पूजा की जानी है. देवी कूष्माण्डा अपनी मन्द मुस्कान से अण्ड अर्थात ब्रह्माण्ड को उत्पन्न करने के कारण इन्हें कूष्माण्डा देवी के नाम से जाना जाता है. इस दिन उसे अत्यंत पवित्र और शांत मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा करनी चाहिए. संस्कृत भाषा में कूष्माण्ड कूम्हडे को कहा जाता है, कूम्हडे की बलि इन्हें प्रिय है, इस कारण भी इन्हें कूष्माण्डा के नाम से जाना जाता...

चंद्रघंटा तीसरा नवरात्रा | Chandraghanta Third Navratri | Chaitra Navratri 2017 | Chandraghanta

दुर्गा पूजा के तीसरे दिन आदि-शक्ति दुर्गा के तृतीय स्वरूप माँ चंद्रघंटा की पूजा होती है. माँ दुर्गा की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है. इस वर्ष 30 मार्च 2017 को देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी. चन्द्रघंटा देवी का स्वरूप तपे हुए स्वर्ण के समान कांतिमय है. चेहरा शांत एवं सौम्य है और मुख पर सूर्यमंडल की आभा छिटक रही होती है. माता के सिर पर अर्ध चंद्रमा मंदिर के घंटे के आकार में सुशोभित हो रहा जिसके कारण देवी का नाम चन्द्रघंटा हो गया है. माता देवगण, संतों एवं भक्त जन के मन...

ब्रह्मचारिणी दूसरा नवरात्रा | Goddess Brahmacharini | Second Day of Navratri | Chaitra Navratri 2017

नवरात्र के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. ब्रह्मचारिणी जी की पूजा इस वर्ष 29 मार्च 2017 को की जानी है. देवी ब्रह्मचारिणी का रूप तपस्विनी जैसा है. माँ ब्रह्मचारिणी की कृपा से मनुष्य को सर्वत्र सिद्धि और विजय की प्राप्ति होती है तथा जीवन की अनेक समस्याओं एवं परेशानियों का नाश होता है. देवी दुर्गा का यह रूप भक्तों एवं सिद्धों को अमोघ फल देने वाला है. देवी ब्रह्मचारिणी की उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है. ब्रह्मचारिणी पूजन |...

शैलपुत्री पूजन | Shailputri Puja | Sailputri First Navratra

दुर्गा-पूजा के पहले दिन माँ शैलपुत्री की उपासना का विधान है. इस वर्ष 28 मार्च 2017 के दिन माँ शैलपुत्री जी की पूजा की जाएगी. दुर्गा पूजा का त्यौहार वर्ष में दो बार आता है, एक चैत्र मास में और दूसरा आश्विन मास में. दोनों मासों में दुर्गा पूजा का विधान एक जैसा ही है, दोनों ही प्रतिपदा से दशमी तिथि तक मनायी जाती है. नवरात्र पूजन के प्रथम दिन मां शैलपुत्री जी का पूजन होता है. माँ शैलपुत्री दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएँ हाथ में कमल का पुष्प लिए अपने वाहन वृषभ पर विराजमान होतीं हैं....

चैत्र नवरात्र 2017 | Chaitra Navratri 2017 | Chaitra Navratri Dates 2017

चैत्र शुक्ल पक्ष के नवरात्रों का आरंभ वर्ष 28 मार्च 2017 के दिन से होगा. इसी दिन से हिंदु नवसंवत्सर का आरंभ भी होता है. चैत्र मास के नवरात्र को ‘वार्षिक नवरात्र’ कहा जाता है. इन दिनों नवरात्र में शास्त्रों के अनुसार कन्या या कुमारी पूजन किया जाता है. कुमारी पूजन में दस वर्ष तक की कन्याओं का विधान है. नवरात्रि के पावन अवसर पर अष्टमी तथा नवमी के दिन कुमारी कन्याओं का पूजन किया जाता है. नौ दिनों तक चलने नवरात्र पर्व में माँ दुर्गा के नौ रूपों क्रमशः शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी,...

गणगौर तृतीया पर्व | Gangauri Tritiya Festival | Gangauri Tritiya Festival 2017

गणगौर तृतीया पर्व का आयोजन शिव एवं शक्ति स्वरूपा पार्वती की असीम कृपा प्राप्त करने हेतु किया जाता है. यह व्रत चैत्र शुक्ल तृतीया को किया जाता है. इस वर्ष 30 मार्च 2017 को बृहस्पतिवार के दिन किया जाएगा. गणगौरी उत्सव स्त्रियों के द्वारा किया जाता है. धर्मशास्त्रों में इसे गौरी उत्सव, गौरी तृतीया, ईश्वर गौरी, दोलनोत्सव के नाम से भी जाना जाता है. चैत्रशुक्लतृतीयायां गौरीमीश्वरसंयुताम् | सम्पूज्य दोलोत्सवं कुर्यात् || गणगौरी पूजन विधि | Rituals to Perform Gangauri...

गजेन्द्र मोक्ष स्त्रोत | Gajendra Moksha Stotra | Gajendra Stotra

श्रीमद्भागवत के अष्टम स्कंध के तीसरे अध्याय में गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्र दिया गया है. इसमें कुल तैतीस श्लोक हैं इस स्त्रोत में ग्राह के साथ गजेन्द्र के युद्ध का वर्णन किया गया है, जिसमें गजेन्द्र ने ग्राह के मुख से छूटने के लिए श्री हरि की स्तुति की थी और प्रभ श्री हरि ने गजेन्द्र की पुकार सुनकर उसे ग्राह से मुक्त करवाया. गजेन्द्र मोक्ष का माहात्म्य बतलाते हुए कहा गया है कि इसको समस्त पापों का नाशक, साधक कहा गया है. इसका प्रतिदिन स्मरण करने से व्यक्ति के संकट दूर होते हैं तथा...