निरयण संक्रान्ति प्रवेश काल और पुण्यकाल 2018 | Niryan Sankranti 2018 | Niryan Calender 2018 | Sankranti 2018

वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है तब उस समयावधि को संक्रान्ति कहते हैं. भचक्र में कुल 12 राशियाँ होती हैं. इसलिए सूर्य संक्रान्ति भी बारह ही होती है. इन बारह संक्रान्तियों को हमारे ऋषियों ने चार भागों में बाँटा है - अयनी संक्रान्ति, विषुवी संक्रान्ति, षडशीतिमुखी संक्रान्ति और विष्णुपदी संक्रान्ति.

  • सूर्य जब मिथुन राशि से कर्क राशि में और धनु से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब यह अयनी संक्रान्ति कहलाती है.
  • मेष तथा तुला राशि पर सूर्य के संक्रमण को विषुवी संक्रान्ति कहते हैं.
  • मिथुन, कन्या, धनु तथा मीन राशि पर सूर्य के संक्रमण को षडशीतिमुखी संक्रान्ति कहते हैं.
  • वृष, सिंह, वृश्चिक तथा कुंभ राशियों पर सूर्य के संक्रमण को विष्णुपदी संक्रान्ति कहते हैं.

ज्योतिष में तथा शुभ कार्यों के सन्दर्भ में उत्तरायण को अधिक शुभ माना जाता है. उत्तरायण से दिन बढ़ने अर्थात बडे़ होने आरम्भ हो जाते हैं. दक्षिणायन में दिन घटने अर्थात छोटे होने आरम्भ हो जाते हैं. उत्तरायण से दिन बढ़ने आरम्भ होकर पूर्णता को प्राप्त होते हैं. दक्षिनायन में दिन छोटे होकर न्यूनता को प्राप्त होता है. इसलिए प्रकाश की न्यूनता-अधिकता के कारण ही दक्षिणायन की तुलना में उत्तरायण को अधिक महत्व दिया गया है.

सायन गणना के अनुसार आधुनिक समय में 22 दिसम्बर से सूर्य उत्तरायण और 22 जून से सूर्य दक्षिणायन होना आरम्भ हो जाते हैं. संक्रान्तिकाल में दान-पुण्य, स्नानादि का महत्व माना गया है. सभी 12 संक्रान्तियों में मकर संक्रान्ति को अत्यधिक पुण्यदायक माना गया है.

निरयण संक्रान्ति प्रवेशकाल वर्ष 2018 | Niryan Sankranti Beginning time 2018

संक्रान्ति का नाम दिनाँक तथा वार प्रवेशकाल पुण्यकाल समय
माघ संक्रान्ति 14 जनवरी, रविवार 13:45 घण्टे सूर्योदय बाद सारा समय
फाल्गुन संक्रान्ति 12 फरवरी, सोमवार 26:47 घण्टे ागले दिन प्रात: 09:11 तक
चैत्र संक्रान्ति 14 मार्च, बुधवार 23:42 घण्टे मध्याह्न बाद से
वैशाख संक्रान्ति 14 अप्रैल, शनिवार 08:10 घण्टे मध्याह्न 14:34 तक
ज्येष्ठ संक्रान्ति 14 मई, सोमवार 29:02 घण्टे अगले दिन प्रात: 11:26 तक
आषाढ़ संक्रान्ति 15 जून, शुक्रवार 11:36 घण्टे पुण्यकाल सारा दिन
श्रावण संक्रान्ति 16 जुलाई, सोमवार 22:26 घण्टे पुण्यकाल मध्याह्न बाद
भाद्रपद संक्रान्ति 17 अगस्त, बृहस्पतिवार 06:49 घण्टे पुण्यकाल दोपहर 13:13 तक
आश्विन संक्रान्ति 17 सितम्बर, सोमवार 06:46 घण्टे पुण्यकाल 13:10 तक
कार्तिक संक्रान्ति 17 अक्तूबर, बुधवार 18:43 घण्टे पुण्यकाल 12:19 तक
मार्गशीर्ष संक्रान्ति 16 नवम्बर, शुक्रवार 18:29 घण्टे पुण्यकाल मध्याह्न बाद से
पौष संक्रान्ति 16 दिसम्बर, रविवार 09:08 घण्टे दोपहर 15:32 तक