पौष संक्रांति 2016 | Poush Sankranti 2016 | Poush sankranti puja

पौष संक्रांति पर सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे. पौष संक्रांति पर सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे. पौष संक्रांति का आरंभ 15 दिसम्बर 2016, को होगी. हिन्दुओं के पवित्र पौष माह में आने वाली संक्रांति के दिन गंगा-यमुना स्नान का बहुत महत्व होता है. पौष संक्रांति पर चारों ओर वातावरण भक्तिमय होता है. श्रद्धालु व भक्त जन प्रात:काल ही नदी व तालाबों में स्नान करने पहुंच जाते हैं. श्रद्धालु स्नान करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से स्वयं की...

उत्पन्ना एकादशी 2016 | Utpanna Ekadashi 2016 | Utpanna Ekadasi Vrat

मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष के दिन उत्पन्ना एकादशी का व्रत किया जाता है. वर्ष 2016 के दिन उत्पन्ना एकादशी व्रत 25 नवम्बर का रहेगा . यह व्रत पूर्ण नियम, श्रद्धा व विश्वास के साथ रखा जाता है, इसे व्रत के प्रभावस्वरूप धर्म एवं मोक्ष फलों की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि इस व्रत के फलस्वरुप मिलने वाले फल अश्वमेघ यज्ञ, कठिन तपस्या, तीर्थों में स्नान-दान आदि से मिलने वाले फलों से भी अधिक होते है. यह उपवास, उपवासक का मन निर्मल करता है, शरीर को स्वस्थ करता है, हृदय शुद्ध करता है तथा...

भैरवाष्टमी पूजा 2016| Bhairav Ashtami Puja | Kaal Bhairav Ashtami

इस वर्ष 21 नवम्बर, 2016 के दिन भैरवाष्टमी मनाई जाएगी. काल भैरव अष्टमी तंत्र साधना के लिए अति उत्तम मानी जाती है. कहते हैं कि भगवान का ही एक रुप है भैरव साधना भक्त के सभी संकटों को दूर करने वाली होती है. यह अत्यंत कठिन साधनाओं में से एक होती है जिसमें मन की सात्विकता और एकाग्रता का पूरा ख्याल रखना होता है. पौराणिक मान्यताओं के आधार स्वरूप मार्गशीर्ष कृष्ष्ण पक्ष अष्टमी के दिन भगवान शिव, भैरव रूप में प्रकट हुए थे अत: इसी उपलक्ष्य में इस तिथि को व्रत व पूजा का विशेष विधान...

सौभाग्य सुंदरी व्रत 2017| Saubhagya Sundari Fast | Saubhagya Sundari Vrat

सौभाग्य सुंदरी व्रत सुहागिन का त्यौहार रहा है यह व्रत सौभाग्य की कामना व संतान सुख की प्राप्ति हेतु किया जाता है. यह व्रत सौभाग्यवती स्त्रियों के लिए अखण्ड सौभाग्य का वरदान होता है और उन्हें संतान का सुख देना वाला होता है. इस व्रत को करने से विवाहित स्त्रियों के सौभाग्य में वृद्धि होती है. दांपत्य दोष, विवाह न होन अया देर होना तथा मंगली दोष को दूर करने वाला होता है. सौभाग्य सुंदरी व्रत स्त्रियों के लिए मंगलकारी होता है. इसी दिन माता सती ने अपनी कठोर साधना और तपस्या द्वरा...

छठ महोत्सव 2016 | Chhath Festival 2016| Chhath Puja 2016

छठ का त्यौहार सूर्योपासना का पर्व होता है. छठ का त्यौहार सूर्य की आराधना का पर्व है, प्रात:काल में सूर्य की पहली किरण और सायंकाल में सूर्य की अंतिम किरण को अघ्र्य देकर दोनों का नमन किया जाता है. सूर्य षष्ठी व्रत होने के कारण इसे छठ कहा गया है, सुख-स्मृद्धि तथा मनोकामनाओं की पूर्ति का यह त्यौहार सभी समान रूप से मनाते हैं. प्राचीन धार्मिक संदर्भ में यदि इस पर दृष्टि डालें तो पाएंगे कि छठ पूजा का आरंभ महाभारत काल के समय से देखा जा सकता है. छठ देवी सूर्य देव की बहन हैं और उन्हीं को...

कूष्माण्डा नवमी | Kushmanda Navami | Kushmanda Navami Festival

कूष्माण्डा नवमी सिद्धि प्रदान करने वाली होती है. इसके पूजन से समस्त रोग-शोक दूर हो जाते हैं भक्त को दैवीय आशिर्वाद प्राप्त होता है. कूष्माण्डा नवमी पूजा आयु में वृद्धि करने वाली और व्यक्ति को मान सम्मान और यश प्रदान करती है. या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। का मंत्र माता के स्वरूप को दर्शाता है. सर्वत्र विराजमान और कूष्माण्डा के रूप में देवी भक्त के समस्त पापों का नाश करती हैं. मंद मुस्कान से सृष्टि को उत्पन्न करने के कारण...

सौभाग्य पंचमी | Saubhagya Panchami | Saubhagya Panchami 2016

सौभाग्य पंचमी जीवन मं सुख और सौभाग्य की वृद्धि करती है इसलिए कार्तिक शुक्ल पक्ष कि पंचमी को सौभाग्य पंचमी के नाम से जाना जाता है. इस वर्ष 5 नवम्बर 2016 के दिन सौभाग्य पंचमी पर्व संपन्न किया जाएगा. इस दिन भगवान शिव की पूजा सभी सांसारिक कामनाओं का पूरा कर परिवार में सुख-शांति लाती है तथा श्री गणेश पूजन समस्त विघ्नों का नाश कर काराबोर को समृद्ध और प्रगत्ति प्रदान करता है. जीवन में बेहतर और सुखी जीवन का सूत्र सभी की चाह है. इसलिए हर व्यक्ति कार्यक्षेत्र के साथ पारिवारिक...

गोपाष्टमी पर्व | Gopashtami Festival | Gopashtami Festival 2016

8 नवंबर 2016, के दिन गौपाष्टमी का उत्सव मनाया जाएगा. इस दिन प्रात: काल में गौओं को स्नान आदि कराया जाता है तथा इस दिन बछडे़ सहित गाय की पूजा करने का विधान है. प्रात:काल में ही धूप-दीप, गंध, पुष्प, अक्षत, रोली, गुड़, जलेबी, वस्त्र तथा जल से गाय का पूजन किया जाता है और आरती उतारी जाती है. इस दिन कई व्यक्ति ग्वालों को भी उपहार आदि देकर उनका भी पूजन करते हैं. गोपाष्टमी के शुभ अवसर पर गौशाला में गोसंवर्धन हेतु गौ पूजन का आयोजन किया जाता है. गौमाता पूजन कार्यक्रम में सभी लोग...

कार्तिक मास में तुलसी पूजा | Tulsi Puja in Kartik Month | Tulsi Pooja

प्रत्येक मास की अपनी एक मुख्य विशिष्टता होती है, इसी तरह कार्तिक माह में तुलसी पूजा का महात्मय पुराणों में वर्णित किया गया है. इसी के द्वारा इस बात को समझ जा सकता है कि इस माह में तुलसी पूजन पवित्रता व शुद्धता का प्रमाण बनता है. शास्त्रों में कार्तिक मास को श्रेष्ठ मास माना गया है, स्कंद पुराण में इसकी महिमा का गायन करते हुए कहा गया है मासानांकार्तिक: श्रेष्ठोदेवानांमधुसूदन:। तीर्थ नारायणाख्यंहि त्रितयंदुर्लभंकलौ। अर्थात मासों में कार्तिक, देवों में भगवान विष्णु और तीर्थो में...

दिवाली पौराणिक महत्व | Mythological Significance of Diwali | Importance of Diwali Festival

तमसो मा ज्योतिर्गमय का संदेश देने वाली दिवाली हर्षोल्लास के साथ लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश, कुबेर इत्यादि की पूजा की जाती है. दीवाली का त्योहार न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी मनाया जाता है. माना जाता है कि इस दिन भगवान राम चौदह वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या आते हैं. इस खुशी में अयोध्या वासियों ने चारों तरफ दीप जलाकर खुशी मनाई थीं. पुराणों में उल्लेख है कि दीपावली की अर्ध रात्रि में लक्ष्मी जी घरों में विचरण करती हैं इसीलिए लक्ष्मी के स्वागत के लिए घरों को सभी प्रकार से साफ,...

भाई दूज 2016 | Bhai Dooj 2016 | Yama Dwitiya | Bhai Dooj Festival

हिन्दू पंचांग अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज एवं यम द्वितीया के रूप में मनाते हैं. भाई दूज का यह त्यौहार विशेष रूप से भाई और बहन के मध्य स्थापित प्रगाढ़ संबंधों को दर्शाता है. राखी के बाद आने वाला यह पर दूसरा पवित्र बंधन सचमुच में केवल भाई और बहन के प्रेम का प्रतीक है. पौराणिक महत्व द्वारा इसका स्वरूप और भी अधिक प्रमाणिक होता है. यम देव के लिए उनकी बहन यमुना द्वारा प्रकट किए गए प्रेम भाव एवं सम्मान का प्रतीक यह भाई दूज आज तक हमारे हृदय में बसा हुआ...

श्वेतार्क गणेश साधना | Shwetark Ganesha Sadhana

हिन्दू धर्म में भगवान गणेश को अनेक रूप में पूजा जाता है इनमें से ही एक श्वेतार्क गणपति भी हैं. धार्मिक लोक मान्यताओं में धन, सुख-सौभाग्य समृद्धि ऐश्वर्य और प्रसन्नता के लिए श्वेतार्क के गणेश की मूर्ति शुभ फल देने वाली मानी जाती है. श्वेतार्क के गणेश आक के पौधे की जड़ में बनी प्राकृतिक बनावट रुप में प्राप्त होते हैं. इस पौधे की एक दुर्लभ जाति सफेद श्वेतार्क होती है जिसमें सफेद पत्ते और फूल पाए जाते हैं इसी सफेद श्वेतरक की जड़ की बाहरी परत को कुछ दिनों तक पानी में भिगोने के बाद निकाला...

गोवत्स द्वादशी | Govatsa Dwadashi | Govatsa Dwadashi 2016

गोवत्स द्वादशी व्रत कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की द्वादशी को मनाया जाता है. इस दिन गायों तथा उनके बछडो़ की सेवा की जाती है. सुबह नित्यकर्म से निवृत होकर गाय तथा बछडे़ का पूजन किया जाता है. इस वर्ष यह पर्व 26 अक्टूबर, 2016 को दिन बुधवार को मनाया जाएगा. इस व्रत में प्रदोषव्यापिनी तिथि को ग्रहण किया जाता है. यदि घर के आसपास भी गाय और बछडा़ नहीं मिले तब गीली मिट्टी से गाय तथा बछडे़ को बनाए और उनकी पूजा कि जाती है. इस व्रत में गाय के दूध से बनी खाद्य वस्तुओं का उपयोग वर्जित होता है. गौ...

स्कंद षष्ठी | Skanda Shashti Vrat 2016 | Skanda Sashti Fast

आषाढ़ शुक्ल पक्ष और कार्तिक मास कृष्णपक्ष की षष्ठी का उल्लेख स्कन्द-षष्ठी के नाम से किया जाता है. पुराणों के अनुसार षष्ठी तिथि को कार्तिकेय भगवान का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन स्कन्द भगवान की पूजा का विशेष महत्व है, पंचमी से युक्त षष्टी तिथि को व्रत के श्रेष्ठ माना गया है व्रती को पंचमी से ही उपवास करना आरंभ करना चाहिए और षष्ठी को भी उपवास रखते हुए स्कन्द भगवान की पूजा का विधान है. इस व्रत की प्राचीनता एवं प्रामाणिकता स्वयं परिलक्षित होती है. इस कारण यह व्रत श्रद्धाभाव से मनाया...

बैकुण्ठ चतुर्दशी 2016 | Vaikunth Chaturdashi | Vaikunth Chaudas | Vaikunth Chaturdashi Vrat

कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को बैकुण्ठ चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है. इस वर्ष यह व्रत, 13 नवम्बर 2016 को रखा जाएगा. इस शुभ दिन के उपलक्ष्य में भगवान शिव तथा विष्णु की पूजा की जाती है. इसके साथ ही व्रत का पारण किया जाता है. यह बैकुण्ठ चौदस के नाम से भी जानी जाती है. इस दिन श्रद्धालुजन व्रत रखते हैं. यह व्रत कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी के दिन मनाया जाता है. इस चतुर्दशी के दिन यह व्रत भगवान शिव तथा विष्णु जी की पूजा करके मनाया जाता है. बैकुण्ठ चतुर्दशी की पूजा | Baikunth...

राशि अनुसार करें दीवाली पूजन | Perform Diwali Puja According To Your Sun Sign

दीवाली के दिन राशि के अनुसार पूजन करने से सुख व समृद्धि की प्राप्ति होती है दीवाली का मुहूर्त्त शुभ व अबूझ मुहूर्तों में आता है अत: इस दिन किसी राशि के अनुरूप साधना व मंत्र जाप करने से शीघ्र सफलता प्राप्त होती है व शुभ फलों की प्राप्ति होती है. मेष राशि | Perform Diwali puja according to Aries Sign मेष राशि के जातकों को दीवाली रात्रि समय लाल चंदन व केसर के साथ देवी का पूजन करना चाहिए. श्वेतार्क गणपति को चोला चढा़कर उनका पंचोपचार से पूजन करके उन्हें अपनी तिजोरी अथवा...

गोवर्धन पूजा | Govardhan Puja | Govardhan Puja 2016 | Annakut Puja

गोवर्धन पूजा जिसे अन्नकूट पूजा के नाम से भी जाना जाता है. कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन गोर्वधन की पूजा की जाती है. इस वर्ष 31 अक्तूबर 2016 को गोवर्धन पूजा की जाएगी. यह पर्व उत्तर भारत में विशेषकर मथुरा क्षेत्र में बहुत ही धूम-धाम और उल्लास के साथ मनाया जाता है. दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है. कृष्ण भक्ति है गोवर्धन पूजा | Govardhan Puja in Devotion on Lord Krishna यह उत्सव कृष्ण की भक्ति व प्रकृत्ति के प्रति उपासना व सम्मान को दर्शाता है. भारत के...

दिवाली पर करें कुबेर पूजा | Worshipping Lord Kuber on Diwali | Kuber Puja on Diwali

कुबेर देवताओं के कोषाध्यक्ष हैं. कुबेर जी की पूजा धन धान्य से पूर्ण बना देती है. सुख समृद्धि के मार्ग खुलते हैं. उन्नति, विकास व धन सम्पन्नता के लिए कुबेर यन्त्र पूजन अत्यंत लाभकारी होता है. यह यन्त्र मन्त्र वेदों से प्रमाणित है, प्रत्येक गृहस्थ के लिये उपयोगी है, इसका अनुसरण प्रत्येक व्यक्ति के लिए फलदायक है. कुबेर जी भगवान शिव के भक्त थे इन्हें ने भगवान शिव को प्रसन्न करने हेतु बहुत कठिन तप किया. एक कथा अनुसार जब पार्वती जी के तेज के प्रभाव से इनका एक नेत्र नष्ट हो जाता है...

दिवाली का त्यौहार | Diwali Festival | Deepavali Festival Puja

दिवाली का पर्व भारतीय संस्कृत्ति में अत्यधिक लोकप्रिय व महत्वपूर्ण त्यौहारों के रुप में स्थान पाता है. यह धन, वैभव एवं उल्लास की कामना एवं पूर्णता का पर्व है. कार्तिक मास की अमावस्या को मनाए जाने वाले इस पंच दिवसीय पर्व को सभी वर्गों के लोग किसी न किसी प्रकार से अत्यंत हर्ष व उत्साह के साथ मनाते हैं. कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से प्रारंभ होकर कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तक चलने वाला दीपावली का त्यौहार सुख समृद्धि की वृद्धि, दरिद्रता का निवारण, स्वास्थ्य की प्राप्ति,...

दिवाली पूजन मुहूर्त 2016 | Diwali Puja Muhurat 2016 | Diwali Puja Muhurat

दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजन शुभ समय मुहूर्त्त समय पर ही किया जाना चाहिए. पूजा को सांयकाल अथवा अर्द्धरात्रि को अपने शहर व स्थान के मुहुर्त्त के अनुसार ही करना चाहिए. इस वर्ष 30 अक्तूबर, 2016 के दिन दिवाली मनाई जाएगी. दीपावली में अमावस्या तिथि, प्रदोष काल, शुभ लग्न व चौघाडिया मुहूर्त विशेष महत्व रखते है. 30 अक्टूबर 2016 के दिन दिल्ली तथा आसपास के इलाकों में सूर्यास्त 17:38 पर होगा. इस अवधि से लेकर 17:37 to 20:14 तक प्रदोष काल रहेगा. इसे प्रदोष काल का समय कहा जाता है. प्रदोष काल...