Articles in Category Basic Astrology
अधिक मास अमावस्या : एक ही मास में दो अमावस्या का योग बनाता है इसे खास
वर्ष 2020 में आने वाले अधिक मास के समय पर, एक मास में दो अमावस्या का योग बन रहा है. दो अमावस्या का योग आश्विन मास पर बनने के कारण ये समय श्राद्ध और तर्पण कार्यों के लिए अत्यंत ही विचारणीय हो जाता है.
मंगल का मीन राशि में गोचर लाएगा नए बदलाव
17 मई 2022 को मंगलवार के दिन मंगल का मीन राशि में प्रवेश होगा. वर्तमान में मंगल पिछले काफी समय से कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं. पर अब आने वाली 17 मई से मंगल अपनी राशि में बदलाव करेंगे. मंगल अब अपनी
अब वक्री बुध होंगे अस्त, पड़ सकती है दोहरी मार
इस साल भी बुध अस्त होने वाले हैं बुध के अस्त होने के कारण कई खास कार्यों पर लग सकती है. बुध का प्रभाव व्यक्ति को बौद्धिकता की उत्तम प्रवीणता देता है. बुध का प्रभाव ही वनस्पतियों पर असर डालता है. बुध
इस बार आश्विन मास में आने वाला अधिक मास है बहुत खास
अधिक मास अर्थात मास की अधिकता को ही अधिकमास कहा जाता है. मास का अर्थ माह से होता है. हिंदू पंचांग गणना में तिथि, दिन मास की स्थिति को समझने के लिए जिस वैदिक गणना आधार लिया जाता है, उसके अंतर्गत ही
अभी निपटा लें अपने जरुरी काम क्योंकि 18 जुलाई से रुक जाएंगे सभी मांगलिक कार्य
17 जुलाई को मनाई जाएगी देवशयनी एकादशी इस दिन के बाद से सभी प्रकार के विवाह, सगाई, गृह प्रवेश मुहूर्त इत्यादि शुभ मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी. आषाढ़ मास की एकादशी के दिन से इन मांगलिक कार्यों पर
21 जून को लगने वाला कंकण सूर्यग्रहण बढ़ा सकता है परेशानियां, इस राशि और नक्षत्र पर होगा खास असर
21 जून को लगने वाला कंकण सूर्य ग्रहण एक बहुत बड़ा और अधिक प्रभावशाली ग्रहण होगा. कंकण सूर्य ग्रहण को भारत समेत अन्य कई देशों में भी देखा जा सकेगा. इस कंकण सूर्य ग्रहण के प्रभाव के चलते राजनैतिक,
कैसा होगा आपके लिए गुरु और शनि का वक्री होना
मई मध्य माह का समय ज्योतिष की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण समय होगा. इस समय के पर दो महत्वपूर्ण घटनाएं होंगी. ये दोनों घटनाएं गुरु और शनि ग्रह से जुड़ी हैं ज्योतिष में किसी भी ग्रह की चाल बहुत तरह के
2025 में इन पर रहेगी शनि की साढे़साती और शनि ढैय्या
शनि एक धीमी गति के ग्रह हैं ऎसे में इनका गोचर एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है. शनै: शनै: चलने वाले शनि की गति और उनका किसी राशि पर कैसा प्रभाव रहेगा इन सभी बातों को जानने की उत्सुकता तो रहती ही है,
2025 में जानें ज्वालामुखी योग कब-कब बनेगा
<p> ज्योतिष में बहुत से योगों का वर्णन मिलता है. इन योगों में अच्छे और बुरे दोनों ही प्रकार के योग मिलते हैं. ज्वालामुखी योग अशुभ योगों में से एक योग है. इस योग में कभी कोई शुभ काम आरंभ नहीं करना
2025 में बनने वाले यमघंटक योग की तिथियां
ज्योतिष में कुछ योगों को अशुभ योगों की श्रेणी में रखा गया है जैसे कक्रय योग, दग्ध योग, कुलिक योग और यमघण्टक इत्यादि योग. यह योग शुभ-मंगल कार्यों को करने के लिए त्याज्य माने जाते हैं अत: शुभ कामों को
वाहन खरीदारी का शुभ मुहूर्त समय
नए और अच्छे वाहन की चाहत तो सभी के मन में रहती है, पर इसके साथ ही जो वस्तु हम ले रहे हैं वो सही रहे कोई दिक्कत न आई और हमारे लिए शुभदायक हो यह सभी बातें मन में चलती ही रहती हैं. इन सभी बातों को ध्यान
नई दुकान या व्यवसाय शुरू करने का शुभ मुहूर्त
काम को लेकर सभी के मन नई-नई योजनाएं बनती ही रहती है. हर व्यक्ति यह चाहता है की जब भी वह कोई नय काम शुरू करे तो उसे उक्त काम में अच्छी सफलता मिले. अपने काम से वह धन और मान सम्मान की प्राप्ति करे और
2025 में ग्रहों के वक्री और मार्गी होने का समय
नव ग्रहों का गोचर प्रभाव बहुत महत्व रखता है. हर बार ग्रहों की स्थिति में आने वाला बदलाव जीवन पर गहरे असर डालता है. देश दुनिया ओर जीवन पर पड़ने वाले असर इन ग्रहों के द्वारा प्रभावित होते हैं. आइये जान
2025 में गणेश विनायक चतुर्थी कब और किस दिन होंगी जाने विस्तार से
हिन्दु माह के अनुसार चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी के नाम से मनाया जाता है. इस दिन गणेश जी के व्रत व पूजा का विधान है, जो श्रद्धालु इस व्रत को करते हैं तब भगवान गणेश उनके सभी संकटों को दूर करते हैं
वर्ष 2025 में कब लगेगा पंचक
पंचक का अर्थ है - पांच, पंचक चन्द्रमा की स्थिति पर आधारित गणना हैं. गोचर में चन्द्रमा जब कुम्भ राशि से मीन राशि तक रहता है तब इसे पंचक कहा जाता है, इस दौरान चंद्रमा पाँच नक्षत्रों में से गुजरता है.
साल 2025 में जानिए विवाह के लिए शुभ और अशुभ समय
विवाह के लिए शुभ समय और शुभ मुहूर्त को बहुत ध्यान के साथ करना चाहिए. विवाह मुहूर्त के लिए कई बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता पड़ती है और बेहतर रुप से ज्योतिष गणना के द्वारा मुहूर्त शास्त्र एवं विवाह
नव संवत्सर 2080 के बारे में हर बात जानिये, क्या होगा इस संवत्सर में ?
22 अप्रैल 2023 को नव विक्रम संवत का आरंभ होगा. 2080 का नव संवत्सर “पिंगल” नाम से पुकारा और जाना जाएगा. इस वर्ष संवत के राजा बुध होंगे और मंत्री शुक्र होंगे. पिंगल नामक संवत के प्रभाव से विकास के
राहु-केतु का राशि परिवर्तन । Rahu Ketu Transit 2024 | Change in Signs of Rahu-Ketu 2024
राहु-केतु का 2024 में राशि परिवर्तन होगा. राहु केतु का राशि में प्रवेश जब भी किसी राशि में होगा तो वह सभी राशियों पर खास रुप से असर डालने वाला होता है. राहु और केतु जब भी जिस राशि में प्रवेश करते हैं
गुरू का धनु राशि में गोचर कैसा रहेगा ? । Transit of Jupiter In Sagittarius Sign । Jupiter transit in sagittarius 2019
गुरु (बृहस्पति) 29 मार्च 2019 को धनु राशि में प्रवेश करेंगे. गुरू वृश्चिक राशि से अब धनु में गोचर करेंगे. देव गुरु बृहस्पति 10 अप्रैल 2019 को वक्री होंगे. 22 अप्रैल 2019 को वक्री अवस्था में एक बार
सर्वार्थ सिद्धि योग करता है आपके सभी कार्य सिद्ध
ज्योतिष में मुहूर्त एक ऎसा विषय है जो व्यक्ति के जीवन पर बहुत अधिक प्रभाव डालने वाला होता है. एक शुभ मुहूर्त्त आपके किसी भी अटके हुए काम और रुके हुए काम को आगे बढ़ाने में बहुत ही सहायक होता है. कहीं