Articles in Category jyotish

पंचमी तिथि | Panchami Tithi

हिन्दू कैलेण्डर के अनुसार एक तिथि का निर्माण सूर्य के अपने अंश से 12 अंश आगे जाने पर होता है. इस तिथि के देव नाग देवता है. इस तिथि में जन्म लेने वाले व्यक्ति को नाग देवता का पूजन करना चाहिए. नागों की

वराहमिहिर- ज्योतिष का इतिहास | Varahamihira - History of Astrology | Varahamihira Scriptures (Varahamihira Books Name) | Rishi Atri

वराहमिहिर ज्योतिष लोक के सबसे प्रसिद्ध ज्योतिष शास्त्रियों में से रहे है. वराहमिहिर के प्रयासों ने ही ज्योतिष को एक विज्ञान का रुप दिया. ज्योतिष के क्षेत्र में इनके योगदान की सराहना जितनी की जाएं, वह

राशियों का वर्गीकरण | Classifications of Signs

आपने पिछले अध्याय में जाना कि ज्योतिष में बारह राशियों का कुल मान 360 डिग्री होता है. प्रत्येक राशि 30 डिग्री की होती है. अब आप यह समझे कि कौन सी राशि कहाँ पर आती है. राशि राशि का मान मेष 0-30

सिट्रीन उपरत्न | Citrine | Citrine Gemstone - Metaphysical Properties Of Citrine

यह उपरत्न पीले रंग से लेकर सुनहरे रंग तक की आभा वाले रंगों में पाया जाता है. यह एक पारभासी उपरत्न है. इस उपरत्न को देखने पर यह पुखराज का भ्रम पैदा करता है. इस उपरत्न को पहनने की शुरुआत प्राचीन समय

13वीं राशि "ओफियुकस" 13th Zodiac Sign "Ophiuchus"

ज्योतिषशास्त्रियों के अनुसार भ्रचक्र में एक बडा परिवर्तन हुआ है. इंगलैंड की प्रसिद्ध ज्योतिषिय संस्था के अनुसार राशियों की संख्या 12 से 13 हो गई है. अर्थात सूर्य को एक वर्ष में 12 राशियों के स्थान पर