चतुर्थी तिथि | Chaturthi Tithi | Chaturthi Meaning | What is Tithi in Hindu Calender | How is Tithi Calculated

हिन्दू मास चन्द्र तिथियों से मिलकर बना होता है और चन्द्र मास के दो पक्ष होते है, एक कृष्ण पक्ष और दूसरा शुक्ल पक्ष, दोनों ही पक्षों में चतुर्थी तिथि आती है. इन दोनों पक्षों की चतुर्थी क्रमश: शुक्ल पक्ष की चतुर्थी व कृ्ष्ण पक्ष की चतुर्थी के नाम से जानी जाती है. इस तिथि के स्वामी श्री गणेश देव है. अत: इस तिथि में जन्म लेने वाले व्यक्तियों को अपने जीवन में शुभता बनाए रखने के लिए भगवान श्री गणेश की पूजा करनी चाहिए. 

चतुर्थी तिथि वार योग | Chaturthi Tithi Yoga

चतुर्थी तिथि रिक्ता तिथियों की श्रेणी में आती है. तिथि वार से बनने वाले योगों में चतुर्थी तिथि गुरुवार के दिन होने पर मृ्त्युदा योग बनाती है. यह तिथि शनिवार के दिन हो, तो इस तिथि के संयोग से सिद्धिदा योग बनता है. इस योग में कार्यसिद्धि की प्राप्ति होती है. चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में भगवान शिव का पूजन करना अशुभ होता है. परन्तु कृ्ष्ण पक्ष की चतुर्थी को शिव पूजन के लिए शुभ व कल्याणकारी कहा गया है. 

चतुर्थी तिथि व्यक्ति गुण | Chaturthi Tithi : Qualities of a Person

जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि में होता है. वह व्यक्ति भौतिक सुख-सुविधाओं का आदी होता है. उसे दान कार्यो में रुचि होती है. साथ ही ऎसा व्यक्ति अपने मित्रों से स्नेह करने वाला होता है. चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति विद्वान और ज्ञानी होता है. वह धन और संतान से युक्त होता है.