आश्लेषा नक्षत्र विशेषताएं | Characteristics of Ashlesha Nakshatra | Ashlesha Nakshatra Career

आकाश मे तारों के समूह को नक्षत्र कहा जाता  है और भारतीय ज्योतिष में इनका महत्वपूर्ण स्थान रहा है. नक्षत्रों की गणना प्राचीन काल से ही होती आ रही है और जिस व्यक्ति का जन्म जिस नक्षत्र में होता है उसके अनुसार उसके व्यक्तित्व का विश्लेषण प्राप्त होता है. ग्रह और नक्षत्रों के आधार पर ही शुभ और अशुभ का निर्णय होता रहा है. इसी तरह विभिन्न नक्षत्रों मे से एक नक्षत्र है आश्लेषा नक्षत्र.

आश्लेषा नक्षत्र स्वरूप | Ashlesha Nakshatra Recognition

आश्लेषा नक्षत्र पांच तारों का एक समूह होता है यह दिखने मे चक्र के समान प्रतीत होता है. आश्लेषा नक्षत्र गणना के क्रम में नवम स्थान पर आता है. यह नकक्ष कर्क राशि के अंतर्गत आता है. आश्लेषा नक्षत्र सूर्य के समीप होने के कारण इसे प्रातः के समय देखा जा सकता है. यह सूर्य के साथ होता है जो सूर्य के एक घर आगे या एक घर पीछे रहता है, बुध् की महादशा की अवधि 17 वर्ष तक चलती है. इस नक्षत्र का स्वामी बुध होता है जिस वजह से इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति पर बुध व चंद्र का विशेष प्रभाव पड़ता है

आश्लेषा नक्षत्र में जन्मे जातक के नाम के अक्षर चरणानुसार डी डू डे डो है.बुध का रंग हरा होने से इसका शुभ रत्न पन्ना है. अश्लेषा नक्षत्र में पैदा लेने वाले व्यक्ति गण्डमूल से प्रभावित होते  इसलिए इस नक्षत्र के गन्डमूल को "सर्पमूल" भी कहा जाता है यह नक्षत्र विषैला होता है यह नपुंसक ग्रह होने से दूसरे ग्रहों के साथ हो तो उत्तम फल देता है.

आश्लेषा नक्षत्र विशेषताएं | Ashlesha Nakshatra Characteristics

आश्लेषा नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है और बुध को ज्ञान का कारक माना गया है. यह वाणिक ग्रह भी है जिसके फलतः इस नक्षत्र में जन्मे जातक सफल व्यापारी, चतुर अधिवक्ता, भाषण कला में निपुण होते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति ईमानदार होते हैं इसके साथ ही यह मौक़ापरस्त भी होते हैं. दूसरों पर आसानी से विश्वास नहीं करते. यह स्वभाव मे हठीले एवं जिददी होते हैं और अपनी जिद के आगे किसी की भी नहीं सुनते.इस जातक में नाग देवता का प्रभाव अधिक प्रतीत होता है. फलतः व्यक्ति अपेक्षाकृत क्रोधी होता है.

आश्लेषा नक्षत्र कैरियर | Ashlesha Nakshatra Career

आश्लेषा नक्षत्र मे जन्मे जातक योग्य व्यवसायी होते हैं इन्हें नौकरी की अपेक्षा व्यापार करना ज्यादा भाता है और इस कारण यदि यह जातक नौकरी करता भी है.  उसमे ज्यादा समय तक टिक नही पाता और यदि नौकरी करते भी हैं तो साथ ही साथ किसी व्यवसाय से भी जुड़े रहते हैं.

आश्लेषा नक्षत्र के व्यक्ति मे स्थिरता का अभाव होता है इनमे कुछ न कुछ करते रहने की लगन बनी रहती है. इनका कोई भी पूर्वनिर्धारित स्वरूप नहीं होता. एक तरह से इनका जीवन भी बिल्कुल चलायमान नदी की भांती रहता है. यह अपने कर्यों के प्रति अग्रसर रहते है परंतु अगर अपने उद्देश्य में सफलता नहीं मिलती है तो ये अवसाद से ग्रस्त हो जाते हैं और इस वजह से संसारिकता से दूर होते जाते हैं.

 

आश्लेषा नक्षत्र में जन्मा जातक अच्छा एवं गुणी लेखक भी होता है. अपने चातुर्य के कारण यह श्रेष्ठ वक्ता भी होता है. भाषण कला में प्रवीण अपने इस गुण के कारण यह दूसरों पर अपनी छाप छोड़ते हैं और लोग इनसे जल्द ही प्रभावित होते हैं. इन्हें अपनी प्रशंसा सुनने की भी बड़ी चाहत रहती है. ओर अपना बखान किए बिना भी नही रहते .यह धन दौलत से परिपूर्ण होते हैं तथा इनका जीवन वैभव से युक्त होता है इनमें अच्छी निर्णय क्षमता पायी जाती है जो इन्हें सफलता तक पहुँचाती है.

आश्लेषा नक्षत्र महिला व्यक्तित्व | Ashlesha Nakshatra Female Characteristics

आश्लेषा नक्षत्र में जन्म लेने वाली स्त्री रंग रूप में सामान्य परंतु आकर्षक होती है. अपने स्वभाव से सभी का मोह लेने वाली होती है. यह संस्कारी और सभी का सम्मान करने वाली होती इस नक्षत्र मे जन्मी कन्या बहुत भाग्यशाली होती हैं यह जिस घर में जाती है. वहां लक्ष्मी का वास होता है वह घर धन धान्य से भर जाता है.

जिनका जन्म इस नक्षत्र में हुआ है उन्हें गण्डमूल नक्षत्र की शांति  के लिए पूजा करवानी करवानी चाहिए व भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए.

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