आश्चिन मास के पर्व: आश्चिन संक्रान्ति 2024, 17 सितम्बर (Festival in the Month of Ashwin : Ashvin Sankranti 2024, 17th September)
आश्विन संक्रांति, सूर्य कन्या राशि में 17 सितम्बर 2024 को प्रवेश करेंगे. आश्विन संक्रान्ति रविवार को 13:30 मिनट पर आरंभ होगी. इस 30 मुहूर्ति आश्विन संक्रान्ति का पुण्य काल 07:06 बाद से आरंभ होगा.
संक्रान्ति के दिन स्नान और दान पुण्य करना उत्तम फलदायक होता है.
पितृपक्ष श्राद्ध, 29 सितम्बर से 14 अक्टूबर (Pitru Paksh Shradh, September 29th to 14th October)
आश्चिन मास के प्रारम्भ के साथ ही पितृपक्ष श्राद्ध शुरु हो जाते है. श्राद्ध पक्ष में पितृ-ऋणों से निवृति करने संबन्धी क्रियाएं की जाती है. पूर्वजों कि तिथि पर पूर्वज का नाम लेते हुए, ब्राह्माणों को भोजन कराया जाता है. इस पक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शान्ति के लिये तर्पण कर तिलों का दान किया जाता है. अपने सामर्थ्य अनुसार तिलों का दान करना, श्राद्ध पक्ष की इस पूरी अवधि में शुभ रहता है. ब्राह्माणों को भोजन, दान-दक्षिणा कराने से दिवंगत पूर्वज प्रसन्न होते है.
इन्दिरा एकादशी व्रत, 10 अक्तूबर (Fast of Indira Ekadashi, 10th October)
आश्चिन कृष्ण पक्ष इन्दिरा एकाद्शी के दिन भगवान विष्णु जी की उपासना का विधान होता है. इस दिन भागवत कथा का पाठ करने से सभी पापों का नाश होता है.
आश्चिन शुक्ल पक्ष, 26 सितंबर (Ashvin Shukla Paksh, 26th September)
आश्चिन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आश्चिन - शरद नवरात्रे प्रारम्भ होंगे. प्रतिपदा तिथि में नवरात्रे का पहला व्रत रहेगा. प्रतिपदा को स्नान, ध्यानादि के बाद मिट्टी के शुद्ध पात्र में जौ, सप्तधान आदि के बीज बोने चाहिए. इसके बाद घर के मन्दिर के सामने पुष्प अक्षत डालकर, विधि पूर्वक कलश स्थापना की जाती है. फिर ज्योत जलाकर षोडशोपचार सहित श्री दुर्गा पूजन किया जाता है.
पूजन मंत्र
"ऊँ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दूर्गा क्षमा शिवाधात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते"
पूजन करने के बाद संकल्प पूर्वक नवमी नवरात्रे तक श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ नियमित रुप से करना चाहिए.
महात्मा गांधी जयन्ती, 02 अक्तूबर (Mahatma Gandhi Jayanti, 2nd October)
02 अक्तूबर के दिन महात्मा गांधी जयन्ती श्राद्ध व सम्मान के साथ मनाई जाती है. महात्मा गांधी का भारत को स्वतन्त्रता दिलाने में विशेष योगदान रहा है. महात्मा गांधी 'बापू" नाम से भी जाने जाते है. महात्मा गांधी अहिंसा के समर्थक रहें है. उन्हें "नमक तोड आंदोलन" व दांडी यात्रा के लिये
शारदीय नवरात्रे समाप्त, 04 अक्तूबर (End of Sharadiya Navaratri, 4th October)
4 अक्तूबर 2024 के दिन नवमी तिथि में शारदीय नवरात्रे समाप्त होगें.
विजयादशमी (दशहरा) 2024 - 05 अक्तूबर (Vijyadashami (Dusshra) 2024 - 05th October)
इस दिन श्री राम की पूजा अर्चना करने के बाद सायंकाल में क्रोध व अंहकार के प्रतीक रावण का पुतला जलाया जाता है. विजयादशमी जिसे दशहरा के नाम से भी जाना जाता है. इस पर्व के विषय में एक पौराणिक कथा प्रचलित है कि इस दिन भगवान श्री राम ने राक्षस राज रावण को अंतिम युद्ध में हराकर, माता सीता को रावण की लंका से मुक्त कराया था. असत्य पर सत्य, राक्षसों पर देवों तथा अन्याय पर सच्चाई की विजय के उपलक्ष्य में विजयादशमी का त्यौहार मनाया जाता है.
पापकुंशा एकादशी 2024 - 25 अक्तूबर (Papkumsha Ekadashi 2024 - 25th October)
इस दिन इस व्रत को करने से व्यक्ति के जाने - अनजाने में किये गये पापों में कमी होती है. तथा उपवासक में पाप करने की प्रवृ्ति की कमी होती है. आश्चिन मास के शुक्ल पक्ष कि एकादशी तिथि को आने वाले इस एकादशी के व्रत में भी अन्य एकादशियों की तरह भगवान विष्णु जी का पूजन- अर्चन किया जाता है.
आश्चिन - शरद पूर्णिमा 2024 - 09 अक्तूबर (Ashin - Sharad Poornima 2024 - 09th October)
आश्चिन मास की शरद पूर्णिमा का व्रत रखकर भगवान लक्ष्मी नारायण का पूजन करके रात्रि को बादाम, किशमिश मेवादि युक्त खीर बनाकर छिडकती हुई चांदनी में सुरक्षत रखकर दूसरे दिन भगवान को भोग लगाकर ब्राह्माणों को खिलाकर, प्रसाद रुप में स्वयं सपरिवार ग्रहण करने से अनेक प्रकार के मानसिक व शारीरिक रोगों से शान्ति मिलती है. इसी दिन से कर्तिक मास के स्नान भी शुरु होते है.
करवा चौथ पूजन व्रत 2024 - 01 नवम्बर (Fast of Karva Chauth Poojan 2024 - 1st November)
श्री करक चतुर्थी अर्थात करवा़चौथ का व्रत सुहागिन स्त्रियां पति की मंगल कामना व आयु वृद्धि के लिये करती है. इस व्रत का चलन समय के साथ बढता जा रहा है. आजकल इस व्रत का आधार आस्था न रहकर प्रेम का दिखावा बनकर रह गया है.