Articles in Category Yoga

कुण्डली में बने ये योग तो होती है लव मैरिज | Following yogas in kundli are favourable for a love marriage

प्रेम संबंधों को लेकर युवाओं के मन में बहुत सी कल्पनाएं जन्म लेती रहती है. उम्र के इस पड़ाव पर जब व्यक्ति अपने साथी की तलाश में होता है तो उसका मन किन बातों से प्रभावित होगा यह कहना आसान नहीं होता

कालसर्प योग का कुण्डली पर प्रभाव । Effect of Kalsarp yog in kundli

जन्म कुण्डली में राहु-केतु से निर्मित होने वाला योग है. राहु को कालसर्प का मुख माना गया है. अगर राहु के साथ कोई भी ग्रह उसी राशि और नक्षत्र में शामिल हो तो वह ग्रह कालसर्प योग के मुख में ही स्थित

कैसे बनता है यमघंटक योग | How does ‘Yamghantak Yoga’ appear ?

कुछ अशुभ योगों की गिनती में यमघंटक योग का नाम भी आता है. यह वह योग है जो अच्छे कार्यों में त्याज्य होता है. इस योग में व्यक्ति के किए गए शुभ कार्यों में असफलता की संभावना बढ़ जाती है. ज्योतिष में

मार्च 2018 के सर्वार्थ सिद्धि-अमृत सिद्धि योग में पूरे होंगे काम |Sarwarth Siddhi - Amrit Siddhi yog in March 2018

किसी भी मुख्य कार्य को करने के लिए ज्योतिष में शुभ मुहूर्त विचार के बारे में बताया गया है. कई बार परिस्थिति वश अथवा समय के अभाव के चलते उपयुक्त समय न मिल पाने के कारण कोई सुनिश्चित या निर्धारित

वर्ष 2018 में बनने वाला गुरु पुष्य योग दिलाएगा सफलता | Guru Pushya Yoga Will Bring Success In 2018

गुरू पुष्य योग एक बहुत ही विशिष्ट एवं महत्वपूर्ण योग माना जाता है. ज्योतिष में इस योग की बहुत महत्ता है. इस योग के समय किए गए कार्यों में सफलता एवं शुभता की संभावना में वृद्धि होती है. इसके साथ ही

जन्म कुण्डली से जानें होटल व्यवसाय के योग | Yogas for Hotel Business through Janma Kundali

होटल व्यवसाय के क्षेत्र में सफलता का निर्धारण कुण्डली के दूसरे भाव, चौथे भाव और एकादश भाव से करना चाहिए. यह स्थान जातक के लिए विशेष प्रभावशाली माने जाते हैं. इसके साथ-साथ इस क्षेत्र में सफलता के लिए

दो ग्रहों से बनने वाले योग का फल | Yogas Formed With a Combination of Two Planets

सूर्य और चंद्रमा का युतिफल | Combination of Sun and Moon सूर्य के साथ चंद्रमा की स्थिति में जातक स्त्रियों के नियंत्रण में रहने वाला होता है और उनकी बात को समझता है. इसलिए स्त्रियों का साथ इन्हें

दुर्घटना तथा चोट लगने के योग | Yogas For Injuries and Mishappenings

वैदिक ज्योतिष के अन्तर्गत ही चिकित्सा ज्योतिष का भी वर्णन मिलता है. इसके माध्यम से व्यक्ति के साथ होने वाले अरिष्ट का पता पहले से ही लगाया जा सकता है. हर कुंडली में स्वास्थ्य के कुछ मापदंड पहले से ही

जन्म कुंडली में प्रापर्टी योग | Yoga for Property in Janam Kundali

हर व्यक्ति का सपना होता है कि वह अपने सपनो का घर अवश्य बनाएँ. जिसे वह अपने मन से सजाए-संवारे. आप में से बहुत से लोगों का यह सपना पूरा हो जाता है लेकिन बहुत से लोग अपने इस सपने को पूरा ही नही कर पाते

कुण्डली में बनने वाला वज्रमुष्टि योग | Vajra Mushti Yoga in Kundli

वज्रमुष्टि योग के विषय में कई ज्योतिषी ग्रंथों में लिखा गया है, इस योग के बारे में कई प्रकार के फलों को भी बताया गया है जिसमें से प्रमुख तो यह है कि स्वास्थ्य में कमी का सामना करना पड़ता है और जातक

संतानहीनता के योग | Yogas for No Children

संतान प्राप्ति के लिए वैदिक ज्योतिष में पंचम भाव का आंकलन किया जाता है. पंचम भाव जितना अधिक शुभ प्रभाव में रहेगा उतना ही संतान प्राप्ति जल्दी होती है. इसी प्रकार पंचमेश को भी देखा जाता है. पंचम भाव व

जन्म कुंडली में मकान बनाने के योग | Yogas for Acquiring Property in a Kundali

एक अच्छा घर बनाने की इच्छा हर व्यक्ति के जीवन की चाह होती है. व्यक्ति किसी ना किसी तरह से जोड़-तोड़ कर के घर बनाने के लिए प्रयास करता ही है. कुछ ऎसे व्यक्ति भी होते हैं जो जीवन भर प्रयास करते हैं

कालसर्प योग - अच्छा या बुरा - Kal Sarpa Yoga - Auspicious or Inauspicious

ज्योतिष में बहुत से अच्छे अथवा बुरे योगों का उल्लेख किया गया है. इन्हीं योगो में से एक योग कालसर्प योग भी है. इस योग के बारे में बहुत सी भ्रांतिया लोगो के मध्य फैली हुई है. किन्तु सही क्या है यह कहना

ज्योतिष में आय प्राप्ति योग | Yogas in Astrology for Acquiring Income

आज के भगदौड़ वाले समय में व्यवसाय या नौकरी में प्रमोशन की चाह सभी के मन में देखी जा सकती है. अक्सर देखने में आता है कि कुछ व्यक्तियों को अत्यधिक परिश्रम के बावजूद भी आशानुरूप सफलता नहीं मिल पाती है

इत्थशाल योग | Ithasala Yoga | Ithasala Yoga Importance

इत्थशाल योग का उपयोग ताजिक शास्त्र में देखा जा सकता है. ताजिक ज्योतिष वर्ष फल बताने की एक पद्धति है. इत्थशाला योग का ताजिक ज्योतिष में महत्वपूर्ण स्थान है. इत्थशाला शब्द का अर्थ है अवश्य संभावी

राजाधिराज योग | Rajadhiraja Yoga | Importance of Rajadhiraja Yoga

वैदिक ज्योतिष अत्यधिक व्यापक क्षेत्र है. एक कुण्डली का विश्लेषण करना चुनौती भरा काम होता है. किसी भी कुण्डली में बनने वाले योगों को देखने के लिए बहुत सी बातों का विश्लेषण करके ही किसी नतीजे पर पहुंजा

कन्या लग्न में धन योग | Dhana Yoga in Virgo Ascendant

भौतिक समृद्धि के लिए लक्ष्मी की कृपा दृष्टि सदैव आवश्यक होती है. कन्या लग्न में जन्में जातक की कुण्डली में यदि बुध बलवान होकर स्थित हो तो जातक बुद्धिमान, बलवान, कुशल वक्ता तथा सुंदर गुणों से युक्त

चाप योग | Chaap Yoga | Formation of Chaap Yoga

लग्नेश के उच्च राशिस्थ होने के साथ-साथ दशमेश और चतुर्थेश के मध्य विनिमय परिवर्तन योग होने पर निर्मित होता है. चाप योग की परिभाषाओं में कुछ भिन्नता देखने को मिलती है. यदि कुण्डली में चतुर्थ और दशम

सिंहासन योग | Sinhasan Yoga | Sinhasan Yoga in a Kundali

दशमेश के केन्द्र, त्रिकोण, अथवा धन भाव में स्थित होने से निर्मित होता है सिंहासन योग. जन्म कुण्डली में दशम भावाधीश केन्द्र, त्रिकोण अथवा द्वितीय इनमें से किसी एक स्थान पर भी स्थित हो तो ऎसा जातक उच्च

राजयोग | Rajyoga in a Kundali | Rajyoga

वैदिक ज्योतिष अत्यधिक व्यापक क्षेत्र है. कुण्डली का विश्लेषण करना चुनौती भरा काम होता है. किसी भी कुण्डली को देखने के लिए बहुत सी बातों का विश्लेषण करके तब किसी नतीजे पर पहुंचना चाहिए. कुण्डली