Articles in Category Yoga

हल योग | Hal Yoga | Hal Yoga in a kundali

हल योग अपने नाम के अनुसार ही दिखाई भी देता है. हल जो भूमि को खोदकर उसमें से जीवन का रस प्रदान करता है और उसी को पाकर ही जीव अपने जीवन को बनाए रखने में सफल होता है यही हल योग जब कुण्डली में निर्मित

कुण्डली में यूप योग | Yoop Yoga in a Kundali | Yoop Yoga

ज्योतिष में हजारों योगों के विषय में उल्लेख प्राप्त होता है. कुण्डली में बनने वाले अनेक योग किसी न किसी प्रकार से जीवन को अवश्य प्रभावित करते हैं. यूप योग लग्न से चतुर्थ भाव अर्थात कुण्डली के पहले

अधियोग | Adhi Yoga | Adhi Yoga in a Kundli

ज्योतिष शास्त्र के अनेक ग्रंथों में अधियोग की कल्पना को अभिव्यक्त किया गया है. अधियोग को पापाधियोग और शुभाधियोग दो भागों में विभाजित किया गया है. इस योग में यदि जन्मकालीन चंद्रमा से बुध, बृहस्पति और

कूर्म योग | Kurma Yoga | Yoga in a Kundali | Kurma Yoga Effects

कूर्म योग अपने नाम की सार्थकता को इस प्रकार व्यक्त करता है कि कुण्डली में बनने वाला यह योग कूर्म के समान दिखाई देता है. जिस प्रकार कूर्म के पैर अनेक दिशाओं में फैले हुए से रहते हें उसी प्रकार इस योग

शनि और मंगल का योग | Yoga of Saturn and Mars

सभी ग्रह समय - समय पर अपनी राशि परिवर्तित करते रहते हैं. सभी ग्रहों का एक राशि में भ्रमण का समय अलग ही होता है. कोई शीघ्र राशि बदलता है तो कई ग्रह लम्बी अवधि तक एक ही राशि में रहते हैं. सभी नौ ग्रहों

चामर योग | Chamar Yoga | Chamar Yoga in Kundli

जातक परिजात के अनुसार “लग्नेश केन्द्रगते स्वतुग्डें जीवेक्षिते चामरनाम योग:” अर्थात कुण्डली में यदि लग्नेश उच्च राशि में स्थित होकर केन्द्र में हो और यह योग केवल मेष, मिथुन कन्या, मकर लग्न में उपन्न

कुण्डली बताती है नौकरी पाने के योग | A Kundali tells us about the yogas related to profession

नौकरी से संबंधित बहुत से प्रश्नों पर ज्योतिष शास्त्र में विचार किया जाता है. नौकरी में बने रहना या पद्दोन्नती होना या स्थान परिवर्तन जैसी अनेक बातों का विवेचन कुण्डली में बनने वाले विभिन्न योगों से

कुण्डली में कुसुम योग | Kusum Yoga in a Kundali | Kusum Yoga

ज्योतिष शास्त्र में कुसुम योग का महत्व विस्तार पूर्वक बताया गया है. कुसुम योग बनने के प्रभाव स्वरुप व्यक्ति का जीवन किस प्रकार से प्रभावित होता है इस तथ्य को अनेक ज्योतिष से संबंधित पुस्तकों में जाना

शारदा योग | Sharda Yoga | Sharda Yoga in Kundli

वैदिक ज्योतिष के कई मुख्य योगों की श्रृंखला में शारदा योग भी आता है. शारदा योग के बनने से व्यक्ति भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में तरक्की तथा उन्नति करता है. जैसे लेखक, कवि, राजनेता या अभिनेता आदि बनने के

त्रिमूर्ति योग | Effect and Formation of Trimurti Yoga

ज्योतिष शास्त्र में अनेक प्रकार के योगों के विषय में उल्लेख प्राप्त होता है. कुण्डली में बनने वाले यह योग जातक के जीवन पर अनेक प्रकार से प्रभाव डालते हैं. इन सभी योगों का जातक के जीवन पर गहरा प्रभाव

कुण्डली में बनने वाले विभिन्न योग | Different Yogas in a Kundali

कुण्डली या कहें जन्म पत्रिका जिसके भितर जातक के जीवन के जीवन का सारांश छुपा होता है जिसे पढ़कर व्यक्ति भूत, भविष्य और वर्तमान के संदर्भ में अनेक बातों को जान सकता है. कुण्डली में अनेक योगों का

ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों के योंगों का महत्व | Importance of Planetary Combination in Astrology

ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों के योगों का बड़ा महत्व है। पराशर से लेकर जैमनी तक सभी ने ग्रह योग को ज्योतिष फलदेश का आधार माना है। योग के आंकलन के बिना सही फलादेश कर पाना संभव नहीं है। योग क्या है और यह

कुण्डली से जाने कैसी होगी शिक्षा | Know about your education through a Kundali

वैदिक ज्योतिष द्वारा हम कुण्डली में स्थित शिक्षा के योग के बारे में भी जान सकते हैं. जातक की शिक्षा कैसी होगी और वह शैक्षिक योग्यता में किन उचाइयों को छूने में सक्षम हो सकेगा. आज के समय में सभी अपनी

कुण्डली से जाने व्यवसाय में सफलता | Kundali informs about success of business

व्यवसाय में कैसी स्थिति रहेगी इस विषय का आंकलन ज्योतिष द्वारा किया जा सकता है. ग्रहों की किस प्रकार की दृष्टि, युति या स्थान परिवर्तन कैसा हो रहा है, इन सभी तथ्यों के आधार पर कारोबार में सफलता-असफलता

केमद्रुम योग | Kemdrum Yoga | Kemdrum Dosh

केमद्रुम योग ज्योतिष में चंद्रमा से निर्मित एक महत्वपूर्ण योग है. वृहज्जातक में वाराहमिहिर के अनुसार यह योग उस समय होता है जब चंद्रमा के आगे या पीछे वाले भावों में ग्रह न हो अर्थात चंद्रमा से दूसरे

कुण्डली में विवाह योग कैसे बनते हैं | How are marriage yogas formed in a Kundali | Marriage Yogas in Kundali | Marriage Yogas

विवाह के समय का निर्धारण करने में कुण्डली में बन रहे योग विशेष भूमिका निभाते है. किसी व्यक्ति को वैवाहिक जीवन में कितना सुख मिलेगा यह सब कुण्डली के योगों पर निर्भर करता है. शुभ ग्रह, शुभ भावों के

पितृ दोष के विशेष योग और उपाय | Yogas for Pitra Dosha and Remedies for it

जन्म के समय व्यक्ति अपनी कुण्डली में बहुत से योगों को लेकर पैदा होता है. यह योग बहुत अच्छे हो सकते हैं, बहुत खराब हो सकते हैं, मिश्रित फल प्रदान करने वाले हो सकते हैं या व्यक्ति के पास सभी कुछ होते

कुण्डली में धन योग बनाए धनवान | Dhan Yoga in a Kundali | Laxmi Yoga in a Kundali | Dhan Yoga

ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि में धन वैभव और सुख के लिए कुण्डली में मौजूद धनदायक योग या लक्ष्मी योग काफी महत्वपूर्ण होते हैं. जन्म कुण्डली एवं चंद्र कुंडली में विशेष धन योग तब बनते हैं जब जन्म व चंद्र

कुण्डली में अरिष्ट योग | Reasons for the formation of inauspicious yogas in a Kundali

जन्मकुंडली के माध्यम से जातक के अरिष्ट होने के योग या कारण को जाना जा सकता है. जन्मकुंडली में ग्रह स्थिति, गोचर तथा दशा-अन्तर्दशा से अरिष्ट योगों को समझा जा सकता है. रोगों का विचार अष्टमेश और आठवें

शयनादि अवस्थाएँ | Shaynadi Avasthaye | Shaynadi Stage

वैदिक ज्योतिष में बहुत से योगों तथा अवस्थाओं का वर्णन मिलता है. इन अवस्थाओं को भिन्न - भिन्न नामों से जाना जाता है. इन अवस्थाओं के नाम के अनुसार ही इनका प्रभाव भी होता है और व्यक्ति को अपने जीवन में