चंद्रमा और शुक्र | Moon and Venus

लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में चंद्रमा के साथ शुक्र का संबंध आने पर व्यक्ति के शौक अलग से दिखाई देने लगते हैं. वह अपने प्रयासों द्वारा अपनी छुपी हुई प्रतिभा को सबके सामने लाने में सफल होता है. कलात्मक चिजों की ओर उसका लगाव अधिक रह सकता है.

गीत-संगीत की ओर रूझान में वृद्धि होती है. इन दोनों के फल आंतरिक रूप से काफी प्रभावशाली रूप से प्राप्त होते हैं व बिना किसी रूकावट के इसके फल प्राप्त होते हैं. लेकिन इनके प्रभावों की पूर्णता में कुछ न कुछ कमी अवश्य देखने को मिल सकती है. कहीं न कहीं यह दोनों ही अपना प्रभाव किसी अलग रूप में भी दर्शाते हैं.

टेवे के तीसरे घर में व्यक्ति अपनी प्रतिभा द्वारा जो ख्याती पाता है उसमें वह अपनी सभी क्षमताओं का प्रदर्शन करता है. परंतु यहां यदि शुक्र पर अशुभ प्रभाव आ रहा हो तो व्यक्ति व्यसनों में भी पड़ सकता है. जातक के साहस में भी कमी आती है. वह अपनी प्रतिभा को सही प्रकार से अभिव्यक्त करने में सफल नहीं हो पाता है. स्त्री पक्ष द्वारा परेशानियां उभर सकती हैं.

चंद्रमा और शनि | Moon and Saturn

चंद्रमा का लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में शनि के साथ होने पर चंद्रमा के प्रभाव पर असर पड़ सकता है इनके साथ व्यक्ति को इन दोनों ग्रहों की भिन्नता द्वारा सहज होकर इन्हें समझने की आवश्यकता होती है. इन दोनों ग्रहों का अपना विशेष महत्व होता है और यह अपने अनुरूप फलों से व्यक्ति पर प्रभाव छोड़ते हैं.किसी भी ओर से इन ग्रहों के संयुक्त फलों में कमी बनी रह सकती है. यह व्यक्ति को एक ओर से संतुष्ट तो करते हैं लेकिन दूसरी ओर से कोई न कोई परेशानी उभर कर सामने आ सकती है.

यह दोनों ग्रह संयुक्त रूप से एक लम्बे समय तक के लिए फल देते हैं. इनके फलों के कारण व्यक्ति को धन की पूर्ति बनी रहती है लेकिन धन का बक्सा खाली रहता है अर्थात व्यक्ति की जरूरतें तो पूरी होती रहेंगी किंतु यदि वह यह सोचे की वह धन जमाकर लेगा तो यह उसके लिए बहुत कठिन होगा. पूंजी संचित करने में उसे दिक्कतें ही आती रहेंगी.

खाली बक्स धन दौलत होते दोनों पाया घर तीजो मतलब जब दोनों ग्रह तीसरे घर में स्थित हों तो व्यक्ति बहुत संपत्ति पाने वाला होता है लेकिन वह उसे जमा नहीं कर पाता है व्यर्थ के खर्चों के कारण परेशानी बनी रह सकती है.

चंद्रमा और राहु | Moon and Rahu

लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में चंद्रमा के साथ राहु की युति अनुकूल फल देने में कमी कर सकती है. इस युति के अनुरूप व्यक्ति को फल प्राप्त होते हैं जो शुभता की कमी को दर्शाने वाले होते हैं. इस स्थान पर होने से व्यक्ति के लिए केतु और बुध का फल मंदा हो जाता है. इन दोनों ग्रहों के फलों में कमी झेलनी पड़ती है संतान की ओर से परेशानी जेलनी पड़ सकती है.

लाल किताब के इस खाने में राहु के साथ चंद्र के होने पर व्यक्ति को बुआ, बहन या बेटी की तकलीफ देखनी पड़ सकती है. व्यक्ति को रीढ़ की हड्डी से दर्द संबंधित तकलीफें सता सकती हैं. कान में दर्द या अन्य कोई समस्या उभर कर सामने आ सकती हैं.

चंद्रमा और केतु | Moon and Ketu

चंद्रमा के साथ केतु का टेवे के तीसरे घर में होना ग्रहण जैसा होता है. इसके शुभता के लिए हानिकारक होते हैं. व्यक्ति को भाग्य में कमी झेलनी पड़ सकती है जीवन में सफलता पाने के लिए कठिन परिश्रम करना होता है. कहीं न कहीं यह फल अलगाव को दर्शाने वाले होते हैं.