बुध का मेष-वृष या मिथुन राशि में होने पर ऎसा होता है व्यक्ति पर असर

मेषगतदृष्टि बुधफल | Mercury Aspecting Aries

मेषगत बुध के होने से जातक में युद्धकला की खूबी होती है और वह युद्धप्रिय होता है. जातक अपने विषयों का अच्छा जानकार होता है. व्यक्ति निर्णय लेने में देरी नहीं करता है और किसी भी नतीजे पर जल्द से जल्द पहुंचने की कोशिश करता है. शौर्य में प्रविण होने के साथ ही इनमें ज्ञान की समझ भी खूब होती है किंतु सही संगत का साथ नहीं मिलने के कारण यह अपने कौशल को निखार नहीं पाते हैं. मौलिक ज्ञान में यह निपुण होते हैं और जिस भी विषय को जानते हैं उसमें पूरी तरह से विद्वता हासिल कर लेने की क्षमता रखते हैं.

इस राशि में स्थित होने से जातक में मंगल और बुध के गुणों का कुछ न कुछ प्रभाव स्वत: ही दृष्टिगोचर होता है. जातक कार्यों में चालाकी भी रखता यह अपना काम निकाल लेने की कला भी अच्छे से जानता है इसलिए उसके काम करने के तरीकों में छल करने का भाव भी हो सकता है जिससे वह अपने काम को बहुत सहजता से दूसरों द्वारा करवा भी सकता है.

शारीरिक रूप से कुछ कमजोर हो सकता है किंतु साहस में कमी नहीं होती है. इन्हें संगीत में रूचि रहती है और कला संबंधी विषयों में लगाव रहता है कई प्रकार से नाट्य कलाओं का भी शौक रखता है. अपने वचन में असत्यवादी भी हो सकता है. प्रेम में रमे रहने की इच्छा रखता है. चंचलता इनमें खूब होती है पर साथ ही यह कुछ मामलों में दृढ़ता के साथ खडे़ भी रहते हैं. इनकी मेहनत से कमाया गया धन कई बार व्यर्थ हो जाता है जिस कारण ऋण भी लेना पड़ता है आर्थिक स्थिति में उतार-चढा़व बने रहते हैं.

वृषस्थ बुधफल | Mercury Aspecting Taurus

इससे प्रभावित होने से जातक में दक्षता आती है उसमें चातुर्य होता है जिसके कारण वह अपने कामों को काफी सहजता और प्रभावशाली तरीके से कर लेता है. इनमें अपनी वाह वाही पाने की चाह होती है यह दान पुण्य करते हैं किंतु साथ में प्रशंसा भी पाने की इच्छा रखते हैं. वेद सम्मत होने के साथ साथ शास्त्रों के बारे में जानने का इच्छुक भी होता है. धर्मसंगत कामों में भी रूचि लेने वाला होता है.

जातक को अच्छे रहन सहन में रहने कि इच्छा रहेगी, वस्त्राभूषणों का शौक होगा. अच्छी और कीमती वस्तुओं के प्रति झुकाव अधिक रह सकता है. परिश्रम करने वाला होगा और अपनी देह को कसरत द्वारा सुंदर बनाए रखने कि चाह भी रखेगा. अपने विचारों में काफी दृढ़ विचारों हो सकता है और स्वभाव में कठोरता लिए रह सकता है.

आर्थिक रूप से जातक को काफी मजबूती मिलती है. बातों में उसके मिठास रह सकती है तथा उसके इस गुण से लोग उससे प्रभावित होते हैं. यह दूसरों की बातों को समझने वाले होते हैं, इनमें प्रेम की भावना अधिक होती है और रास विलास की चाह भी खूब रहती है. हास्य में रूचि लेते हैं तथा मनोविन्द की प्रवृति भी इनमें रहती है. किसी भी काम को करने में यह कुछ जल्दबाजी भी रख सकते हैं जिस कारण कुछ गड़बडी़ भी उत्पन्न हो सकती है किंतु अपने काम को संपूर्ण करने में इनकी लगन समाप्त नहीं होती और धैर्य के साथ काम को पूर्ण करने में लगे ही रहते हैं.

मिथुनस्थ बुधफल | Mercury Aspecting Gemini

मिथुनस्थ बुध के होने पर जातक जातक शुभ वेष धारण करने वाला बनता है, शुभ वचनों को बोलने वाला व प्रियभाषी होता है. साहयक बनता है और समाज कार्य में सहयोग करने वाला होता है. जातक की प्रसिद्धि भी खूब होती है वह अपने कार्यों द्वारा सभी के सम्मुख सम्मान भी पाता है. बोलने में काफी निपुण होता है परंतु कभी कभी इनके शब्दों में बड़बोलापन देखने को मिल सकता है. अपनी स्थिति से अधिक कहने कि इनकी आदत रहती ही है.

जातक स्वाभिमानी होता है और किसी की सहायता की अधिक चाह नहीं रखता है. सुख अधिक नहीं भोग पाता है. इनमें अधिक रतिकामना नहीं होती. विवाद में अधिक रमे रह सकते हैं बाल की खाल उतारना इनके व्यवहार में रह सकता है. स्वतंत्र विचारधार वाले होते हैं ओर अपने विचारों में किसी प्रकार का बदलाव इन्हें पसंद नहीं आता है.

कार्य कुशलता इनमें खूब होती है. इन्हें मित्र बनाना पसंद है ओर इनके मित्र भी ठेर सारे होते हैं जो इनके लिए सहयोगी भी होते हैं. संतान का सुख भी खूब मिलता है और यह अपने जीवन में मेहनत भी खूब करते हैं ताकी अपनी सफलता को पा सकें.

"बुधगतदृष्टि फलाध्याय - भाग 2"

"बुधगतदृष्टि फलाध्याय - भाग 3"

"बुधगतदृष्टि फलाध्याय - भाग 4"