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शुक्र उदय क्यों है विशेष और क्या है इसका महत्व
शुक्र का उदय ओर अस्त होना ज्योतिष शास्त्र में गोचर की विशेष घटना क्रम में से होता है. जिस प्रकार बृहस्पति अपनी शुभता एवं सौभाग्य के प्रतिक माने जाते हैं उसी प्रकार शुक को भी शुभता एवं समृद्धि का
बृहस्पति का मेष राशि में गोचर 22 अप्रैल 2023
बृहस्पति गोचर 2023 मेष राशि में - 22 अप्रैल 2023 बृहस्पति को सभी ग्रहों में देवों के गुरु का स्थान प्राप्त है. बृहस्पति को शुभदायक ग्रह माना गया है यह वृद्धि एवं प्रगति का कारक भी होता है. बृहस्पति
वक्री मंगल का वृष राशि में गोचर प्रभाव
मंगल का वक्री होना मंगल की शक्ति को कई दिशाओं में बांट देने वाला होता है. वक्री मंगल वह समय है जब व्यक्तित ऊर्जावान महसूस कर हुए भी शारीरिक शक्ति धीमी लगने लगती है. व्यवहार में असंतोष अधिक रह सकता है
बुध का मकर राशि में गोचर
बुध का गोचर मकर राशि में 24 जनवरी 2025 को होगा. बुध इस समय धनु राशि से निकल कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे और 11 फरवरी 2025 के मध्य तक यहीं रहेंगे. बुध का गोचर मकर राशि में 24 जनवरी 2025 को शुक्रवार
शुक्र का अस्त होना कैसे डालता है अपना असर , और क्यों रुक जाते हैं शुभ कार्य
सूर्य की शक्तिशाली ऊर्जा किसी भी ग्रह को जला सकती है और ग्रह की शक्ति को भड़का भी सकती है, जिसके सूर्य निकट होता है. शुक्र का अस्त होना अशांत प्रेम जीवन का प्रतीक बन सकता है. अधिकांश मामलों में प्यार
धनु राशि में सूर्य का गोचर : जानें सभी राशियों के लिए होगा खास
धनु राशि में सूर्य का गोचर : जानें सभी राशियों के लिए होगा खास सूर्य को आत्मा एवं ऊर्जा माना जाता है, वैदिक ज्योतिष में यह इन्हीं तत्वों का कारक बनकर जीवन के विकास में सहायक बनता है. कुण्डली में यह
मंगल का मिथुन राशि गोचर
मंगल ग्रह साहस, हिम्मत और बहादुरी और ताकत का प्रतिनिधित्व करता है. मंगल जब एक राशि से निकल कर किसी दूसरी राशि में जाता है तो इस समय को मंगल के राशि गोचर के रुप में जाना जाता है. मंगल का गोचर मिथुन
सूर्य का वृश्चिक राशि गोचर: सभी राशियों पर प्रभाव
सूर्य 30 दिनों की अवधि के लिए वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे. कुंडली में सूर्य की स्थिति का जीवन में बहुत महत्व होता है और यह उसके समग्र व्यक्तित्व को प्रभावित करती है. सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर
बुध का वृश्चिक राशि गोचर : सभी राशियों पर होगा खास प्रभाव
बुध का वृश्चिक राशि में गोचर किसी व्यक्ति के संचार, व्यवहार, व्यवसाय और तर्क -विश्लेषण के तरीके में एक बड़ा बदलाव लाने वाला होता है. यह गोचर विभिन्न राशियों के लोगों के लिए कई सकारात्मक और नकारात्मक
सूर्य का कन्या राशि में गोचर (16 सितंबर 2025)
वैदिक ज्योतिष में, सूर्य को सभी ग्रहों में राजा का प्रतिनिधित्व प्राप्त है. सूर्य की स्थिति सभी ग्रहों के लिए नियंत्रक के रुप में होती है. सौर गणना द्वारा सौर मास का निर्धारण करती है. सूर्य का कन्या
बुध का तुला राशि गोचर : सभी राशियों के लिए होगा खास
बुध ग्रह व्यक्ति के संचार कौशल, विचारशीलता, तर्क वितर्क, क्षमताओं और बुद्धि, वाणी का कारक है. इस कारन से बुध का राशि बदलाव जब भी होता है इन गुणों पर इसका असर अवश्य दिखाई देता है. बुध का कन्या राशि से
मंगल का वृष राशि में गोचर
मंगल का वृष राशि में प्रवेश 12 जुलाई 2024 को 18:58 के करीब हुआ. उसके बाद 26 अगस्त 2024 को मिथुन राशि में जाएंगे. मंगल शक्ति, साहस, सहनशक्ति, समर्पण, इच्छाशक्ति, कुछ भी करने की प्रेरणा होता है और किसी
बुध का मेष राशि में गोचर
बुध ग्रह बौद्धिक गतिविधियों, संगती प्रभाव, तर्क वितर्क, भाषा बोली को प्रभावित करने वाला ग्रह है. बुध का गोचर जब किसी राशि में होता है तो यह बुध के गुणों को भी प्रभावित करने वाला समय होता है. बुध के
वक्री शनि करेंगे मकर राशि में प्रवेश, इन राशियों के लिए बनेंगे कुछ विशेष योग
शनि की चाल में जब बदलाव होता है तो वक्री अवस्था का असर काफी चीजों को बदल देता है. शनि एक लम्बे समय तक मकर राशि में रहे ओर कुंभ में आए लेकिन वक्री होकर एक बार फिर से मकर में ही जाने वाले हैं. अब इस
बुध का मिथुन राशि गोचर क्या आपके लिए है शुभ?
बुध का मिथुन राशि प्रवेश संचार हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण समय होता है क्योंकि बुध इस समय अपनी स्वराशि में गोचर कर रहा होता है. बुध का प्रभाव यहां आकर विकसित होता है. बुद्धि के कारक बुध मिथुन में प्रवेश
मंगल का अश्विनी नक्षत्र में होने का विशेष फल
मंगल ग्रह मंगल ग्रह साहस, ऊर्जा, शक्ति, इच्छाओं, काम करने की तीव्रता, आक्रामक स्वभाव, क्रोध, लड़ने की क्षमता, सैनिक, खिलाड़ी आदि का प्रतिनिधित्व करता है. और मेष राशि जो राशि चक्र की पहली राशि है
वक्री बृहस्पति का मीन राशि में गोचर का फल
28 जुलाई 2022 को बृहस्पति का मार्गी से वक्री अवस्था में बदलाव होगा. जिस प्रकार मार्गी बृहस्पति अनुकूलता को दर्शाता है वहीं गुरु का वक्रत्व अनुकूलता को दर्शाता है. वैदिक ज्योतिष में, बृहस्पति का गोचर
सूर्य का मृगशिरा नक्षत्र गोचर
सूर्य का मृगशिरा नक्षत्र प्रवेश कई मायनों में बदलावों की स्थिति को दर्शाता है. किसी भी ग्रह का राशि और नक्षत्र बदलाव किसी न किसी रुप में बदलाव का संकेत अवश्य देता है. मृगशिरा नक्षत्र वृषभ राशि और
शुक्र का वृषभ राशि गोचर 2025, विशेष लाभ का योग
शुक्र के वृष राशि में गोचर से शुक्र का बल वृद्धि पाएगा. शुक्र से जुड़े वस्तुओं में भी वृद्धि देखने को मिलेगी, इस समय पर कुछ अच्छी वस्तुओं की प्राप्ति होगी. आस पास की स्थिति भी भौतिक रुप से
शनि महाराज - मित्र या शत्रु
शनि देव अपने स्वरुप एवं अपने प्रभाव के कारण सभी के मध्य एक अत्यंत रहस्यमय एवं कठोर देव के रुप में स्थापित हैं शनि देव को सनातन धर्म में एवं ज्योतिष शास्त्र दोनों ही स्थानों पर काफी महत्व प्रदान किया