वैशाख मास के पर्व: वैशाख संक्रान्ति 2022, 14 अप्रैल (Festival in the Month of Vaishakh : Vaishakh Sankranti 2022, 14th April)

vaisakh sankranti 2022 vaisakh sankranti 2022वैशाख संक्रांति में सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे. वैशाख संक्रान्ति 14 अप्रैल 2022, को बृहस्पतिवार के दिन 08:39 मिनिट पर आरंभ होगी. 30 मुहूर्त्ति इस संक्रान्ति के स्नान दान आदि का पुण्यकाल का समय दोपहर 15:03 तक होगा.


वैशाख मास में नित्यप्रति प्रात: काल सूर्योदय से पूर्व शुद्ध जल में तीर्थस्थान यथाशक्ति अनाज, वस्त्रों, फलादि का दान करने का विधान व महत्व कहा गया है. यह विधान करने वाले व्यक्ति के जीवन से रोग-शोक दूर होते है. तथा आरोग्य, धन, सम्पादि सुखों की प्राप्ति होती है.


कामदा एकादशी व्रत 2022, 12 अप्रैल (Fast of Kamada Ekadashi 2022, 12th April)

इस व्रत को पूर्ण नियम व श्रद्धा से करने पर उपवासक की व्रत से जुडी मनोकामना पूरी होती है. इस व्रत को रखने से सुख-शान्ति प्राप्त होती है. और अंत में मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है. एकादशी का व्रत अन्न रहित रखा जाता है. केवल एक समय फलाहार किया जा सकता है. उपवासक को उपवास वाले दिन भगवान श्री देव वासुदेव कि मूर्ति की विधि-विधान से पूजा कर फलों का भोग लगाया जाता है. तथा मूर्ति के पास ही भूमि पर शयन किया जाता है.


श्री महावीर जयन्ती (जैन) 2022, 14 अप्रैल (Sri Mahavir Jayanti 2022, 14th April)

श्री महावीर जयन्ती का महोत्सव जैन समाज के लिये विशेष महत्व रखता है. इस दिन सभी महावीर मंदिरों में उत्सव की धूम होती है. की जगह पांच दिवसीय मेले लगते है. मेले में ध्वजारोहण, जयन्ती जुलूस, जलयात्रा, रथयात्र और कलाशाभिषेक जैसे कार्यक्रम होते है. रथयात्रा जुलूस के पश्चात प्रतिमा को धूमधाम के साथ मंदिर में पुनस्थापित कर दिया जाता है. श्रद्दालु भारी तादाद में मंदिर परिसर में पूजा - अर्चना करने के लिये एकत्रित होते है. और श्री महावीर की आराधना की जाती है. सायं काल में मंदिरों को दीपों से सजाया जाता है.


श्री हनुमान जयन्ती 2022, 16 अप्रैल (Sri Hanuman Jayanti 2022, 16th April)

श्री हनुमान जयन्ती का उत्सव चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस दिन श्री राम के परम भक्त हनुमान जी का जन्म दिन होता है. श्री राम व हनुमान के श्रद्धालुओं के लिये यह दिन विशेष महत्व रखता है. इस तिथि में हनुमान जी का पूजन होता है. हनुमान जी श्रंगार कर, विधि-वत पूजन किया जाता है. उपवासक इस दिन का उपवास भी रखते है. सायंकाल में भोग के साथ आरती की जाती है. श्री हनुमान चालिसा का पाठ और स्त्रोतों का पाठ हनुमान जी को प्रसन्न करता है.


श्री गणेश चतुर्थी व्रत 2022, 19 अप्रैल (Fast of Sri Ganesha Chaturthi 2022, 19th April)

भगवान श्रीगणेश को चतुर्थी तिथि अत्यधिक प्रिय है. सभी देवों से पहले श्री गणेश का पूजन किया जाता है. चतुर्थी व्रत को करने से उपवासक के कार्य सिद्ध होते है. तथा श्री गणेश कल्याणकारी है. कार्यो में सफलता और कामनापूर्ति, संतान, धन व संमृ्द्धि के लिये या फिर अचानक से आय किसी संकट के निवारण के लिये इस व्रत को किया जा सकता है.


वरुथिनी एकादशी व्रत, 26 अप्रैल 2022 (Fast of Varuthini Ekadashi, 26th April 2022)

एकादशी का व्रत जब निर्जल रहकर किया जाता है, तो सबसे उतम फल देता है. एक वर्त में चौबीस से छबीस एकादशियां होती है. एकादशी व्रत भगवान श्री विष्णु जी को प्रसन्न करने के लिये किया जाता है. इस दिन "ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय: का जाप करके गौ दान, वस्त्र दान, छत्र, फल आदि का दान करना चाहिए.


भगवान परशुराम जयन्ती 2022, 3 मई (Bagavan Parashuram Jayanti 2022, 3rd May)

भगवान श्री परशुराम राष्ट्रीय़ एकता, देश भक्ति, त्याग तथा वीरता के प्रतीक है. परशुराम जी भगवान विष्णु के छठे अवतार है. गुरुओं में इन्हें विशेष रुप से पूजा जाता है. परशुराम जयन्ति के दिन ईश्वर भक्त, परम त्यागी का जन्म दिवस पिता सम्मान और गुरु की महत्वता का प्रतीक है.


अक्षय तृतीया 2022, 3 मई (Akshay Trithiya 2022, 3rd May)

3 मई 2022 के दिन अक्षय तृतीया रहेगी. अक्षय तृतीया के दिन जो भी विषय वस्तु क्रय कि जाती है. क्रय करने वाले व्यक्ति के पास वह वस्तु सदैव बनी रहती है. यह दिन अचल संपति, सोना, चांदी या लम्बे समय के लिये धन का विनियोजन करने के लिये विशेष शुभ रहता है.


मोहिनी एकादशी व्रत 2022, 12 मई (Mohini Ekadashi 2022, 12th May)

12 मई के दिन मोहिनी नामक एकादशी रहेगी. एकादशी के दिन का व्रत भगवान श्री विष्णु जी की पूजा-उपासना का होता है.