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Posts for Tag Hastrekha Vidya

Following is the list of Articles in the tag Hastrekha Vidya

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उंगुलियों के जोड़ | The Joints of the Fingers

हस्तरेखा शास्त्र मे उंगलियों के जोड़ों के अध्ययन का बहुत महत्व है। जोड़ों का स्थूल रूप कार्य के क्षेत्र में जहां व्यक्ति सक्रिय होता है, उसको निर्धारित करता हैं। यह व्यक्ति में उंगलियों से संबंधित गुणों के विस्तार का भी..

ग्रिल, ला क्रोइक्स मिस्टिक और सोलोमन वलय | The Grille, La Croix Mystique and the Ring of Solomon

ग्रिल (रेखाओं का जाल) | The Grille ग्रिल हाथ पर बहुत कम देखा जाता है। यह अधिकतर हथेली में पर्वत पर मौजूद होता है। यह एक बिंदु के माध्यम से हाथ की ऊर्जा को नष्ट करता है। हाथ में इन संकेतों की उपस्थिति दर्शाती है कि..

हाथों और उंगलियों की आकृतियाँ | Shapes of Hands and Fingers

हस्तरेखा शास्त्र में हाथ का संपूर्णता से अध्ययन किया जाना चाहिए। इसलिए, हस्तरेखा शास्त्र को दो वर्गों में अर्थात कीरोनोमी और कीरोमेन्सी मे विभाजित किया गया है। हस्तरेखा शास्त्र की पहली शाखा मे हाथों और उंगलियो के आकार..

हथेली पर क्रॉस का महत्व | The Significance of Cross in a Palm

हथेली के अध्ययन में क्रॉस का चिन्ह बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। क्रॉस की विशेषताएँ तारे के विपरीत हैं और यह कभी कभार ही शुभ संकेत के रूप को दर्शाता है। यह मुसीबत, निराशा, खतरा और कभी कभी जीवन में संकट का संकेत देता है।..

शुक्र पर्वत के सामान्य लक्षण | General Characteristics of Shukra Parvat (Mount of Venus)

हथेली पर अंगूठे के आधार पर स्थित पर्वत, शुक्र पर्वत कहलाता है। यह अनुग्रह, आकर्षण, वासना और सौंदर्य की उपस्थिति या अनुपस्थिति को दर्शाता है। यह प्रेम और साहचर्य की इच्छा और सौंदर्य की हर रूप में पूजा करने को भी दर्शाता..

हाथ की मुख्य रेखाएं | Study of Lines in Hastrekha (Palmistry)

हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं का विशेष महत्व है। इसमे सम्मलित लक्षण जैसे क्रास, सितारे, वर्गों और अर्धचन्द्राकार का अध्ययन हथेली द्वारा किया जाता है। यह रेखाएं व्यक्ति का भविष्य, शुभ संकेत और अशुभ संकेत दर्शाती..

शनि पर्वत के सामान्य लक्षण | General Characteristics of Shani Parvat (Mount of Saturn)

शनि पर्वत, मध्यमा उँगली के आधार पर स्थित होता है। यह एकांत प्रिय, विवेकी, मूक दृढ़ संकल्प, गूढ विध्या की ओर झुकाव, नियतिवाद और अंत में भाग्य मे परम विश्वास का प्रतिनिधित्व करता है। विकसित शनि पर्वत व्यक्ति को ज्ञान की..

विवाह रेखा | Vivah Rekha | Marriage Rekha

विवाह रेखा की क्षैतिज रेखाएं कनिष्ठा के नीचे और हृदय रेखा के ऊपर स्थित होती हैं। इन रेखाओं से रिश्तों में आत्मीयता, वैवाहिक जीवन में खुशी और पति - पत्नी के बीच प्यार और स्नेह के अस्तित्व का संकेत मिलता है। परन्तु विवाह..

जीवन रेखा के विभिन्न पदों का विश्लेषण | Representations of Various Positions of Jeevan Rekha – Jeevan Rekha

जीवन रेखा बहुत हद तक भाग्य को प्रभावित करती है। जीवन रेखा, दूसरी रेखाओं पर भी अपना प्रभाव डालती है। यदि सभी रेखाओं का आरंभ जीवन रेखा से हो तो व्यक्ति के लाभ और उपलब्धि को बढाता है। लेकिन यह एक अपवाद है। जब जीवन रेखा,..

मस्तिष्क रेखा की विभिन्न स्थितियाँ | Representations of Various Positions of Head Line - Line of Head

मस्तष्कि रेखा की स्थिति व्यक्ति की बुद्धिमत्ता, सीखने की प्रवृत्ति, विशिष्ट विधा की दिशा को दर्शाती है तथा व्यक्ति की, बुद्धि और मन के निर्धारण मे महत्वपूर्ण भूमिका को व्यक्त करत है। इस रेखा का आरंभ तीन भिन्न स्थानों से..

मस्तिष्क रेखा | Head Line in Palmistry - Palmistry Reading Head Line - Benefits of Head Line in Palmistry

मस्तिष्क रेखा तर्जनी अंगुली नीचे से आरंभ होती है और यहां से निकलते हुए हथेली पर रुकती है. यह अकसर जीवन रेखा को आरंभ में छूती है. यह रेखा मुख्य रुप से व्यक्ति की मानसिक स्थिति को दर्शाती है। यह रेखा उन कारणों को भी बताती..

जलयात्रा, यात्रा, और दुर्घटना की भविष्यवाणी | Prediction of Voyages, Travel and Accidents | Yatra Rekha

चद्र पर्वत पर गहरी रेखाएं और जीवन रेखा से महीन रेखाएं जो चंद्र पर्वत की ओर जाती हैं वह रेखाएं यात्रा की रेखाएं कहलाती हैं। कभी कभी छोटी रेखाएं भाग्य रेखा से निकलती हुई चंद्र रेखा की ओर जाती हैं जो यह दर्शाती है कि..

संतान रेखा | Santan Rekha | The Line of Children in Hastrekha

वह रेखाऐं जो विवाह रेखा के ऊपर बुध पर्वत पर तथा अंगूठे के नीचे पाई जाने वाली रेखाएं संतान से संबंधित रेखाएं होती हैं। परन्तु इस रेखा के साथ अन्य रेखाओं का एवं हाथ की विशेषताओं का अध्ययन करके ही संतान संबंधित भविष्यवाणी..
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