लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में राहु का सूर्य, चंद्रमा, मंगल और बुध के साथ संबंध | Relation Of Rahu with Sun, Moon, Mars and Mercury in the Second House of Lal Kitab

राहु और सूर्य | Rahu and Sun

लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में राहु के साथ सूर्य होने पर जातक को परिवार के सुख में कमी मिलती है. मानसिक तनाव की स्थिति उसे परेशान कर सकती है. राहु इस स्थान पर सूर्य के तेज में अवरोध पैदा करने वाला होगा इसका तेज राहु द्वारा अधिगृहित हो जाएगा. उसमें वह सात्विकता नहीं हो पाएगी जिसका उसे फल देना चाहिए उस फलों को देने में समर्थ नहीं रह पाएगा.

जीवन में परिवार के लिए काफी संघर्ष बना रहेगा. जातक की वाणी में भी कठोरता रह सकती है. परिवार से दूरी रह सकती है. धर्म कर्म के कार्यों से भी अधिक जुडा़व नहीं रह पाएगा. हर बात में उलझन दिखाई देती है. परंतु जब इसका असर दूर होता है तो स्थिति में सुधार होने लगता है. इसी तरह से भाग्य में इसका बुरा प्रभाव हटने पर स्थिति सही होने लगती हैं. व्यक्ति परंपराओं से हटकर काम करने की ओर अग्रसर रह सकता है.

राहु और चंद्रमा | Rahu and Moon

लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में राहु के साथ चंद्रमा के होने पर चंद्रमा तो उच्चता को पाता है परंतु राहु से प्रभावित भी होता है जिससे उसके शुभ फलों में कमी आ सकती है. जातक समझदार होते हुए भी कुछ न कुछ हेराफेरी से संबंधित काम कर सकता है. घर से दूर जाना पड़ सकता है, निर्धनता बनी रह सकती है,साथ ही जातक की बोलने की प्रवृत्ति पर भी असर पड़ता है. परंतु इन दोनों ग्रहों का यहां होना जातक को धार्मिक बनाने में भी सहायक होता है.

राहु चंद्रमा के साथ शत्रुता का संबंध दिखाता है, परंतु यहां चंद्रमा की स्थिति बेहतर होने के कारण राहु काफी हद तक चुप हो जाता है. इसलिए जातक में अच्छे गुण तो रहेंगे ही परंतु कभी कभी वह अपने मार्ग से हट भी सकता है और सही गलत के भेद से अनजान रह सकता है.

राहु और मंगल | Rahu and Mars

लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में राहु के साथ मंगल के युति संबंध बनने पर इनका फल राजा जैसा होता है. इन दोनों के एक साथ होने पर फलों में अलगाव नहीं होता है यह एक दूसरे के फलों को मिलकर देते हैं. जातक में हुक्मचलाने की प्रवृति अधिक हो सकती है वह अपने नेतृत्व को दिखाने की चेष्ठा कर सकता है. उसकी बातों में कठोरता भी हो सकई है.

लेकिन मानसिक रूप से उसे बेचैन भी कर सकती है वहीं जातक झूठ बोलने का साहस भी कर सकता है.वाणी में दोष उत्पन्न हो सकता है. परंतु अधिकांशत: यह स्थिति जातक के साथ-साथ उसके अन्य सहयोगियों के लिए भी अच्छी ही मानी जाती है. अपने परिवार से उसे बहुत सा धन मिलता पर हो सकता है कि जातक घर से दूर जाकर अपना कार्य करे.

बुध और राहु | Rahu and Mercury

लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में राहु के साथ बुध की स्थिति साधारणत: अच्छे फल देने में सहायक होती है. यहां बैठे दोनों ग्रह जातक को कुशलता देते हैं अपनी स्थिति के अनुरूप जातक उच्चस्तर को पाने में भी सफल बनता है. जातक को यह स्थिति धन प्रदान करने में सहायक बनती है लेकिन मानसिक रूप से उसे बेचैन भी कर सकती है वहीं जातक झूठ बोलने का साहस भी कर सकता है.

अधिकांशत: यह स्थिति जातक के साथ-साथ उसके अन्य सहयोगियों के लिए भी अच्छी ही मानी जाती है. अपने परिवार से उसे बहुत सा धन मिलता पर हो सकता है कि जातक घर से दूर जाकर अपना कार्य करे. वह जहां कार्य करता है वहां का सहयोगात्मक माहौल उसके लिए अच्छा रहता है. वह अपने आगे किसी ओर की नहीं चलने देता है ओर अपने आपको मजबूत दिखाता है.

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