Monthly Archives: March 2018

रोग तथा रोगी से जुडे़ अन्य योग | Disease and Other Yogas Related to Patient

* प्रश्न के समय यदि लग्नेश तथा षष्ठेश का इत्थशाल होता है तब बीमारी लम्बी अवधि तक बनी रहती है. * षष्ठेश तथा लग्नेश में राशि परिवर्तन हो तो भी बीमारी लम्बी अवधि तक बनी रहती है. * 2,7,12 भावों … Continue reading →

Posted in jyotish, vedic astrology | Tagged , , , | Leave a comment

एवेनच्यूरीन । Aventurine Upratna – Green Aventurine – Blue Aventurine

इस उपरत्न को आत्मविश्वास तथा शांति बढा़ने का उपरत्न माना जाता है. यह उपरत्न दिखने में शीशे जैसे हरे रंग का होता है. इसमें हरे रंग के गहरे धब्बे होते हैं. लाल तथा भूरे रंग के कृत्रिम उपरत्न पिघले हुए … Continue reading →

Posted in gemstones, jyotish, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment

चर दशा की गणना | Calculation of Char Dasha

सबसे पहले आप यह निर्धारित करें कि चर दशा का क्रम सव्य है अथवा अपसव्य है. चर दशा के क्रम के विषय में पिछले अध्याय में आपको जानकारी दी गई है. चर दशा के क्रम की गणना, राशि दशा से … Continue reading →

Posted in jyotish, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment

वेशि योग- सूर्यादि योग | Vesi Yoga-Suryadi Yoga | Vesi Yoga Result | How is Vesi Yoga Formed | Vosi Yoga | Ubhayachari Yoga

सभी ग्रहों में सूर्य को विशेष स्थान दिया गया है, सूर्य को ग्रहों में राजा कहा गया है. वह पिता और आत्मा के कारक ग्रह है. सूर्य से ग्रहों कि विशेष स्थिति होने पर सूर्यादि योग बनते है. सूर्य से … Continue reading →

Posted in jyotish, vedic astrology | Tagged , , , | Leave a comment

विशाखा नक्षत्र विशेषताएं | Vishakha Nakshatra Characterstics | Vishakha Nakshatra Business

ज्योतिष शास्त्र मे नक्षत्रों की गणना का विधान आदिकाल से चला आ रहा है. नक्षत्र का प्रभाव व्यक्ति के जन्म से ही शुरू हो जाता है, और उस व्यक्ति के आचार -विचार को निर्धारित करता है.  नक्षत्र के फलस्वरूप ही … Continue reading →

Posted in jyotish, nakshatra, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment

ऋषि पुत्र- ज्योतिष का इतिहास | Rishi Putra – History of Astrology | Rishi Putra Shakun Shastra| Aryabhatt Astrology Explanation

ऋषि गर्ग के पुत्र ऋषिपुत्र कहलायें. अपने पिता के समान ये ज्योतिष के विद्वान थे. इनके विषय में मिले ज्योतिष अवशेषों से यह ज्ञात होता है, कि इन्हें ज्योतिष पर कई शास्त्र लिखें, जिसमें से आज एक शास्त्र उपलब्ध है. … Continue reading →

Posted in jyotish, saint and sages, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment

कैल्सीडोनी उपरत्न । Chalcedony Gemstone | Chalcedony Meaning – Calcedony

इस उपरत्न की बनावट तन्तुमय होती है. यह सूक्ष्म मणिभ श्रेणी के स्फटिक कहे जाते हैं. यह उपरत्न छोटे मणिभ कणों के संघटित होने से बनता है. यह छिद्रयुक्त पूर्ण पत्थर है. अत: इसकी रंगाई बडी़ सरलता से हो जाती … Continue reading →

Posted in gemstones, jyotish, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment

दोषारोपण तथा स्थानांतरण | Blames in Job and Transfer

कई बार नौकरी में कुछ प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ता है. ऎसी स्थिति में प्रश्नकर्त्ता के ऊपर मान-सम्मान को लेकर ठेस पहुंचाने का कार्य हो सकता है. कई बार दोषारोपण के कारण अथव अन्य कई कारणों से स्थानांतरण … Continue reading →

Posted in jyotish, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment

अष्टम भाव भाव क्या है, जानिए इसके रहस्य

ज्योतिष में जन्म कुण्डली का अष्टम भाव, आयु भाव है. इस भाव को त्रिक भाव, पणफर भाव और बाधक भाव के नाम से जाना जाता है. इस भाव से जिन विषयों का विचार किया जाता है. उन विषयों में व्यक्ति … Continue reading →

Posted in jyotish, vedic astrology | Tagged , , , , | Leave a comment

जर्कन | Zircon | Substitute of Diamond – Shoud I Wear Zircon Sub-Stone

यह हीरे का उपरत्न है. जर्कन को हिन्दी में तुरसावा कहते हैं. अंग्रेजी में हायसिंथ और जेसिन्थ कहते हैं. जर्कन उपरत्न अपने आप में एक महत्वपूर्ण रत्न है. इसका बहुत ही पुराना ऎतिहासिक महत्व भी है. इसका उपयोग हजारों वर्षों … Continue reading →

Posted in gemstones, jyotish, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment