Category Archives: vedic astrology

ऋषि गर्ग- ज्योतिष का इतिहास | Rishi Garg – History of Astrology | Garga Samhita | Narad Puran

ज्योतिष के प्रमुख 18 ऋषियों में गर्ग ऋषि का नाम भी आता है. ऋषि गर्ग ने ज्योतिष के क्षेत्र में आयुर्वेद और वास्तुशास्त्र पर महत्वपूर्ण कार्य किया.  गर्ग पुराण में ज्योतिष के मुख्य नियमों का उल्लेख मिलता है.  ज्योतिष शास्त्र … Continue reading

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सूर्य क्या है. । The Sun in Astrology । Know Your Planets-Sun Surya । Surya Karakatatva | Sun represents which organs of the body

ज्योतिष में सूर्य को पिता का कारक कहा गया है. इसके साथ सूर्य आत्मा के कारक ग्रह है. व्यक्ति की आजीविका में सूर्य सरकारी पद का प्रतिनिधित्व करता है. व्यक्ति को सिद्धान्तवादी बनाता है. इसके अतिरिक्त सूर्य कार्यक्षेत्र में कठोर … Continue reading

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प्रश्न कुण्डली से जाने विवाद कब तक चलेगा और फैसला कैसा होगा

जीवन में हर किसी की जिंदगी में किसी न किसी बात को लेकर कोई न कोई परेशानी लगी ही रहती है. परिवार, पैसा, प्यार ऎसे न जाने कितने कारण हैं जो कारण व्यक्ति की लाईफ में लड़ाई झगड़े का कारण … Continue reading

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प्रश्न कुण्डली का सामान्य अध्ययन | General Study of Prashna Kundli | General Analysis of Horary Chart

प्रश्न कुण्डली ज्योतिष शास्त्र का एक महत्वपूर्ण भाग है. यह कुण्डली जातक द्वारा पूछे प्रश्न पर आधारित होती है. जिस समय किसी व्यक्ति विशेष द्वारा कोई प्रश्न किया जाता है उसी समय की एक कुण्डली बना ली जाती है. इसे … Continue reading

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शंख- धनुष- पाश- दाम- वीणा योग

ज्योतिष में अनेकों योग हैं और इन योगों की संख्या भी हजारों में है. ऎसे में कोई न कोई शुभ या अशुभ योग जातक की कुण्डली में बनता ही है. ये योग जातक के प्रारब्ध का ही प्रभाव होता हैं … Continue reading

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13वीं राशि “ओफियुकस” नई राशि । 13th Zodiac Sign Date

ज्योतिष शास्त्र में 9 ग्रह, 27 नक्षत्र और 12 राशियों को स्थान दिया गया है. ब्रह्माण्ड में एक नई राशि के आगमन की खबर आज सभी की हैरानी का सबब बनी हुई है. राशि परिवार में एक नए सदस्य के … Continue reading

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ऋषि भृ्गु- ज्योतिष का इतिहास | Bhrigu Samhita – History of Astrology | Bhragu Smriti | Bhaskar Acharya

ऋषि भृगु उन 18 ऋषियों में से एक है. जिन्होने ज्योतिष का प्रादुर्भाव किया था. ऋषि भृ्गु के द्वारा लिखी गई भृ्गु संहिता ज्योतिष के क्षेत्र में माने जाने वाले बहुमूल्य ग्रन्थों में से एक है. भृ्गु संहिता के विषय … Continue reading

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चतुर्विशांश और सप्तविशांश कुण्डली | Chaturvishansha and Saptavishansha Kundali

चतुर्विशांश कुण्डली या D-24 | Chaturvishansha Kundali or D-24 इस कुण्डली का अध्ययन शिक्षा, दीक्षा, विद्या तथा ज्ञान के लिए किया जाता है. शिक्षा में सफलता तथा बाधाओं को देखा जाता है. इस वर्ग को सिद्धांश भी कहते हैं. इस वर्ग … Continue reading

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ज्योतिष का आदिकाल -ज्योतिष का इतिहास | Astrology Adikaal – History of Astrology | Adikaal Scriptures | Astrology in Early Middly Age

ज्योतिष का आदिकाल ईं. पू़.  501 से लेकर ई़. 500 तक माना जाता है. यह वह काल था, जिसमें वेदांग के छ: अंग अर्थात शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरूक्त, ज्योतिष और छन्द पर कार्य हुआ. इस समयावधि में ज्योतिष का संम्पूर्ण … Continue reading

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दाम्पत्य जीवन का विचार | Analysis of Married Life

कई व्यक्ति विवाह उपरान्त पति-पत्नी में संबंध कैसे रहेंगें, इसके बारे में भी जानना चाहते हैं. वर्तमान समय में बहुत से जातकों का यह प्रश्न अब आम हो गया है कि मेरा विवाहित जीवन कैसा रहेगा अथवा मेरे बच्चे का … Continue reading

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