Category Archives: vedic astrology

पेरीडोट-पेरीडॉट

रत्नों के खनिज ओलीवीन को पेरीडोट कहा जाता है. इसमें लौह तत्व होने से इस उपरत्न का रंग गहरा हरा होता है. इसके अतिरिक्त यह हरे रंग के साथ सुनहरे पीले रंग की आभा लिए हुए भी होता है. जैतून … Continue reading →

Posted in gemstones, jyotish, vedic astrology | Tagged , , , , , , , , , | Leave a comment

अधि-गुरुमंगल-गुरुचंडाल-लक्ष्मी-गौरी-श्रीकण्ठ योग | Adhi yoga | Guru Mangal Yoga | Guru Chandal Yoga | Lakshmi Yoga | Gauri Yoga | Shri Kanth Yoga

ज्योतिष में योग शब्द से अभिप्राय ग्रहों के संबन्ध से है, यह सम्बन्ध ग्रहों की युत्ति, दृ्ष्टि संबन्ध्, परिवर्तन तथा अन्य कई कारणों से बन सकता है. जिस प्रकार धर्म में बुद्धि और शरीर का योग, आयुर्वेद में दो या … Continue reading →

Posted in jyotish, vedic astrology | Tagged , , , , | Leave a comment

पूर्वाषाढा नक्षत्र विशेषताएं | Characteristics of Purva Ashadha Nakshatra | Poorvashaha Nakshatra Career

पूर्वाषाढा नक्षत्र को जल नक्षत्र कहा जाता है. इस नक्षत्र के स्वामी शुक्र है. इसलिए इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति के स्वभाव और आचार-विचार पर शुक्र का प्रभाव देखने में आता है. इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले … Continue reading →

Posted in jyotish, nakshatra, vedic astrology | Tagged , , , | Leave a comment

मालव्य योग – पांच महापुरुष योग | Malavya Yoga – Pancha Mahapurusha Yoga | How is Malavya Yoga Formed

पांच महापुरुष योगों को पंच-महापुरुष योग भी कहते है. यह योग पांच श्रेष्ठ योगों का समूह है. पांच महापुरुष योग में रुचक योग, हंस योग, मालव्य योग, भद्र योग व शश योग आते है. इन पांचों योगों को एक साथ … Continue reading →

Posted in jyotish, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment

तीसरा भाव क्या है | Prakrama Bhava Meaning | Third House in Horoscope | 3rd House in Indian Astrology

तृतीय भाव पराक्रम भाव भी कहलाता है. इस भाव के अन्य कुछ नाम अपिक्लिम भाव, उपचय भाव, त्रिषडय भाव है. तृ्तीय भाव से व्यक्ति की ताकत, साहस, दीर्घायु, छोटे भाई, दृ्ढता, छोटी यात्राएं, लेखन, सम्बन्ध, दिमागी उलझने, आनन्द, बाजू, नौकर, … Continue reading →

Posted in jyotish, vedic astrology | Tagged , , , , | Leave a comment

विशाखा नक्षत्र | Vishakha Nakshatra Characteristics | Vishakha Nakshatra Business

विशाखा नक्षत्र ज्योतिष शास्त्र के 27 नक्षत्रों में से 16वां नक्षत्र है. इस नक्षत्र के स्वामी गुरु है. गुरु का स्वामित्व होने के कारण इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों को ज्ञान अर्जन में विशेष रुचि होती है. इस … Continue reading →

Posted in jyotish, nakshatra, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment

हस्त नक्षत्र विशेषताएं | Characteristics of Hast Nakshatra । How to Find Hast Nakshatra

हस्त नक्षत्र चन्द्र का नक्षत्र है. इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के स्वभाव में चन्द्र के गुण स्वत: होते है. 27 नक्षत्रों में हस्त नक्षत्र 13वां नक्षत्र है. इस नक्षत्र का व्यक्ति स्वभाव से बुद्धिमान प्रकृति का होता … Continue reading →

Posted in jyotish, nakshatra, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment

मूलाधार । प्रथम चक्र । First Chakra | Base chakra | Base Chakra Location | First Chakra Issues | Muladhara Chakra | Chakras

शरीर में मौजूद प्रत्येक चक्र शरीर के अलग-अलग अंगों में स्थित हैं इसमें से एक चक्र है मूलाधार चक्र. मूलाधार को मूल आधार, अधार, प्रथम चक्र, बेस या रूट चक्र भी कहते हैं. यह हमारे शरीर का प्रथम चक्र तथा … Continue reading →

Posted in jyotish, vedic astrology | Tagged , , , | Leave a comment

सौरमण्डल | Solar System

सौरमण्डल के सन्दर्भ में कुछ आवश्यक बातों को आपके लिए समझना आवश्यक है. ग्रह और नक्षत्रों के विभाजन के विषय में आपने पिछले अध्यायों में जानकारी हासिल की है. इसके अतिरिक्त सौरमण्डल से जुडी़ कुछ बातों को आप और समझ … Continue reading →

Posted in jyotish, nakshatra, planets, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment

कन्या राशि का स्वामी कौन है | Virgo Sign Meaning | Virgo – An Introduction | Mercury is the Lord of Virgo

कन्या राशि, राशिभचक्र की छठवीं राशि है. यह राशि व्यापार कार्य करने वाले व्यक्तियों की राशि मानी जाती है. इसका कारण इस राशि के व्यक्तियों में सामान्य से अधिक बुद्धि का होना, और इस राशि के व्यक्तियों का व्यवहारिक होना … Continue reading →

Posted in jyotish, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment