Category Archives: jyotish

माता वैभव लक्ष्मी व्रत विधि | Mata Vaibhav Lakshmi Vrat Method – Vaibhav Laxmi Fast – Vaibhav Lakshmi Pooja (Mantra) | Vaibhav Lakshmi Vratam

माता लक्ष्मी की कृ्पा पाने के लिये शुक्रवार के दिन माता वैभव लक्ष्मी का व्रत किया जाता है. शुक्रवार के दिन माता संतोषी का व्रत भी किया जाता है. दोनों व्रत एक ही दिनवार में किये जाते है. परन्तु दोनों … Continue reading →

Posted in fast and festival, hindu calendar, jyotish, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment

प्रश्न कुण्डली तथा जन्म कुण्डली में अंतर| Different Between Prashna Kundali And Janam Kundli

प्रश्न कुण्डली | Prashna Kundli (1) क्रियमाण कर्म को दर्शाती है. क्रियमाण कर्म वह हैं जो इस जीवन में किये गए हैं.(2) यह कुण्डली केवल एक विषय से संबंधित होती है. जन्म कुण्डली | Janam Kundali (1) प्रारब्ध को दर्शाती … Continue reading →

Posted in jyotish, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment

मण्डूक दशा की गणना | Calculation of Mandook Dasha

आपने पिछले अध्याय में पढा़ कि जब केन्द्र में राहु/केतु के अतिरिक्त चार या चार से अधिक ग्रह केन्द्र में स्थित हों तब मण्डूक दशा लगती है. इस दशा का क्रम निर्धारित करने के लिए यह देखा जाता है कि … Continue reading →

Posted in jyotish, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment

जानिए, लालडी़ अथवा सूर्यमणि उपरत्न कौन धारण करे?

ऋग्वेद के प्रथम श्लोक में ही रत्नों के बारे में जिक्र किया गया है. इसके अतिरिक्त रत्नों के महत्व के बारे में अग्नि पुराण, देवी भागवद, महाभारत आदि कई पुराणों में लिखा गया है. कुण्डली के दोषों को दूर करने … Continue reading →

Posted in gemstones, jyotish, vedic astrology | Tagged , , , , , | Leave a comment

ज्योतिष के इतिहास में भास्कराचार्य का योगदान

ज्योतिष की इतिहास की पृष्ठभूमि में वराहमिहिर और ब्रह्मागुप्त के बाद भास्कराचार्य के समान प्रभावशाली, सर्वगुणसम्पन्न दूसरा ज्योतिषशास्त्री नहीं हुआ है. इन्होने ज्योतिष की प्रारम्भिक शिक्षा अपने पिता से घर में ही प्राप्त की. भास्कराचार्य भारत के महान विद्वानों की … Continue reading →

Posted in jyotish, saint and sages, vedic astrology | Tagged , , , , | Leave a comment

जानिए तृतीया तिथि का महत्व

| Tritiya Tithi | Tritiya Meaning | What is Tithi in Hindu Calender | How is Tithi Calculated तृतीया तिथि की स्वामिनी गौरी तिथि है. इस तिथि में जन्म लेने वाले व्यक्ति का माता गौरी की पूजा करना कल्याणकारी रहता … Continue reading →

Posted in hindu calendar, jyotish, vedic astrology | Tagged , , , , | Leave a comment

अश्विनी नक्षत्र का महत्व और विशेषताएं

ज्योतिष शास्त्र में वर्णित 27 नक्षत्रों में से अश्विनी नक्षत्र पहला नक्षत्र है. इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु है. इस नक्षत्र को गण्डमूल नक्षत्रों की श्रेणी में रखा गया है. केतु एक रहस्यमयी ग्रह है. अश्विनी नक्षत्र, सूर्य पुत्र … Continue reading →

Posted in jyotish, nakshatra, vedic astrology | Tagged , , , | Leave a comment

सोमवार व्रत | Somvar Vrat Katha in Hindi – Monday Vrat Procedure (Monday Vrata Aarti) – Monday Fast in Hindi

सोमवार क व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिये किया जाता है. सोमवार व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की जाती है. इस व्रत को स्त्री- पुरुष दोनों कर सकते है. इस व्रत को भी अन्य … Continue reading →

Posted in jyotish, rituals, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment

जानिए चंद्रमा से बनने वाले दुर्धरा योग का प्रभाव

जन्म कुण्डली में दुर्धरा (दुरुधरा) योग का निर्माण चंद्रमा की स्थिति के आधार पर तय होता है. जब कुण्डली में सूर्य के सिवाय, चन्द्र के दोनो और अथवा द्वितीय व द्वादश भाव में ग्रह हों, तो इससे दुरुधरा योग बनता … Continue reading →

Posted in jyotish, vedic astrology | Tagged , , , , | Leave a comment

मीन राशि क्या है. । Pisces Sign Meaning | Pisces- An Introduction । Who is the Lord of the Pisces sign

मीन राशि के व्यक्तियों में अनुकम्पा करने की प्रवृ्ति होती है. ये धार्मिक, भगवान से डरने वाले होते है. इसके साथ ही इनमें अन्धविश्वास का भाव भी पाया जाता है. जिन व्यक्तियों की मीन राशि हो, वे संयमी, रुढीवादी, अन्तर्मुखी, … Continue reading →

Posted in jyotish, vedic astrology | Tagged , , | Leave a comment