Articles in Category Lal Kitab

लाल किताब में बृहस्पति का उपाय | Remedies For Jupiter In Laal Kitaab

लाल किताब में फलादेश और उपायों का आधार शुभ एवं अशुभ ग्रहों को माना जाता जाता है. जो ग्रह कुण्डली में उच्च राशि में स्थिति हो स्वराशि में हो, मित्र राशि में हो शुभ ग्रहों से दृष्ट हो तो बेहतर फलों की

कमजोर ग्रह के उपाय | Remedies for weak planets

लाल किताब कुंडली में कमजोर ग्रहों के कारण उचित फलों का मिल पाना कठिन होता है. ऐसे में कमजोर ग्रह को बलवान बनाने के लिए बहुत से उपाय दिए गए होते हैं. ग्रह को ताकत देने के लिए जो उपाय हैं उन्हें करने

लाल किताब से जाने संतान योग | Laal Kitaab Se Jaane Santaan Yog

लाल किताब में पांचवां घर शुभ और अशुभ फलों की जानकारी देने वाला होता है. इस भाव द्वारा जीवन के मिले जुले फलों की प्राप्ति का योग दिखाई पड़ता है. आपकी सफलताओं और असफलताओं हेतु लाल किताब कुण्डली का

लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में शुक्र का सूर्य, चंद्रमा और बुध के साथ संबंध | Relations of Venus With Sun, Moon and Mercury in the Third House of Lal Kitab

शुक्र और सूर्य | Venus and Sun लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में शुक्र की युति सूर्य के साथ होने पर व्यक्ति के स्वभाव में एक असमंजस की स्थिति देखी जा सकती है. उसके मन की कल्पनाओं की सकारात्मकता में

लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में बुध का गुरू(बृहस्पति), शुक्र, शनि और राहु -केतु के साथ संबंध | Relations of Mercury With Jupiter, Venus, Saturn and Rahu-Ketu in the Third House of Lal Kitab

बुध और बृहस्पति | Mercury and Jupiter बुध और बृहस्पति का योग होने पर एक तथ्य तो यह सामने आता है कि इन दोनों का संबंध बुद्धि और ज्ञान से है, अत: यह मिलकर हों तो व्यक्ति में इन गुणों का समावेश बना रहता

लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में बृहस्पति का बुध, शुक्र, शनि और राहु-केतु के साथ संबंध | Relation Of Jupiter With Mercury, Venus, Saturn, Rahu/Ketu In The Third House Of Lal Kitab

बृहस्पति और बुध | Jupiter and Mercury लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में बृहस्पति के साथ बुध की युति होने पर जातक को दोनों के शुभ फलों की प्राप्ति होती है. इस स्थिति में यदि इन पर शुभ ग्रहों का प्रभाव

लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में केतु के साथ सूर्य, चंद्र, मंगल का संबंध | Relation Of Ketu With Sun, Moon and Mars in the Second House Of Lal Kitab

केतु और सूर्य | Ketu And Sun लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में केतु के साथ सूर्य का होना जातक के तेज में कमी करने वाला बन सकता है उसे पिता की ओर से सहायता मे कमी भी मिल सकती है किंतु वह अपने नाम को

लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में बृहस्पति का सूर्य, चंद्रमा और मंगल के साथ संबंध | Relations of Jupiter With Sun, Moon and Mars in the Third House Of Lal Kitab

बृहस्पति और सूर्य | Jupiter and Sun लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में बृहस्पति के साथ सूर्य की युति संबंध होने के कारण शुभता का प्रभाव प्रतिफलित होता है. बृहस्पति और सूर्य का संयोग प्रभाव स्वरूप जातक

लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में राहु का बृहस्पति, शुक्र, शनि के साथ संबंध | Relation Of Rahu with Jupiter, Venus and Saturn In The Second House Of Lal Kitab

बृहस्पति और राहु | Rahu And Jupiter लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में राहु के साथ बृहस्पति के स्थित होने पर राहु, बृहस्पति के अधीन हो जाता है. इस घर में बृहस्पति की ही चलती है क्योंकि एक ओर तो यह

लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में राहु का सूर्य, चंद्रमा, मंगल और बुध के साथ संबंध | Relation Of Rahu with Sun, Moon, Mars and Mercury in the Second House of Lal Kitab

राहु और सूर्य | Rahu and Sun लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में राहु के साथ सूर्य होने पर जातक को परिवार के सुख में कमी मिलती है. मानसिक तनाव की स्थिति उसे परेशान कर सकती है. राहु इस स्थान पर सूर्य के

लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में केतु का बुध, बृहस्पति, शुक्र और शनि के साथ संबंध | Relation Of Ketu With Mercury, Jupiter, Venus and Saturn In The Second House Of Lal Kitab

केतु और बुध | Ketu and Mercury लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में केतु के साथ बुध का युति करना दोनों के फलों में अनुकूलता देने वाला हो सकता है यहां बुध केतु के साथ मिलकर उसके जैसे फलों को देने की

लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में सूर्य का चंद्रमा, मंगल, बुध और बृहस्पति के साथ संबंध | Relation Of Sun With Mars, Mercury, Moon and Jupiter in the Third House Of Lal Kitab

सूर्य और चंद्रमा | Sun and Moon लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में सूर्य का चंद्रमा के साथ युति संबंध होने पर जातक के लिए यह स्थिति अच्छे फल देने वाली मानी जाती है. जातक को लाभ और शक्ति की प्राप्ति

लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में शनि का बृहस्पति, शुक्र और राहु केतु के साथ संबंध | Relation Of Saturn With Jupiter, Venus and Rahu/Ketu In The Second House Of Lal Kitab

शनि और बृहस्पति | Saturn and Jupiter लाल किताब कुण्डली में दूसरे घर अगर शनि के साथ गुरू के होने पर अनुकूलता में कमी आ सकती है. यह दोनों साथ में एक दूसरे के साथ होकर दूसरे घर के फलों में कमी कर सकते

लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में शनि का सूर्य, चंद्र, मंगल और बुध के साथ संबंध | Relation Of Saturn With Sun, Moon, Mars and Mercury In the Second House Of Lal Kitab

शनि और सूर्य | Saturn and Sun लाल किताब कुण्डली के दुसरे घर में शनि के साथ सूर्य की स्थिति व्यक्ति की भाषा में गर्मजोशी लाने का काम करती है वार्तालाप में कुछ उत्तेजना बनी रह सकती है. परंतु यहां एक

लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में शुक्र का बृहस्पति, शनि और राहु-केतु के साथ संबंध | Relation Of Venus With Jupiter, Saturn and Rahu-Ketu In The Second House Of Lal Kitab

शुक्र और बृहस्पति | Venus and Jupiter लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर शुक्र के साथ बृहस्पति के होने पर एक का ही प्रभाव फलित हो पाता है और दूसरे का प्रभाव खराब होने लगता है. इस दशा में बृहस्पति के फल

लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में बुध का गुरू, शुक्र, शनि और राहु-केतु के साथ संबंध | Mercury's Relation with Jupiter, Venus, Saturn and Rahu-Ketu in second house of Lal Kitab Kundali

बुध और बृहस्पति | Mercury and Jupiter लाल किताब के दूसरे घर में बुध और गुरू अर्थात बृहस्पति की युति जातक को ज्ञानी बनाती है और उसे विद्वान लोगों से सम्मान तथा ज्ञान की प्राप्ति होती है, यह दोनों ही

लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में बृहस्पति का अन्य ग्रहों के साथ संबंध | Relation of Jupiter With Other Planets In The Second House Of Lal Kitab

बृहस्पति और सूर्य | Jupiter and Sun बहस्पति के साथ सूर्य का होना एक अच्छी स्थिति को दर्शाता है. इन दोनों का प्रभाव इस घर पर 39 वर्षों तक शुभ प्रभाव मिलता रहेगा और जातक को शुभ फलों की प्राप्ति हो

लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में मंगल का शुक्र, शनि, राहु और केतु के साथ संबंध | Relation Of Mars With Venus, Saturn, Rahu, and Ketu In the Third House Of Lal Kitab

मंगल और शुक्र | Mars and Venus लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में मंगल की स्थिति व्यक्ति के व्यवहार में जो पराक्रम का भाव देने में सहायक बनती है वह उसके लिए हर क्षेत्र में परिश्रम और लगन से सफलता

लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में बृहस्पति का शुक्र, शनि और राहु-केतु के साथ संबंध | Jupiter's Association with Venus, Saturn, Rahu and Ketu in Second House of Lal Kitab

बृहस्पति और शुक्र | Jupiter and Venus बृहस्पति के साथ शुक्र यदि लाल किताब कुण्डली के दूसरे घर में बैठे हों तो इस दशा में बृहस्पति के फल नहीं मिल पाते और व्यक्ति को गुरू के प्रभावों से वंचित रहता है,

लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में बुध का सूर्य, चंद्रमा और मंगल के साथ संबंध | Conjunction of Mercury with Sun, Moon and Mars in Third House of Lal Kitab Kundali

बुध और सूर्य | Mercury and Sun लाल किताब कुण्डली के तीसरे घर में बुध के साथ सूर्य की स्थिति अच्छी मानी जाती है. बुध की स्थिति तीसरे घर में होने पर इस घर में उसी के स्वामित्व को देने वाली बनती है तथा