वर्ष 2018 में बनने वाला गुरु पुष्य योग दिलाएगा सफलता | Guru Pushya Yoga Will Bring Success In 2018

गुरू पुष्य योग एक बहुत ही विशिष्ट एवं महत्वपूर्ण योग माना जाता है. ज्योतिष में इस योग की बहुत महत्ता है. इस योग के समय किए गए कार्यों में सफलता एवं शुभता की संभावना में वृद्धि होती है. इसके साथ ही व्यक्ति को सकारात्मक फलों की प्राप्ति होती है. इस योग में गुरु का संयोग होने पर पुष्य नक्षत्र के साथ होने पर ही निर्माण होता है. जिस दिन बृहस्पतिवार हो और उस दिन पुष्य नक्षत्र भी हो तो इन दोनों का संयोग गुरूपुष्य संयोग बनता है. जिससे व्यक्ति को उसके कार्यों में सफलता प्राप्त होने की संभावना बढ़ जाती है.

पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों में श्रेष्ठ माना जाता है. वहीं पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों में राजा की उपाधि दी गई है. इस नक्षत्र में प्रारंभ किए गए कार्यों का फल बहुत उत्तम प्राप्त होता है. पुष्य नक्षत्र स्थायी होता है अत: इसके समय किए गए कार्यों में स्थायित्व का भाव मौजूद होता है. इस कारण से यदि आपको कुछ ऎसे काम करने हैं जिनमें आप जल्द से बदलाव की इच्छा न रखते हों ओर उसकी स्थिरता की चाह रखते हों तो यह नक्षत्र में करना बेहतर होता है.

इसके साथ ही गुरू(बृहस्पति) को ग्रहों में मंत्री एवं गुरु का स्थान प्राप्त है. इसके साथ ही गुरू की दृष्टि को गंगाजल के समान पवित्र भी माना गया है. गुरु का सानिध्य पाकर कोई भी पवित्रता एवं शुभता को प्राप्त कर जाता है. ऎसे में इन दोनों का एक साथ होना सोने पर सुहागा जैसी स्थिति को साकार करने वाला होता है.

गुरुपुष्य योग में किए जाने वाले कार्य

यह योग किसी नए कार्य की शुरूआत करने के लिए उपयुक्त माना जाता है. यात्रा पर जाने, विद्या ग्रहण करने अथव अगुरू से मंत्र शिक्षा आध्यात्मिक उन्नती हेतु यह समय अनुकूल होता है. धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी इस योग का चयन श्रेष्ठ माना जाता है.

गुरुपुष्य योग में विचार योग्य बातें

गुरुपुष्य योग को एक उत्तम योग माना जाता है किंतु इस स्थिति के अतिरिक्त भी कुछ अन्य बातों पर भी विचार देने की बहुत आवश्यक होती है. इस योग को अपनाने से पूर्व चंद्रबल पर भी ध्यान देने की आवश्यकता होती है. चंद्रमा का कमजोर नहीं होना चाहिए. साथ ही गुरु शुक्र ग्रहों का अस्त होना, ग्रहण काल, श्राद्ध पक्ष इत्यादि पर भी हमें ध्यान देने के उपरांत ही इस योग को ग्रहण करना लाभदायक बनता है.

2018 में बनने वाले गुरुपुष्य योग तिथियां

गुरुपुष्य योग तिथियाँ 2018

प्रारंभ काल समाप्तिकाल
दिनाँक समय (घं. मि.) दिनाँक समय (घं. मि.)
10 अगस्त् 05:44 10 अगस्त सूर्योदयकाल
6 सितंबर 15:14 7 सितंबर सूर्योदयकाल
4 अक्तूबर सूर्योदयकाल 4 अक्तूबर 20:49