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चोर के पकडे़ जाने अथवा ना पकडे़ जाने के योग | Yogas for thieves getting caught or not

चोरी के प्रश्न में प्रश्नकर्त्ता का आमतौर पर यह प्रश्न होता है कि चोर कब पकडा़ जाएगा. वह पकडा़ भी जाएगा या नहीं पकडा़ जाएगा. इसे देखने के लिए प्रश्न कुण्डली के कुछ योगों के विषय में आपको जानकारी दी जा रही है. इन योगों

चन्द्र मंगल योग | Chandra Mangal Yoga | How is Chandra Mangal Yoga Formed | Chandra Mangal Yoga Result | Mahabhagya Yoga

चन्द्र तरल धन के कारक है. तथा मंगल साहस और उत्साह भाव का प्रतिनिधित्व करते है. यह योग व्यक्ति को साहस पूर्ण कार्यो से धन प्राप्ति के अवसर प्रदान करता है. चन्द्र मंगल योग की गणना विशेष धन योगों में की जाती है. 

भद्रयोग- पांच महापुरुष योग | Bhadra Yoga - Pancha Mahapurusha Yoga | Bhadra Yoga Result

पांच महापुरुष योगों में से एक अन्य योग है. भद्र योग, यह योग भी शुभ योगों की श्रेणी में आता है. तथा इस योग से युक्त व्यक्ति धन, कीर्ति, सुख-सम्मान प्राप्त करता है.  भद्र योग कब बनता है | When is Bhadra Yoga Formed

केमद्रुम योग फल | Kemadruma Yoga Result | How is Kemadruma Yoga Formed | Kemadruma Bhanga Yoga

ज्योतिष शास्त्र में चन्द्र को मन का कारक कहा गया है. सामान्यत: यह देखने में आता है, कि मन जब अकेला हो तो वह इधर-उधर की बातें अधिक सोचता है, और ऎसे में व्यक्ति में चिन्ता करने की प्रवृ्ति अधिक होती है.  ठिक इसी

हल- श्रंगाटक-वापी योग- नभस योग | Hal Yoga- Nabhasa Yoga । Shringatak Yoga | Vapi Yoga Results

हल योग होने पर व्यक्ति की कुण्डली में सभी ग्रह कुण्डली में लग्न से धन भाव और एक दूसरे से धन भावों में स्थित होते है. यह योग नभस योगों में से है, अत: इसका नाम ग्रहों की स्थिति के अनुसार बनने वाली आकृ्ति के अनुसार इस योग

पुष्कल योग क्या है.| How is Bheri Yoga Formed | Pushkal Yoga | Viranchi Yoga | Shubhachari Yoga | Kalsarp Yoga | Akhandh Samrajya Yoga

भेरी योग में लग्नेश, शुक्र, ग्रुरु एक-दूसरे से केन्द्र में और नवमेश बली हो या शुक्र, बुध के पहले, दुसरे, सातंवे या बारहवें भाव में युति और दशमेश बली. यह योग व्यक्ति को दीर्घायु बनाता है. यह योग स्वास्थय के पक्ष से

यूप-शर-शक्ति योग - नभस योग | Yup Yoga- Nabhasa Yoga | Shakti Yoga- Nabhasa Yoga | Shara Yoga - Nabhasa Yoga

यूप योग लग्न से चतुर्थ भाव अर्थात कुण्डली के पहले चार भावों में सभी ग्रह होने पर बनता है. यह योग शुभ योगों की श्रेणी में आता है. यह योग क्योकि लग्न, भाव, धन भाव, तृ्तीय भाव अर्थात यात्रा भाव व चतुर्थ भाव अर्थात सुख भाव

गजकेसरी योग | Gaja Kesari Yoga Effects | What is Gaja Kesari Yoga | How is Formed Dhana Yoga

योग का शाब्दिक अर्थ युति है. ज्योतिष में योग का अर्थ है, ग्रहों की एक ऎसी स्थिति है, जिसमें ग्रह विशेष परिणाम देता है. समान्यत: योग ग्रहों के एक विशेष स्थिति में बैठने पर ज्योतिष योग बनते है. ज्योतिष ज्ञान की इस श्रंखला

उभयचारी योग - सूर्यादि योग | Ubhayachari Yoga- Suryadi Yoga | How is Ubhayachari Yoga Formed

उभयचारी योग सूर्यादि योगों में से एक योग है. यह योग शुभ योग है. सूर्यादि योगों की यह विशेषता है, कि इन योगों राहू-केतु और चन्द्र ग्रह को शामिल नहीं किया जाता है. यहां तक की अगर उभयचारी योग बनते समय चन्द्र भी योग बनाने

सुनफा योग - चन्द्रादि योग | Sunapha Yoga - Chandradi Yoga | Sunapha Yoga Result | Durdhara Yoga | Anafa Yoga Results

सुनफा योग चन्द्र से बनने वाला योग है. चन्द्र से बनने वाले शुभ- अशुभ योगों में सुनफा योग को शामिल किया जाता है. चन्द से बनने वाले योग इसलिए भी विशेष माने गये है, क्योकि चन्द्र मन का कारक ग्रह है. और अपनी गति के कारण अन्य

फिल्मों में सफलता प्राप्ति के योग । Yogas For Achieving Success In Films

फिल्मी जगत में कई कलाकार सफल होते हैं तो कई असफलता का मुँह देखते हैं. जो सफल होते हैं उनकी सफलता का रहस्य उनकी कुण्डली में छिपा होता है. ज्योतिष के संसार में ज्योतिषियों ने फिल्मों में सफलता प्राप्त करने के लिए कुछ नियम

हंस योग - ज्योतिष और योग | Hans Yoga - Astrology and Yoga | How is Hans Yoga Formed

हंस योग से युक्त व्यक्ति विद्वान और ज्ञानी होता है. उसमें न्याय करने का विशेष गुण होता है. तथा हंस के समान वह सदैव शुभ आचरण करता है. उसमें सात्विक गुण पाये जाते है.  हंस योग कैसे बनता है | How is Hans Yoga Formed

शश योग- पांच महापुरुष योग | Shash Yog - Pancha Mahapurusha Yoga | Shash Yoga Result

शश योग शनि से बनने वाला योग, जिस व्यक्ति की कुण्डली में यह योग हो, उस व्यक्ति के जीवन की मुख्य घटनाएं शनि देव से प्रभावित रहती है. शश योग विशेष योगों की श्रेणी में से आता है. साथ ही यह योग पांच महापुरुष योग भी है. 

शंख- धनुष- पाश- दाम- वीणा योग | Shankh Yoga | Dhanush Yoga । How is Paash Yoga Formed । How is Daam Yoga Formed । How is Veena Yoga Formed

शंख योग भी सरस्वती योग की तरह उत्तम स्तर के शिक्षा योगों में आता है. ये दोनों योग अगर किसी व्यक्ति की कुण्डली में एक सार्थ बनते है, तो व्यक्ति योग्य, कुशल और विद्वान होता है. ऎसे व्यक्ति के विद्वता का लाभ अनेक लोगों को

वोशी योग - सूर्यादि योग | Vosi Yoga | Voshi Yoga Result | How is Vosi Yoga Formed

सूर्यादि योगों में मुख्य रुप से वेशी योग, वोशी योग व उभयचारी योग बनते है. ये तीनों योग सूर्य के आस-पास के दोनों भावों में चन्द्र के अतिरिक्त अन्य कोई ग्रह होने पर बनते है. सूर्यादि योगों में विशेष बात यह है, कि इन योगो

युग या युग्ल-केदार-एकावली योग- नभस योग | Yug Yoga-Nabhasa Yoga। Kedar Yoga | Ekavali Yoga Results

ज्योतिष में योग का अर्थ दो ग्रहों की युति से है. इसके अतिरिक्त ग्रहों का योग आपसी दृ्ष्टि संबन्ध से बन सकता है. या फिर दो य दो से अधिक ग्रह आपस में भाव परिवर्तन कर रहे हों, तब भी योग बनता है. ज्योतिष योगों में नभस योगों

महा भाग्य योग | Mahabhagya Yoga | Maha-Bhagya Yoga Definition

महा भाग्य योग लग्न, चन्द्र, और सूर्य की कुछ विशेष राशियों में स्थिति और दिन व रात्रि के जन्म के समय के आधार पर पुरुष व स्त्रियों के लिए प्रथक प्रथक देखा जाता है. ज्योतिष योगों में यह अपनी तरह का विशेष योग है, जो स्त्री

मालव्य योग - पांच महापुरुष योग | Malavya Yoga - Pancha Mahapurusha Yoga | How is Malavya Yoga Formed

पांच महापुरुष योगों को पंच-महापुरुष योग भी कहते है. यह योग पांच श्रेष्ठ योगों का समूह है. पांच महापुरुष योग में रुचक योग, हंस योग, मालव्य योग, भद्र योग व शश योग आते है. इन पांचों योगों को एक साथ पंच महापुरुष योग के नाम

धन योग कैसे बनते है | Dhan Yoga in Kundali | Dhan Yoga Effects | Dhana Yoga- Auspicious Yoga | How is Formed Dhana Yoga

घर में बालक का जन्म् होने पर बालक की कुण्डली बनवाई जाती है. कुण्डली में ग्रहों की स्थिति से बन रहे योगों की जानकारी प्राप्त की जाती है. तथा सभी शुभ - अशुभ योगों के अलावा कुण्डली में बन रहे धन योगों का भी विश्लेषण कराया

चक्र-समुद्र-गोल योग - नभस योग | Chakra Yoga - Nabhasa Yoga | Samudra Yoga Results | Gol Yoga Results

चक्र योग भी 32 नभस योगों में से एक है.  इस योग की यह विशेषता है, कि जब लग्न भाव से सभी ग्रह विषम भावों में हो, तो चक्र योग बनता है. कुण्डली के विषम भाव 1, 3, 5, 7, 9, 11 भावों को कहा जाता है.  चक्र योग वाला