सिंह राशि में मंगल ग्रह का गोचर करना वृश्चिक, कुंभ और मीन राशि के लिए प्रभावी होगा. इसलिए, इन राशियों से संबंधित व्यक्ति सक्रिय हो जाएंगे

मीन, कुंभ, वृश्चिक, में जन्मे व्यक्तियों को स्वास्थ्य संबंधित कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा.  अंदरूनी बुखार, मलेरिया, टाइफाइड जैसी स्वास्थ्य समस्याओं करना पड़ सकता है. इसके अलावा भारी व्यय, व्यापार में बाधाओं, नेत्र संबंधी रोग, आपरेशन की संभावना, वरिष्ठ अधिकारियों की नाराज़गी, पिता के लिए परेशानी और सट्टा बाजार और शेयरों में नुकसान हो सकता है. इन राशियों से संबंधित लोगों को बुरे प्रभावों को कम करने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने कि सलाह दी जाती है. दुर्घटनाओं की संभावना है.

यदि जन्म कुंडली में मंगल ग्रह हानिकारक है तो धन की हानि, भाइयों से परेशानी, घाव या चोट लगना और पड़ोसियों के साथ झगड़े की संभावना बनती है. लेकिन यदि जन्म कुंडली में मंगल ग्रह शुभ है तो इससे उत्साह और साहस, परियोजनाओं में सफलता, व्यापार में विस्तार और उपलब्धि,सट्टा बाजार और शेयरों में लाभ जैसे अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. इस अवधि के दौरान नौकरी में पदोन्नति की उम्मीद की जा सकती है.

सिंह राशि में मंगल ग्रह का गोचर तथा अन्य राशि में  मंगल | Transit of Mars in Leo for other Zodiac Sign

  • मेष: मेष राशि के लिए मंगल ग्रह पांचवें भाव में गोचर कर रहे है. यह दुश्मनों और प्रतिद्वंद्वियों में वृद्धि की और इशारा करता है.मौसमी रोग तथा मानसिक शांति को प्रभावित कर सकता है.
  • वृषभ: वृषभ राशि के लिए मंगल चौथे भाव में गोचर करेगें. इस लिए यह समय अधिक भाग्यशाली नही है. इस कारण बुखार, पाचन संबंधी समस्याएं, रक्त निर्वहन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं तथा चरित्रहीनता का दोष भी लग सकता है.
  • मिथुन: मिथुन राशि में मंगल तीसरे भाव में गोचर करेगे. मंगल का यह गोचर वस्तुओं की प्राप्ति के लाभ और खुशी को इंगित करता है. इस राशि वाले लोग बच्चों के साथ अच्छा समय व्यतीत कर सकेंगे तथा अच्छे स्वास्थ्य का आनंद उठा सकेंगे.
  • कर्क : कर्क राशि के लिए मंगल दूसरे भाव में गोचर कर रहा है. इस कारण झगड़े, नाराज़गी और अपमान हो सकता है.
  • सिंह : मंगल का सिंह राशि में गोचर करना एक अच्छा संकेत है. इसके प्रभाव से आप कुछ दिलचस्प कार्य कर सकते हैं. स्वयं के लिए नई गतिविधियों की शुरुआत के पक्ष के साथ यह एक बहुत ही रोमांचक समय हो सकता है. इसलिए आपको हताश होने की आवश्यकता नही है. यह आपके लिए शुभ समय है.
  • कन्या: ;कन्या के लिए, मंगल बारहवें भाव में विचरण करेगे. इस परिवर्तन से विभिन्न ख़र्चों , नेत्र संबंधी रोगों, पत्नी से तनाव तथा यकृत संबंधी शिकायतों से चिंता बनी रह सकती है.
  • तुला: तुला के लिए, मंगल ग्यारहवें भाव में गोचर करेगे. यह तुला राशि वालों के लिए भाग्यशाली समय होगा. तुला जातकों को अपने लंबे समय से रूके कामों को पूरा करने का मौका मिलेगा. नए कार्यों में सफलता मिलेगी. व्यापार और कार्य स्थल में सुधार होगा.
  • वृश्चिक: वृश्चिक राशि में मंगल ग्रह दसवें भाव में स्थित होगा. लग्न का स्वामी और छठे भाव का स्वामी गोचर में भाग्यशाली होगा. व्यावसायिक विकास के संकेत मिलते हैं. इसके अलावा, नए उद्यम में सफलता भी प्राप्त हो सकती है.
  • धनु: धनु राशि के लिए, मंगल नवें भाव में विचरण करेगे. जो व्यापार में सफलता को दर्शाता है लेकिन कृषि, स्वास्थ्य संबंधी मामलों और रिश्तेदारों के मध्य समन्वय न होने के कारण हानि को व्यक्त करता है.
  • मकर राशि: मकर राशि के लिए मंगल ग्रह आठवें भाव में गोचर करेगे. जो कि रक्त के रिसाव, धन की हानि, अपमान और मानसिक परेशानी का कारण हो सकता है. लेकिन अगर मंगल ग्रह जन्म कुंडली में बली अवस्था में है तो यह नई परियोजनाओं के माध्यम से कुछ खुशी और धन लाभ दिला सकता है.
  • कुंभ राशि: कुंभ राशि में मंगल ग्रह सातवें भाव में गोचर करेगे. यह समय आपके अपने सहभागी और जीवन साथी के साथ कुछ ग़लतफहमी उत्पन्न कर सकता है. अपच और पेट में दर्द की समस्या हो सकती है.
  • मीन: मीन राशि के लिए मंगल ग्रह का गोचर भाग्यशाली स्थिति में छठे भाव में है. इसलिए मीन राशि वाले मुसीबतों, परेशानियों और बीमार स्वास्थ्य से राहत प्राप्त कर सकेंगे. कुल मिलाकर मीन राशि वालों के लिए यह समय अच्छा रहेगा.

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