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वर-वधू के वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाये रखने के लिये विवाह (शादी) की तिथि ज्ञात करने के लिये सर्वश्रेष्ठ शुभ तिथि का प्रयोग किया जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विवाह लग्न मुहूर्त ज्ञात करते समय वर्ष 2011-2012 में निम्न अवधियों का प्रयोग विवाहादि शुभ कार्यो के लिये करना शास्त्र संगत होगा. 

गुरु अस्तोदय

गुरु अस्तोदय 25 अप्रैल से लेकर 27 अप्रैल तक गुरु अस्त रहेगे. 24 अप्रैल से गुरु पूर्व में उदित होगें. 25 अप्रैल से लेकर 27 अप्रैल के मध्य अवधि में गुरु बाल्यत्व दोष रहेगा. 

चन्द्र ग्रहण  

15 जून आषाढ संक्रान्ति, बुधवार शुभ कार्य करना निषेध रहेगा.   

शुक्र अस्तोदय

24 जुलाई से 1 अक्तूबर तक शुक्रास्त रहेगें. 2 अक्तूबर को शुक्र पश्चिम में उदित होगें. 3 अक्तूबर से 5 अक्तूबर तक शुक्र बाल्यत्व दोष में रहेगें.    

पितृपक्ष 

13 सितम्बर से लेकर 27 सितम्बर के मध्य तक पितृ (श्राद्ध ) पक्ष रहेगा. इस काल में भी विवाहादि शुभ कार्य नहीं किये जायेगें. 

भीष्म पंचक 

6 नवम्बर से 10 नवम्बर तक भीष्मपंचक रहेगें. (भीष्म पंचक काल को कुछ प्रदेशों में विवाहादि शुभ कार्यो के लिये अशुभ माना जाता है. जबकि कुछ क्षेत्रों में इसे सामान्य दिनों में शामिल करते हुए, इस अवधि में शुभ कार्य किये जाते है.   

उपरोक्त समयावधियों के अलावा वर्ष 2011-2012 में विवाह और अन्य शुभ कार्यो के लिये माह अनुसार निम्न तिथियां शुभ रहेंगी. 

हिन्दू विवाह 2011, फरवरी माह
हिन्दू विवाह 2011, मार्च माह
हिन्दू विवाह 2011, अप्रैल माह
हिन्दू विवाह 2011, मई माह
हिन्दू विवाह 2011, जून माह
हिन्दू विवाह 2011, जुलाई माह
हिन्दू विवाह 2011, अगस्त माह
हिन्दू विवाह 2011, सितम्बर माह
हिन्दू विवाह 2011, अक्तूबर माह
हिन्दू विवाह 2011, नवम्बर माह
हिन्दू विवाह 2011, दिसम्बर माह
हिन्दू विवाह 2012, जनवरी माह

उपरोक्त सारणी में दी गई विवाह की तिथियां सामान्य रुप से शुभ है. और इन्हें विवाह मुहूर्त के रुप में प्रयोग किया जा सकता है. परन्तु अगर आप सभी तरह से विवाह की शुभ तिथि प्राप्त करना चाहते है, तो आप विवाह का शुभ मुहूर्त astobix.com की मुहूर्त रिपोर्ट से प्राप्त कर सकते है.  मुहूर्त रिपोर्ट प्राप्त करने के लिये आप यहां क्लिक करें. Vivah Muhurat