15 नवंबर  2011, दिन मंगलवार समय 10:11 मिनट पर  शनि कन्या राशि से तुला राशि में विचरण  करेंगे. यह शनि की उच्च राशि है तीस वर्षों के पश्चात शनि उच्च राशि में प्रवेश कर रहे हैं.

सिंह राशि के लोगों के लिए यह राहत का समय है क्योंकि यह राशि शनि की साढ़े साती से मुक्त हो रही है. लेकिन वृश्चिक राशि के लिए यह शनि की साढ़े साती की शुरुआत है. 

शनि को स्वाभाविक रुप से एक अनिष्टकारी ग्रह माना जाता है. शनि ग्रह व्यक्ति के झूठे अहंकार को तोड़कर उसे सच्चाई का ज्ञान कराता है. 

शनि कि अवधि के दौरान, जातक को अनेक कठिनाइयों और तकलीफों का सामना करना पड़ता है. शनि वह ग्रह है जो व्यक्ति को वास्तविक के धरातल पर लाकर उसे जीवन की सच्चाई  से परिचित कराता है. लेकिन शनि व्यक्ति को अप्रत्याशित ऊंचाइयाँ तक भी ले जा सकता है. इस प्रकार शनि मानव जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

शनि का विभिन्न राशियों पर प्रभाव । Effect of Saturn on various Rashi

मेष | Aries

मेष राशि के लिए शनि सातवें भाव में गोचर करेंगे. सातवां भाव से जीवन साथी, शादी, वैवाहिक जीवन में खुशी ,यौन रोग, व्यापार और सट्टा बाजार का आंकलन किया जाता है.  मेष राशि के लिए शनि का स्थानांतरण बहुत भाग्यशाली नहीं होगा. हालांकि यह उच्च स्थान पर स्थित है इसलिए लंबे समय से चले आ रहे विवाह संबंधी मामलों में निर्णय लिए जा सकते हैं, यदि जन्म कुंडली में शनि अच्छी स्थिती में है तभी यह संभव हो सकेगा.  इस अवधि के दौरान आपका स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है. इस अवधि के दौरान व्यापार भी ें प्रभावित हो सकता है और आपको कुछ नुकसान का सामना भी करना पड़ सकता है.

वृषभ | Taurus

आपकी कुंडली में शनि छठे भाव में गोचर कर रहे हैं. छठे भाव से शत्रु, निराशा, दुख, ऋण, बीमारी, मातृ संबंध और रोग को देखा जाता है. शनि को इस भाव में शुभ माना जाता है. आप इस समय अपने शत्रुओं पर हावी रहेंगे.  अपने सभी दुश्मनों से मुक्त हो जाएंगे. इस अवधि में लंबे समय से चले आ रहे रोग से मुक्ति प्राप्त होगी. आपको विपरीत लिंगी के साथ से आपको आनंद की अनुभूति होगी. यदि शनि जन्म कुंडली में कमजोर है तो आपको गले से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. 

मिथुन | Gemini

आपकी कुंडली में शनि पांचवें भाव में विचरण कर रहे हैं. इस भाव से बुद्धि, संतान और प्रसिद्धि को देखा जाता है. यह परिवर्तन व्यापार, मानसिक तनाव, अकारण खर्च, एकाग्रता की कमी, अपने बच्चों से अलग होना और परिवार के भीतर कलह जैसी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है. लेकिन जो लोग इंजीनियरिंग में अपना कैरियर बनाने का सोच रहे हैं उन्हें इसमें सफलता प्राप्त हो सकती है. संतान के जन्म समय कुछ दिक़्क़तों का सामना करना पड़ सकता है. जो लोग सट्टा बाजार के कारोबार से जुड़े हुए हैं उन्हें कुछ लाभ मिल सकता है. कुल मिलाकर यह समय मिश्रित परिणाम लेकर आएगा. 

कर्क | Cancer

कर्क राशि वालों के लिए शनि चौथे भाव में विचरण करेंगे. इस भाव से माता, स्वयं की संपत्ति, भूमि, शिक्षा, और वाहन इत्यादि आते हैं. हालांकि शनि इस भाव में शनि अधिक शुभ नहीं होगें लेकिन उच्च राशि में होने के कारण हम कुछ मिश्रित परिणाम की उम्मीद कर सकते हैं. जो व्यक्ति अपने स्थानांतरण को लेकर प्रति़क्षा में हैं उन्हें अपनी इच्छा अनुसार किसी अच्छे स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है. विवादित भूमि पर अधिकार मिल सकता है. इस अवधि के दौरान आप खुश नहीं रह पाएंगे़ या आपको किसी अन्य के कारण चिंता बनी रह सकती है. माता का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है. अपने परिवार और दोस्तों से अलग हो सकते हैं. 

सिंह | Leo

सिंह राशि में शनि त���सरे भाव में गोचर करेंगे. यह भाव भाइयों और बहनों, साहस, लघु यात्राओं तत्काल संबंधों और लेखन को दर्शाता है. सिंह राशि वालों के लिए यह समय शुभ रहेगा. आप व्यापार में लाभ प्राप्त कर सकेंगे, इस अवधी के दौरान आप कानूनी लड़ाई में विजय प्राप्त करेंगे. आपके भाई-बहनों के लिए समय अनुकूल है. आप अपने लेखन कार्य में आनंद का अनुभव करेंगे. अपने कार्य स्थल पर प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में उभरेंगे. सभी रोगों से मुक्त होंगे और अपने प्रतिद्वंद्वियों पर हावी रहेंगे. 

कन्या | Virgo

कन्या राशि शनि की साढ़ेसाती से मुक्त हो रही है. कन्या राशि में शनि दूसरे भाव में विचरण करेंगे इस भाव में परिवार, चेहरा, भाषण, दाईं आँख, धन, मृत्यु के स्रोत को देखा जाता है. इस भाव में शनि का गोचर अनुकूल नहीं है यह आपकी पत्नी या परिवार अन्य सदस्य के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है. धन हानि हो सकती है, लेकिन उच्च राशि में होने के कारण बाधाओं के समाप्त होने पर पुन:लाभ प्राप्ति संभावना है. परिवार के सदस्यों में वैचारिक मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं. सुख सुविधाओं में कमी हो सकती है, आपको दूसरों से कुछ धन लाभ हो सकता है लेकिन यह सब से आप खुश नही रहेंगे. 

तुला | Libra

तुला राशि के लिए शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण आरंभ हो रहा है. केन्द्र और त्रिकोण में स्थित होने के कारण शनि सबसे महत्वपूर्ण ग्रह हैं. उच्च तथा प्रथम भाव में व्यक्तित्व, शारीरिक स्वास्थ्य स्थान में होने के कारण आपको मिश्रित परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. इस अवधि के तृतीय चरण के दौरान आपका स्वास्थ्य बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है. आपको अपने कार्य स्थान में पदोन्नति या वेतन वृद्धि मिल सकती है. जो व्यक्ति प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले हैं उनके लिए शनि शुभ परिणाम प्रदान करेगा. आपकी जन्म कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में है अत: सफलता प्राप्त होगी.  यदि आपकी पाचन शक्ति कमजोर है तो आपको बाजार के खाने से परहेज करना चाहिए आपको फूड पाइज़निंग हो सकती है. अग्नि से दूर रहें, जो लोग उच्च शिक्षा के लिए विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं उनके लिए समय अनुकूल है. 

वृश्चिक | Scorpio

वृश्चिक राशि के लिए शनि बारहवें भाव में गोचर करेंगे. यह भाव व्यय, हानि, दिव्य ज्ञान को दर्शाता है. तुला में गोचर करने से वृश्चिक राशि की साढ़े साती की शुरुआत है. शनि के उच्च स्थान में होने के कारण खर्च में बढ़ोतरी तथा हानि का सामना करना पड़ सकता है. आपको विदेश यात्रा का मौका मिल सकता है. आप अपने परिवार से दूर हो सकते हैं. इसके अतिरिक्त विवाहेतर संबंधों की संभावना भी बन सकती है. आपको यात्राओं के दौरान मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है. आप दुखी हो सकते हैं. चूंकि शनि उच्च राशि है अत: इस अवधि में आपको दिव्य ज्ञान को प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है. 

धनु | Sagittarius

धनु राशि के लिए शनि ग्यारहवें भाव में लाभ और सिद्धि तथा दोस्तों और दुख दर्द से मुक्ति के स्थान में गोचर करेंगे. यह एक शुभ स्थान है, इस अवधि के दौरान आपको धन कमाने के अनेक अवसर प्राप्त हो सकते हैं. विपरीत लिंग के प्रति आकर्षित होगें. यदि आप एक उद्यमी हैं, तो इस अवधि के दौरान आप उद्योगपति के रूप में स्थापित हो सकते हैं. कुल मिलाकर समय शुभ है आप इस समय का लाभ उठा सकते हैं. 

मकर | Capricorn

 मकर राशि के लिए शनि उच्च भाव में स्थित हैं जो कि व्यवसाय, कैरियर, मान-सम्मान का भाव है. इस गोचर के कारण आप अपने व्यवसाय में परिवर्तन कर सकते हैं. आपको अपने कार्य स्थल पर सम्मान प्राप्त हो सकता है. आपको धन संबंधित हानि हो और मान सम्मान में कमी का सामना करना पड़ सकता है. आप हृदय और फेफड़ों से संबंधित समस्याओं से प्रभावित हो सकते हैं. आप आय के साधनों में वृद्धि करेंगे.  समाज में अपने कार्य स्थान में आप अपनी पहचान स्थापित करेंगे. 

कुंभ | Aquarius

कुंभ राशि के लिए, शनि भाग्य और पिता स्थान में विचरण करेंगे. शनि उच्च राशि में स्थित होने तथा इसके द्वारा शासित होने के कारण स्वास्थ्य समस्याओं से निजात मिल सकेगी. दिल से संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है , लेकिन अधिक परेशान होने की आवश्यकता नहीं है. शनि के उच्च राशि में स्थित होने के कारण आप सभी मुसीबतों पर काबू पाने में सक्षम हो सकेंगे. आपको अपने कार्य में सफलता पाने के लिए कठिन परिश्रम करना होगा. लेकिन तथ्य यह है कि उच्च शनि आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और सफल होने की ताकत स्वत: ही प्रदान करेंगे. 

मीन | Pisces

मीन राशि के लिए शनि दीर्घायु, गुप्त अंग, अपमान, और हानि के भाव में गोचर करेंगे. शनि की ढैय्या आरंभ हो रही है इस कारण आपका स्वास्थ्य प्रभावित रहेगा, दुर्घटना की संभावना भी संभव है. आपको अपने परिवार के सदस्यों से सहयोग नहीं मिलेगा. आपको अपने परिवार से दूर हो सकते हैं. जो लोग अंतर्राष्ट्रीय विपणन में अपने कैरियर और व्यवसाय की योजना बना रहे हैं या विदेशी बाजारों के साथ काम कर रहे हैं उनके लिए अच्छी संभावनाएं हैं. इसके विपरीत, उच्च का शनि कठिन काम के लिए सकारात्मक परिणाम उत्पन्न करेगा. 

शनि कि साढेसाती पर रिपोर्ट पाने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें : शनि की साढे़साती