Articles in Category saint and sages

वेदव्यास ऋषि - ज्योतिष का इतिहास | Saint Vedvyas - The History of Astrology | Kashyap Rishi

ऋषि वेद व्यास को ऋषि पराशर का पुत्र माना गया है. आधुनिक काल में जो ज्योतिष का जो रुप प्रयोग में लाया जाता है, वह पराशरी ज्योतिष का ही एक अंग है. ऋषि वेद्व्यास न केवल ज्योतिष को जन्म देने वाले 18

ऋषि अत्रि - ज्योतिष का इतिहास | Rishi Atri - History of Astrology

ज्योतिष के इतिहास से जुडे 18 ऋषियों में से एक थे ऋषि अत्रि. एक मान्यता के अनुसार ऋषि अत्रि का जन्म ब्रह्मा जी के द्वारा हुआ था. भगवान श्री कृ्ष्ण ऋषि अत्रि के वंशज माने जाते है. कई पीढीयों के बाद ऋषि

पितामह सिद्धान्त | Pitahma Siddhanta - History of Astrology | Pitahma Siddhanta Description

सिद्धान्त, संहिता और होरा शास्त्र ज्योतिष के तीन स्कन्ध ज्योतिष की तीन भाग है. इसमें भी सिद्वान्त ज्योतिष सर्वोपरि है. सिद्वान्त ज्योतिष को बनाने में पौराणिक काल के उपरोक्त 18 ऋषियों ने अपना

भास्काराचार्य शास्त्री - ज्योतिष का इतिहास | Bhaskar Acharya Shastri- History of Astrology | Bhaskar Acharya Shastri Scriptures

ज्योतिष की इतिहास की पृ्ष्ठभूमि में वराहमिहिर और ब्रह्मागुप्त के बाद भास्काराचारय के समान प्रभावशाली, सर्वगुणसम्पन्न दूसरा ज्योतिषशास्त्री नहीं हुआ है. इन्होने ज्योतिष की प्रारम्भिक शिक्षा अपने पिता

ऋषि गर्ग- ज्योतिष का इतिहास | Rishi Garg - History of Astrology | Garga Samhita | Narad Puran

ज्योतिष के प्रमुख 18 ऋषियों में गर्ग ऋषि का नाम भी आता है. ऋषि गर्ग ने ज्योतिष के क्षेत्र में आयुर्वेद और वास्तुशास्त्र पर महत्वपूर्ण कार्य किया.  गर्ग पुराण में ज्योतिष के मुख्य नियमों का

ऋषि भृ्गु- ज्योतिष का इतिहास | Bhrigu Samhita - History of Astrology | Bhragu Smriti | Bhaskar Acharya

ऋषि भृ्गु उन 18 ऋषियों में से एक है. जिन्होने ज्योतिष का प्रादुर्भाव किया था. ऋषि भृ्गु के द्वारा लिखी गई भृ्गु संहिता ज्योतिष के क्षेत्र में माने जाने वाले बहुमूल्य ग्रन्थों में से एक है. भृ्गु

ऋषि नारद - ज्योतिष का इतिहास | Rishi Narada - History of Astrology | | Narad Puran Vastu Scripture

ऋषि नारद भगवान श्री विष्णु के परमभक्त के रुप में जाने जाते है. श्री नारद जी के द्वारा लिखा गया नारदीय ज्योतिष ज्योतिष के क्षेत्र की कई जिज्ञासा शान्त करता है. इसके अतिरिक्त इन्होने वैष्णव पुराण की भी

ब्रह्मागुप्ता ज्योतिषाचार्य- ज्योतिष का इतिहास | Brahmagupta Jyotishacharya - History of Astrology

ब्रह्मागुप्ता "ब्रह्मस्फुट सिद्धान्त" व खण्डखाद्यक नाम के दो ज्योतिष ग्रन्थों की रचना की. यह माना जाता है, कि जिस समय इन ग्रन्थों की रचना हुई उस समय बौद्ध धर्मालम्बियों व सनातनधर्मियों में आपस में

साई बाबा व्रत कथा | Sai Baba Vrat Katha in Hindi | Sai Baba Fast Story | Shirdi Sai Baba

एक शहर में कोकिला नाम की स्त्री और उसके पति महेशभाई रहते थे. दोनों का वैवाहिक जीवन सुखमय था. दोनों में आपस में स्नेह और प्रेम था. पर महेश भाई कभी कभार झगडा करने की आदत थी. परन्तु कोकिला अपने पति के

आर्यभट्ट प्रथम -ज्योतिष का इतिहास | Aryabhatt Pratham - History of Astrology | Aryabhatt Astrology Explanation

ज्योतिष का वर्तमान में उपलब्ध इतिहास आर्यभट्ट प्रथम के द्वारा लिखे गए शास्त्र से मिलता है. आर्यभट्ट ज्योतिषी ने अपने समय से पूर्व के सभी ज्योतिषियों का वर्णन  विस्तार से किया था. उस समय के

कश्यप ऋषि- ज्योतिष का इतिहास | Kashyap Rishi - History of Astrology

ऋषि कश्यप का नाम, भारत के वैदिक ज्योतिष काल में सम्मान एक साथ लिया जाता है. ऋषि कश्यप नें गौत्र रीति की प्रारम्भ करने वाले आठ ऋषियों में से एक थे. विवाह करते समय वर-वधू का एक ही गौत्र का होने पर

वशिष्ठ सिद्धान्त- सिद्धान्त ज्योतिष - ज्योतिष इतिहास | Vashishtha Siddhanta ( Siddhanta Jyotish ) History of Astrology | Romaka Siddhanta

भारत में ज्योतिष का प्रारम्भ कब से हुआ, यह कहना अति कठिन है. इसे प्रारम्भ करने वाले शास्त्री कौन से है. उनका उल्लेख स्पष्ट रुप से मिलता है. उनमें सूर्य, पितामह, व्यास, वशिष्ठ, अत्रि, पराशर, कश्यप,

सूर्य सिद्धांत | Surya Siddhanta - History of Astrology | Ancient Indian Astrology| Pitahma Siddhanta Description

वैदिक ज्योतिष के गर्भ में झांकने पर ज्योतिष के अनसुलझे रहस्य परत दर परत खुलते जाते है. वैदिक ज्योतिष से परिचय करने में वेद और प्राचीन ऋषियों के शास्त्र, सिद्धान्त हमारे मार्गदर्शक का कार्य करते है.

साईं बाबा व्रत पूजा | Shri Sai Baba Vrat - Shirdi Sai Baba (Sai Vrat Udyapan)

साई बाबा व्रत को कोई भी व्यक्ति कर सकता है. इस व्रत को करने के नियम भी अत्यंत साधारण है. साई बाबा अपने भक्तों की हर इच्छा पूरी करते है. उनकी कृ्पा से सभी की मनोकामनाएं पूरी होती है. मांगने से पहले ही

रोमक सिद्वान्त- ज्योतिष का इतिहास | Romaka Siddhanta - History of Astrology

प्राचीन काल में ज्योतिष अपने सर्वोत्तम स्तर पर था. मध्य काल में इस विद्या के शास्त्रों को न संभाल पाने के कारण उस समय के सही प्रमाण हमारे पास आज पूर्ण रुप से उपलब्ध नहीं है. उस समय के के शास्त्री

ऋषि पुत्र- ज्योतिष का इतिहास | Rishi Putra - History of Astrology | Rishi Putra Shakun Shastra| Aryabhatt Astrology Explanation

ऋषि गर्ग के पुत्र ऋषिपुत्र कहलायें. अपने पिता के समान ये ज्योतिष के विद्वान थे. इनके विषय में मिले ज्योतिष अवशेषों से यह ज्ञात होता है, कि इन्हें ज्योतिष पर कई शास्त्र लिखें, जिसमें से आज एक शास्त्र

मनु संहिता- ज्योतिष का इतिहास | Manu-Samhita | History of Astorlogy | What is Manusmriti । Surya Pragyapati।

ज्योतिष के इतिहास में ऋषि मनु को विशेष आदर-सम्मान प्राप्त है,  मनु ऋषि ने कई ज्योतिष ग्रन्थों की रचना करने के साथ साथ कई धार्मिक ग्रन्थों की भी रचना की. इनके द्वारा लिखे गये कुछ ग्रन्थों में से

पराशर सिद्धान्त - ज्योतिष का इतिहास | Parashara Siddhanta- History of Astrology | Brihat Parasara Hora Shastra | Brahmagupta Jyotishacharya

नारद और वशिष्ठ के फलित ज्योतिष सिद्धान्तों के संबन्ध में आचार्य पराशर रहे है. आचार्य पराशर को ज्योतिष के इतिहास की नींव कहना कुछ गलत न होगा. यह भी कहा जाता है, कि कलयुग में पराशर के समान कोई ज्योतिष

चोरी का सामान कहाँ है | Place Where Stolen Goods are Kept

प्रश्न कुण्डली के द्वारा इस बात का अनुमान लगाया जा सकता है कि चोरी किया सामान कहाँ हैं. शहर में ही है या शहर से दूर चला गया है अथवा घर के आस-पास ही है. * मेष लग्न यदि प्रश्न कुण्डली में उदय होता हो

वराहमिहिर- ज्योतिष का इतिहास | Varahamihira - History of Astrology | Varahamihira Scriptures (Varahamihira Books Name) | Rishi Atri

वराहमिहिर ज्योतिष लोक के सबसे प्रसिद्ध ज्योतिष शास्त्रियों में से रहे है.  वराहमिहिर के प्रयासों ने ही ज्योतिष को एक विज्ञान का रुप दिया. ज्योतिष के क्षेत्र में इनके योगदान की सराहना जितनी की
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