surya_grahan
surya_grahan

सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का देशो पर प्रभाव
Surya Grahan's Effect on Countries

surya grahan इस वर्ष 15/16 फरवरी, 13 जुलाई और 11 अगस्त 2018 को लगने वाले सूर्य ग्रहण भारत में दृष्य नहीं होंगे. यह सूर्य ग्रहण अन्य देशों में दिखाई देंगे. भारत में 31 जनवरी ओर 27/28 जुलाई 2018 को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा.


सूर्य ग्रहण की सीमा में आने वाले मुख्य देश (The states in the zones of Solar Eclipse)

15/16 फरवरी को लगने वाला सूर्यग्रहण साउथ अमेरिका और अटलांटिक में दिखेगा. 13 जुलाई 2018 को लगने वाले खण्डग्रास सूर्य ग्रहण का प्रभाव आस्ट्रेलिया के सुदूर दक्षिणी भागों में, प्रशांत एवं हिन्द महासागर में दिखाई देगा. साथ ही 11 अगस्त को लगने वाले खण्डग्रास सूर्य ग्रहण का प्रभाव उत्तर दक्षिण कोरिया, उत्तरी अमेरिका में कैनेडा के सुदूर उत्तर पूर्वी क्षेत्र, उत्तरी एटलांटिक महासागर में में दिखाई देगा.


वर्ष 2018 में चंद्र और सूर्य ग्रहण लगेगें, जो निम्न तिथियों में रहेगें.

  1. 31 जनवरी खग्रास चंदग्रहण 2018 को ग्रहण.
  2. 15/16 फरवरी 2018 को सूर्य ग्रहण.
  3. 13 जुलाई 2018 को खण्डग्रास सूर्य ग्रहण
  4. 27/28 जुलाई 2018 खग्रास चंद्र ग्रहण
  5. 11 अगस्त 2018 को खण्डग्रास , सूर्य ग्रहण.


ग्रहण का सूतक अर्थात अशुद्ध समय (The Sutak time for Surya Grahan)

सूतक काल में बालकों, वृ्द्ध, रोगी व गर्भवती स्त्रियों को छोडकर अन्य लोगों को सूतक से पूर्व भोजनादि ग्रहण कर लेना चाहिए. तथा सूतक समय से पहले ही दूध, दही, आचार, चटनी, मुरब्बा में कुशा रख देना श्रेयस्कर होता है. ऎसा करने से ग्रहण के प्रभाव से ये अशुद्ध नहीं होते है.परन्तु सूखे खाने के पदार्थों में कुशा डालने की आवश्यक्ता नहीं होती है.


ग्रहण अवधि में किये जाने वाले कार्य (Things to do during the Grahan)

ग्रहण के स्पर्श के समय में स्नान, ग्रहण मध्य समय में होम और देव पूजन और ग्रहण मोक्ष समय में श्राद्ध और अन्न, वस्त्र, धनादि का दान और सर्व मुक्त होने पर स्नान करना चाहिए.


तीर्थ स्थलों में जल स्नान का महत्व (Importance of Dips in holy places during the Eclipse)

स्नान के लिये प्रयोग किये जाने वाले जलों में समुद्र का जल स्नान के लिये सबसे श्रेष्ठ कहा गया है. ग्रहण में समुद्र नदी के जल या तीर्थों की नदी में स्नान करने से पुन्य फल की प्राप्ति होती है. किसी कारण वश अगर नदी का जल स्नान करने के लिये न मिल पाये तो तालाब का जल प्रयोग किया जा सकता है.वह भी न मिले तो झरने क जल लेना चाहिए. इसके जल श्रेष्ठता में इसके बाद भूमि में स्थित जल को स्नान के लिये लिया जा सकता है.


ग्रहण में ध्यान देने योग्य अन्य बातें (Important things to remember during surya grahan)

ग्रहण के समय धारण किये हुए वस्त्र आदि को ग्रहण के पश्चात धोकर व शुद्ध करके ही धारण करने का विचार है.