दुर्घटना तथा हिंसा के योग वाले हस्त लक्षण | Yogas for Accidents and Violence in Palmistry

हस्त लक्षणो के आधार पर व्यक्ति की अच्छाई तथा बुराई दोनो का ही पता चलता है. व्यक्ति दुर्घटना ग्रस्त हो सकता है या वह हिंसक प्रवृति का तो नहीं है आदि बातों का पता हस्त लक्षणों को देखकर पता चल सकता है. आज हम इन्ही हस्त लक्षणो की बात करेगें.

दुर्घटना के योग वाले हस्त लक्षण | Yogas related to Accidents

आइए सबसे पहले आपके सामने दुर्घटनाएँ होने के योग बताते हैं. किसी एक बात को देखकर कभी कुछ अंदाज नहीं लगाना चाहिए, अन्य बातों का अध्ययन भी जरुरी है. हाथ में आक्रामक मंगल क्षेत्र अत्यधिक विकसित हो तथा मस्तिष्क रेखा, जीवन रेखा या हृदय रेखा टूटी हो तो आयु विशेष में व्यक्ति वाहन से दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है.

किसी व्यक्ति की हथेली भारी हो तो भी दुर्घटना होने की संभावना बनती है क्योकि भारी हथेली के व्यक्ति जोशीले होते हैं, आवेश में आकर जल्दी ही निर्णय ले लेते हैं. ऎसी भावावेश की स्थिति में उन्हें वाहन नहीं चलाना चाहिए.

यदि अनामिका अंगुली लंबी हो, भारी तथा चौड़ी हथेली हो तो ऎसा व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में जोखिम उठाने को तैयार रहता है. वाहन दुर्घटना की संभावना ऎसे हस्त लक्षण वालो के साथ बनती है.

ऊपर बताए लक्षण के साथ मस्तिष्क रेखा, जीवन रेखा और हृदय रेखा में बने दोष दुर्घटना के योगो को बढ़ा देते हैं. शनि रेखा तथा जीवन रेखा जीवन के जिस काल में दूषित हो रही होती है उस समय दुर्घटना की संभावना बनती है.

तीन मुख्य रेखाओ जीवन, हृदय तथा मस्तिष्क रेखा के दोषो के आधार पर भविष्यवाणी करने की बजाय अन्य लक्षणो को भी देखना चाहिए. रेखाओ के दोष के साथ पर्वत तथा अंगुलियों का भी अध्ययन किया जाना चाहिए कि उनमें कोई दोष या क्रॉस या रुकावट तो नहीं हैं.

मुख्य रेखा मस्तिष्क, जीवन या हृदय टूटने के साथ आक्रामक मंगल अविकसित हो, कनिष्ठिका की ओर वाला हथेली का भाग विकसित तो मानसिक परेशानी बताता है जो एक तरह से मानसिक दुर्घटना ही है.

बुध पर्वत, रक्षात्मक मंगल व चंद्र पर्वत विकसित हों और साथ ही मस्तिष्क रेखा टूटी हो तो सिर दर्द बने रहने की संभावना होती है. बुध पर्वत, रक्षात्मक मंगल व चंद्र पर्वत विकसित हों और हृदय रेखा में दोष हो तब व्यक्ति को भावनात्मक आघात पहुंचता है.

बुध पर्वत, रक्षात्मक मंगल व चंद्र पर्वत विकसित हों और जीवन रेखा दूषित हो तब पारीवारिक व आर्थिक समस्याओं का सामना बताता है.

हिंसक प्रवृति वाले व्यक्ति के हस्त लक्षण | Yogas related to Violence

आइए अब हिंसा करने वाले व्यक्तियों के हाथो के लक्षण जानने का प्रयास करते हैं. हथेली का रंग लाल हो, चौड़ा तथा भारी हाथ हो, आक्रामक मंगल व शुक्र पर्वत विकसित हो तो ऎसा व्यक्ति आवेशी होकर हिंसा करता है. उसे गुस्सा बहुत आता है और गुस्से में वह होश गंवा कर हिंसक हो जाता है.

चौड़ा,भारी व लाल हाथ, शुक्र पर्वत विकसित तथा आक्रामक मंगल पर क्रॉस के साथ अंगुलियाँ व अंगूठा छोटा व मोटा हो, हाथ में केवल मुख्य रेखाएँ हों और वह गहरी हो तो व्यक्ति आवेश में आकर हिंसा करता है.

अंगुलियाँ लंबी और हाथ पतला, सफेद व ठंडा हो, बुध व शनि पर्वत विकसित हो, हृदय रेखा छोटी या हो ही ना ऎसा व्यक्ति योजनाबद्ध तरीके से हिंसा करता है. यदि किसी व्यक्ति के हाथ में मस्तिष्क रेखा लंबी और बुध पर्वत की ओर मुड़ी हो तब षडयंत्रकारी पकड़ा नहीं जाता है.

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