हस्त रेखा तथा यात्रा योग | Analysing Yogas for Journeys through Palmistry

हस्तरेखाओं के माध्यम से हम जीवन के बहुत से योगो तथा होने वाली घटनाओ के बारे में जान सकते हैं. कई बार यह हस्त लक्षण दिशाविहीन व्यक्ति को दिशा प्रदान करने में सहायक होते हैं. आज हम हस्त रेखाओ के माध्यम से यात्रा के योगों के बारे में बताने का प्रयास करेगें.

जीवन रेखा तथा चंद्र पर्वत | Life Line and Moon Mount

इस स्लाईड में हम चंद्र पर्वत तथा जीवन रेखा के संबंध को देखेगें. यात्रा देखने के लिए चंद्र पर्वत का हाथ में मुख्य स्थान होता है क्योकि चंद्र जल तत्व ग्रह होता है और यात्रा करने के लिए समुद्र पार करना ही पड़ता है. पुराने समय में व्यक्ति वैसे भी जल यात्राएँ कर के ही विदेश पहुंचता था.

जीवन रेखा से कोई शाखा निकलकर यदि चंद्र पर्वत तक जाए तो व्यक्ति की विदेश यात्रा होती है. हथेली में जीवन रेखा दो शाखाओं मे विभाजित हो रही हो. एक शाखा शुक्र पर्वत को घेरे और दूसरी शाखा चंद्र पर्वत पर जाए तो व्यक्ति अनेको यात्राएँ करता है. यदि शुक्र पर्वत को घेरनी वाली रेखा गहरी हो तब व्यक्ति यात्रा करके घर वापिस आ जाता है. यदि चंद्र पर्वत की ओर जाने वाली शाखा ज्यादा गहरी हो तो व्यक्ति परदेस में ही बस जाता है.

चंद्र पर्वत, गुरु पर्वत और हथेली का अध्ययन | Analysis of Moon mount, Jupiter mount and Your wrist

अब हम चंद्र पर्वत का संबंध गुरु पर्वत तथा कलाई से बनने पर यात्रा के योगो की बात करेगें. चंद्र पर्वत से निकलकर गुरु पर्वत तक जाने वाली रेखा यात्रा का संकेत देती है और यह यात्राएँ बहुत ही सौभाग्यशाली मानी जाती है.

हाथ की कलाई से चंद्र पर्वत पर जाने वाली रेखाएँ भी यात्रा होने के विषय में बताती है. हथेली के मोटे भाग से यदि चंद्र पर्वत पर कुछ रेखाएँ प्रवेश कर रही हैं तो यह यात्राओं का संकेत होता है. चंद्र पर्वत पर मछली का चिन्ह बना हो तब भी व्यक्ति के हाथ में विदेश यात्राओ के योग होते हैं.

चंद्र पर्वत तथा यात्राओ के अन्य योग | Other Yogas for journeys related to Moon mount

आइए यात्राओ के संदर्भ में हाथ के कुछ अन्य योगो का अध्ययन करते हैं. मोटी शनि रेखा यदि मस्तिष्क रेखा पर आकर रुक जाए और मस्तिष्क रेखा के दूसरी ओर से फिर एक अन्य पतली सी शनि रेखा का पुन्: आरंभ हो रहा हो तब उस आयु में व्यक्ति की विदेश यात्रा होती है.

चंद्र पर्वत विकसित हो और बुध रेखा एकदम स्पष्ट हो तब भी विदेश यात्राएँ होती हैं. ह्रदय रेखा के समानांतर रेखा चल रही हो और चंद्र पर्वत पुष्ट हो तो यात्राएँ होती हैं.

यात्राओं के संदर्भ में सामान्य विश्लेषण | General Rules for Journeys

आइए यात्राओं के संदर्भ में कुछ बातों का और अध्ययन करते हैं. विदेश यात्राओं के लिए रेखाओं का निर्दोष होना आवश्यक है. हाथ में बनी अच्छी और निर्दोष रेखाएँ यात्रा के लिए सौभाग्यवर्द्धक होती हैं. व्यक्ति इन यात्राओ से सुख पाता है.

हाथ की दूषित रेखाएँ यात्रा से होने वाली परेशानी के बारे में बताती है. व्यक्ति की जो यात्रा अचानक किसी कारण से होती है उसके लक्षण हाथ में नहीं होते हैं. यात्रा का समय शनि रेखा के मोटा अथवा पतला होने से जान सकते हैं अथवा शनि रेखा कब दूषित अथवा निर्दोष हो रही है आदि बातों से भी यात्रा होने का समय ज्ञात किया जा सकता है. सूर्य रेखा जिस समय में उदित होती है उस समय में भी यात्राएँ होती हैं.

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