भाग्यांक जानने के लिये, जन्म तिथि, जन्म माह तथा जन्म वर्ष की आवश्यकता होती है. भाग्याँक को संयुक्त रूप से अंकों को जोड़ कर प्राप्त किया जाता है. भाग्यांक में जन्म तिथि, जन्म माह तथा जन्म वर्ष का योग (जोड़) करना होता है और जो योग प्राप्त होता है वही भाग्यांक कहलाता है जैसे किसी व्यक्ति का
भाग्यांक जानने के लिये, जन्म तिथि, जन्म माह तथा जन्म वर्ष की आवश्यकता होती है. भाग्याँक को संयुक्त रूप से अंकों को जोड़ कर प्राप्त किया जाता है. भाग्यांक में जन्म तिथि, जन्म माह तथा जन्म वर्ष का योग(जोड़) करना होता है और जो योग प्राप्त होता है वही भाग्यांक कहलाता है जैसे किसी व्यक्ति का
भाग्याँक को संयुक्त रूप से अंकों को जोड़ कर प्राप्त किया जाता है. भाग्यांक जानने के लिये, जन्म तिथि, जन्म माह तथा जन्म वर्ष की आवश्यकता होती है. भाग्यांक में जन्म तिथि, जन्म माह तथा जन्म वर्ष का योग(जोड़) करना होता है और जो योग प्राप्त होता है वही भाग्यांक कहलाता है जैसे किसी व्यक्ति का जन्म 23
भाग्याँक को संयुक्त रूप से अंकों को जोड़ कर प्राप्त किया जाता है. भाग्यांक जानने के लिये, जन्म तिथि, जन्म माह तथा जन्म वर्ष की आवश्यकता होती है. भाग्यांक में जन्म तिथि, जन्म माह तथा जन्म वर्ष का योग(जोड़) करना होता है और जो योग प्राप्त होता है वही भाग्यांक कहलाता है जैसे किसी व्यक्ति का जन्म
भाग्यांक जानने के लिये, जन्म तिथि, जन्म माह तथा जन्म वर्ष की आवश्यकता होती है. भाग्यांक में जन्म तिथि, जन्म माह तथा जन्म वर्ष का योग(जोड़) करना होता है और जो योग प्राप्त होता है वही भाग्यांक कहलाता है जैसे किसी व्यक्ति का जन्म 24 दिसंबर 1967 है तो उसका भाग्यांक इस प्रकार प्राप्त कर सकते
अंक शास्त्र में भाग्यांक 1 अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है. भाग्यांक द्वारा कोई भी व्यक्ति अपना व्यवसाय व कैरियर तथा अन्य उपयोगी बातों को जान सकता है. अंक ज्योतिष में भाग्यांक को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है. मूलांक से भी प्रभावशाली भाग्यांक रहा है, भाग्यांक जीवन का वह महत्वपूर्ण अंक जिसके
अंक शास्त्र व्यक्ति के बारे में जानने का एक सरल और सुगम माध्यम रहा है. अंक शास्त्र में मौजूद विधियों द्वारा मनुष्य के व्यवहार, जीवन चरित्र इत्यादि के विषय में जाना जा सकता है. इसी क्रम में एक विधि है भाग्यांक, यह एक महत्वपूर्ण अंक प्रयोग है. भाग्यांक, को जीवनचक्रांक (Life Cycle Number) जीवन-पथ
मूलांक 9 एक विशेष अंक है, इस मूलांक का स्वामी मंगल ग्रह है. मंगल क्रोधी ग्रह है अत: इसे युद्ध का देवता भी कहा जाता है इस कारण मूलांक 9 में मंगल के प्रभाव स्वरूप इस मूलांक में उग्रता को देखा जा सकता है. किसी भी माह की 9, 18 ओर 27 तारीख को जन्मे व्यक्तियों का
मूलांक 8 का स्वामी ग्रह शनि को माना जाता है इस कारण मूलांक आठ के जातकों पर शनि का प्रभाव देखा जा सकता है. पाश्चात्य मूलांक ज्योतिषियों के मतानुसार भी मूलांक आठ के व्यक्ति शनि के प्रभाव से युक्त होते हैं. 8, 17, 26 तारीखों में जन्मे जातकों का मूलांक 8 होता है. मूलांक आठ के व्यक्ति
मूलांक सात का स्वामी ग्रह केतु है. और इस कारण मूलांक 7 के जातक केतु ग्रह से प्रभावित रहते हैं. किसी भी माह की 7, 16, 25 तारीख को जन्मे व्यक्तियों का मूलांक 7 होता है. पाश्चात्य विद्वान मूलांक 7 का स्वामी नेपच्यून ग्रह को मानते हैं. नेप्च्यून का स्वभाव ''वरुण'' के समान माना गया है अत: यह जातक
मूलांक छ वाले अपने काम के प्रति समर्पित एवं कार्यों को करने मे दृढ़ रहते हैं. मूलांक 6 शुक्र से प्रभावित होने के कारण प्रेम का प्रतीक होता है, इनका प्रेम मातृत्व भाव से युक्त होता है. शुक्र के प्रभाव स्वरूप यह सौन्दर्य प्रेमी, कलात्मक के प्रति आकर्षित एवं संगीत के प्रति रुझान लिए
जिन व्यक्ति का जन्म किसी भी महीने की 5,14,व 23 तारीख को हुआ हो उनका मूलांक 5 होता है. मूलांक 5 का मुख्य ग्रह बुध है, जो बुद्धि का प्रतीक है. इस मूलांक के व्यक्ति बहुत सचेत एवं विनोद प्रिय, झगडों से दूर रहने वाले तथा ज्ञान से पूर्ण होते हैं. मूलांक 5 के लोगों में कुछ लोग हठी स्वभाव के भी होते
मूलांक चार मूलांक ज्योतिष के प्रमुख अंकों में से एक है. मूलांक 4 को सूर्य के धनात्मक रूप अथवा राहु का परिचायक माना जाता है. भारतीय अंकशास्त्र में 4 मूलांक का अधिष्ठाता ग्रह राहु है और पाश्चात्य मतानुसार मूलांक 4 के प्रतिनिध ग्रह ''हर्षल'' अर्थात यूरेनस को माना जाता है. मूलांक 4 का संबंध सूर्य
मूलांक तीन अंक शास्त्र का एक प्रभावशाली मूलांक है. मूलांक तीन के अधिष्ठाता ग्रह बृहस्पति हैं अत: मूलांक तीन के व्यक्तियों पर गुरू ग्रह का बहुत प्रभाव होता है. पाश्चात्य ज्योतिष अनुसार भी इस मूलांक के जातक गुरु (बृहस्पति) के प्रभाव से युक्त रहते हैं. मूलांक तीन को त्रिभुज का परिचायक माना जाता
अंक शास्त्र में दो मूलांक अपना विशेष स्थान रखता है. मूलांक दो का स्वामी ग्रह चंद्रमा को माना गया है. चंद्रमा शितलता का कारक है यही अंतर्मन की भावनाओं का संचालन भी करता है. हमारे भीतर की शितलता उसी का आधार है. अशुभ चंद्रमा मानसिक तनाव देता है, इसके साथ ही मानसिक बीमारियाँ भी चंद्रमा के कारण होती
ज्योतिष कि विद्याओं में अंक विद्या भी एक महत्वपूर्ण विद्या है. अंक विद्या में ‘1’ मूलांक को सूर्य का मूलांक कहा गया है. एक मूलांक को सौभाग्य मूलांक (Destiny Number/ Lucky Number) कहा जाता है. यह नम्बर परिवर्तनशील है. व्यक्ति के नाम के अक्षरों के कुल योग से बनने वाले मूलांक को सौभाग्य
मूलांक क्या है और यह किस प्रकार जाना जा सकता है इसके बारे में कुछ तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं. इन महत्वपूर्ण तथ्यों द्वारा मूलांक ज्ञात किया जा सकता है. अपने बारे में जानने का और भविष्य में घटने वाली घटनाओं का अनुमान लगाने का अंक ज्योतिष एक सरल व सुगम माध्यम बनता है. मूलांक को अंग्रेजी
अंक ज्योतिष एक महत्वपूर्ण विद्या है, जिसके द्वारा अंकों के माध्यम से व्यक्ति के विषय एवं उसके भविष्य को जानने का प्रयास किया जाता है. अंक ज्योतिष में अंकों के माध्यम द्वारा गणित के नियमों का व्यवहारिक उपयोग करके मनुष्य के विभिन्न पक्षों, उसकी विचारधारा , जीवन के विषय

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